प्रताप और प्रभात ने अगर पूनम की बात को गंभीरता से लिया होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती. इस कहानी में यह कहना भी मुश्किल है कि इस के लिए जिम्मेदार इश्क मां का था या बेटी का.