राजस्थान के बारां जिले में एक थाना कस्बा है छीपा बड़ौद. इसी थाने का एक गांव है खजूरिया. 29 जुलाई, 2017 की रात को रुकरुक कर बारिश हो रही थी. सुबह के समय बारिश बंद हो गई तो गांव के कुछ बच्चे सुबह 7, पौने 7 बजे जब उत्कृष्ट उच्च प्राथमिक स्कूल पहुंचे तो स्कूल के बरामदे में एक युवक की लाश देख कर घबरा गए.

स्कूल खुलने का समय हो गया था. लेकिन उस समय तक स्कूल के अध्यापक और प्रधानाध्यापक नहीं आए थे. इसलिए घबराए बच्चों ने गांव वालों को स्कूल में लाश पड़ी होने की जानकारी दे दी.

बच्चों की सूचना पर गांव वाले वहां पहुंचे तो उन्होंने लाश को तुरंत पहचान लिया. लाश गांव के ही रहने वाले रामकल्याण के बेटे निर्मल मालव की थी. वह चार्टर्ड एकाउंटेंट था. इस घटना से एक सप्ताह पहले ही चार्टर्ड एकाउंटेंट की फाइनल परीक्षा का परिणाम आया था. चार्टर्ड एकाउंटेंट बन जाने से उस के घर के लोग काफी खुश थे. गांव वाले भी खुश थे.

सीए बनने के बाद वह 2 दिन पहले ही जयपुर से अपने गांव आया था. उस की मौत की खबर सुन कर परिजनों पर जैसे गमों का पहाड़ टूट पड़ा था. पता नहीं किस ने रामकल्याण मालव के परिवार की खुशियां छीन ली थीं. निर्मल की लाश मिलने से पूरे गांव में शोक सा छा गया था.

इसी बीच किसी ने पुलिस को भी फोन से सूचना दे दी. कुछ देर में ही छीपा बड़ौद थाना पुलिस खजूरिया गांव आ गई. थानाप्रभारी रतन सिंह भाटी ने मौकामुआयना किया.

निर्मल के शव के गले में रस्सी बांधे जाने के निशान थे. मौके पर उस का चश्मा, छाता और चप्पलें पड़ी हुई थीं. स्थिति देख कर लग रहा था कि निर्मल की हत्या गला घोंट कर की गई थी. निर्मल के पास मोबाइल भी था, लेकिन वह मौके पर नहीं मिला. इस से यह अनुमान लगाया गया कि हत्यारे उस का मोबाइल भी ले गए होंगे.

चार्टर्ड एकाउंटेंट की हत्या एक गंभीर मामला था, इसलिए थानाप्रभारी ने अपने उच्चाधिकारियों को भी वारदात की सूचना दे दी. कुछ देर बाद ही बारां के एसपी डी.डी. सिंह, एडिशनल एसपी मनोज चौधरी, छबड़ा के डीएसपी प्रदीप सिंह हापावत आदि मौके पर पहुंच गए. अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर लोगों से पूछताछ की.

निर्मल के पिता रामकल्याण मालव से भी पूछताछ की गई. उन्होंने बताया कि न तो गांव में उन की किसी से कोई दुश्मनी थी और न ही किसी अन्य आदमी से ऐसी कोई बात थी जो निर्मल को मार सके.

शुरुआती जांच में पुलिस के सामने ऐसी कोई बात नहीं आई, जिस से निर्मल की हत्या का कारण पता चल पाता. एसपी के आदेश पर कोटा से विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम भी मौके पर आ गई.

मौके की जरूरी काररवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने निर्मल के शव को छीपा बड़ौद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया. अस्पताल में मैडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद निर्मल का शव उस के घर वालों को सौंप दिया गया. पुलिस ने उसी दिन रामकल्याण मालव की तरफ से अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया.

कोटा रेंज के आईजी विशाल बंसल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बारां एसपी को कुछ जरूरी हिदायतें दीं. इस के बाद एडिशनल एसपी मनोज चौधरी ने छबड़ा के डीएसपी प्रदीप कुमार हापावत के निर्देशन में एक पुलिस टीम गठित की. टीम में थानाप्रभारी रतन सिंह भाटी, एसआई रामहेतार, एएसआई भंवर सिंह आदि को शामिल किया गया.

पुलिस टीम ने उसी दिन खजूरिया गांव पहुंच कर जांचपड़ताल शुरू कर दी. पुलिस ने सब से पहले रामकल्याण मालव के बारे में गांव के लोगों से जानकारी जुटाई. परिवार वालों ने पुलिस को बताया कि निर्मल 27 जुलाई, 2017 को ही जयपुर से गांव आया था.

रात 2 बजे तक जब निर्मल घर नहीं लौटा तो घर वाले परेशान हो गए. किसी की समझ में नहीं आया कि बेटा आखिर आधी रात के समय घर से बाहर क्यों गया? इस दौरान पिता ने निर्मल का फोन नंबर मिलाया. किसी ने फोन रिसीव तो किया पर बात नहीं हो पाई. उन्होंने फिर फोन मिलाया तो नंबर बंद मिला.

तब उन्होंने निर्मल के दोस्तों को रात में ही फोन कर के उस के बारे में पूछा, लेकिन किसी से निर्मल के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. फिर उन्होंने रिश्तेदारों को भी फोन किए लेकिन कुछ पता नहीं चला.

आखिर वे निर्मल को तलाशने के लिए घर से निकल पड़े. रात का समय था. बारिश भी हो रही थी. ऐसे में काफी देर तक वह उसे इधरउधर ढूंढते रहे लेकिन कुछ पता नहीं चला.

पुलिस को मौके पर निर्मल का मोबाइल फोन नहीं मिला था. इसलिए पुलिस ने मोबाइल के सहारे ही जांच आगे बढ़ाने का फैसला किया. उस के मोबाइल की काल डिटेल्स निकलवाई गई. उसी के आधार पर पुलिस ने दूसरे ही दिन यानी 30 जुलाई को निर्मल मालव की पत्नी सीमा और उस के प्रेमी सुरेंद्र मालव को गिरफ्तार कर लिया.

सुरेंद्र मालव सीमा की सगी बुआ का लड़का था जो छबड़ा थाने के ही गांव कड़ैया नोहर में रहता था. सीमा और सुरेंद्र से की गई पूछताछ में चार्टर्ड एकाउंटेंट निर्मल मालव की हत्या की जो कहानी उभर कर सामने आई, वह इस प्रकार थी—

बारां जिले के खजूरिया गांव की रहने वाली सीमा के अपनी बुआ के बेटे सुरेंद्र से पिछले 4-5 सालों से अवैध संबंध थे. हालांकि पड़ोस के गांव में रहने के बावजूद इस बात की जानकारी रामकल्याण के परिवार को नहीं थी. रामकल्याण मालव की 3 बेटियां और 2 बेटे थे. अपनी खेतीकिसानी की कमाई से ही उन्होंने सभी बच्चों को पढ़ाया. 2 बेटियों की वह शादी कर चुके थे.

निर्मल अपने छोटे भाई के साथ जयपुर में रह कर पढ़ाई कर रहा था. रामकल्याण ने निर्मल की शादी खजूरिया गांव की ही रहने वाली सीमा से तय कर दी थी. लेकिन सीमा तो सुरेंद्र के प्यार से बंधी थी. न चाहते हुए भी 21 मई, 2017 को उस की शादी निर्मल से हो गई. सीमा से शादी कर के निर्मल खुश था पर सीमा खुश नहीं थी, क्योंकि वह तो सुरेंद्र को चाहती थी.

शादी के समय निर्मल की पढ़ाई चल रही थी. निर्मल जयपुर में ही रहता था. शादी के बाद करीब एक सप्ताह घर रुक कर वह जयपुर वापस चला गया था. निर्मल चाहता था कि वह सीए बन जाए तो पत्नी को भी अपने साथ जयपुर ले जाएगा. जयपुर में रहते हुए उस की सीमा से मोबाइल पर बातें होती रहती थीं. पारिवारिक रीतिरिवाजों के कारण सीमा उन दिनों अपने मायके में ही रह रही थी.

भले ही शादी हो गई थी, लेकिन सीमा मन से निर्मल को स्वीकार नहीं कर सकी थी. शादी के बाद भी उस के सुरेंद्र से संबंध बने रहे. इसलिए सीमा ने सुरेंद्र से निर्मल को ही रास्ते से हटाने के बारे में बात की. सुरेंद्र इस के लिए तैयार हो गया. दोनों ने तय कर लिया कि इस बार जब भी निर्मल गांव आएगा तो वह उसे ठिकाने लगा देंगे.

निर्मल ने सीमा को बता दिया था कि वह 27 जुलाई, 2017 को घर आएगा. उस के गांव आने की जानकारी मिलने पर सीमा ने सुरेंद्र को मोबाइल पर सारी बातें बता दीं. इस के बाद दोनों ने निर्मल को ठिकाने लगाने की योजना बना ली.

योजना के अनुसार, सुरेंद्र 28 जुलाई की रात खजूरिया गांव पहुंच गया. खजूरिया पहुंच कर उस ने सीमा को फोन किया. सीमा उस से मिलने के लिए अपने परिजनों से छिप कर घर से निकली. वह घर के मेनगेट के बजाय छत के रास्ते हो कर नीचे आई थी. गांव के बाहर पहुंच कर वह सुरेंद्र से मिली. वहां से वे दोनों गांव के ही उत्कृष्ट उच्च प्राथमिक स्कूल पहुंच गए. वहां सीमा ने सुरेंद्र को स्कूल के ही एक अंधेरे कोने में छिपा दिया था.

इस के बाद सीमा ने रात करीब साढ़े 11 बजे अपने पति निर्मल को फोन किया और उसे स्कूल में मिलने के लिए बुलाया. पत्नी के प्रेम में खिंचा निर्मल रात को साढ़े 11 बजे अपनी छोटी बहन से यह कह कर घर से निकल गया कि बाहर घूम कर थोड़ी देर में वापस आ जाएगा. उस ने यह नहीं बताया था कि वह सीमा से मिलने स्कूल में जा रहा है.

निर्मल मालव जब आधी रात के समय स्कूल में पहुंचा तो सीमा उसे वहां मिल गई. सीमा को देख कर निर्मल की आंखों में प्यार उमड़ पड़ा. वहीं सीमा को आज अपनी योजना पूरी होती नजर आई. सीमा प्यार बरसाते हुए आगे बढ़ कर निर्मल के सीने से लिपट गई. निर्मल ने उसे आलिंगनबद्ध कर चुंबनों की झड़ी लगा दी.

कुछ देर वह निर्मल के सीने से लगी रही. फिर अलग होते हुए कहा, ‘‘आज मैं तुम को एक सरप्राइज देना चाहती हूं.’’

निर्मल ने एक सप्ताह पहले ही सीए फाइनल की परीक्षा पास की थी, इसलिए उस ने समझा कि सीए बनने की खुशी में पत्नी उसे कोई गिफ्ट वगैरह देना चाहती है. निर्मल ने कहा, ‘‘सरप्राइज तो हम ने तुम को दिया है कि अब हम सीए बन गए हैं,’’ उसे गुदगुदाते हुए निर्मल बोला, ‘‘अब हम अपनी सीमा को गांव में नहीं रहने देंगे, जल्दी ही जयपुर ले चलेंगे. वहां हमारे ऊपर गांव की तरह का बंधन नहीं होगा. केवल हम दोनों ही होंगे.’’

निर्मल की बातों को अनसुनी करते हुए सीमा ने कहा, ‘‘वो सब तो ठीक है. लेकिन मैं भी तुम्हें सरप्राइज देना चाहती हूं.’’

सीमा की बातें सुन कर निर्मल बोला, ‘‘मेरे लिए ऐसा क्या सरप्राइज लाई हो?’’

‘‘पहले तुम अपनी आंखें बंद करो.’’ सीमा ने कहा.

पत्नी के कहने पर निर्मल ने आंखें बंद कर लीं. इस के बाद सीमा ने अपने साथ लाए कपड़े से उस की आंखों पर पट्टी बांध दी. फिर दोनों हाथ कमर के पीछे कर के बांध दिए. आंखों पर पट्टी और हाथ बांधने पर निर्मल ने सीमा को छेड़ते हुए कहा, ‘‘सीमा तुम्हारे इरादे शरारत भरे हैं. यह शरारत हम यहां स्कूल में नहीं, जयपुर चल कर करेंगे.’’

‘‘ठीक है, जयपुर तो बाद में चलेंगे.’’ सीमा ने कुटिल मुसकान बिखरते हुए कहा, ‘‘आज तो मैं तुम्हें यहीं सरप्राइज दूंगी.’’ कहते हुए सीमा ने निर्मल के पैर भी बांध दिए.

अब निर्मल न तो कुछ देख पा रहा था और न ही हाथपैर चला पा रहा था. वह पत्नी के प्रेमपाश में बेबस हो गया था.

तभी सीमा ने वहां छिपे अपने प्रेमी सुरेंद्र को इशारे से बुलाया. सुरेंद्र और सीमा ने मिल कर एक शाल से निर्मल का गला घोंट दिया. निर्मल कुछ नहीं कर सका.

सीमा व सुरेंद्र को जब यह विश्वास हो गया कि निर्मल मर चुका है तो उन्होंने उस के शव को स्कूल के बरामदे में ही छोड़ दिया. उस का छाता वगैरह वहीं पड़ा रहने दिया, लेकिन उस की जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया. वह मोबाइल सीमा अपने साथ ले गई.

अपने रास्ते का कांटा निकलने पर सीमा ने विजयी मुसकान से सुरेंद्र को देखा. सुरेंद्र ने सीमा को अपने सीने से लगा लिया और कहा कि अब हमें मिलने से कोई नहीं रोक सकेगा. इस के बाद सीमा अपने घर आ गई और सुरेंद्र अपने गांव चला गया.

पुलिस ने जब निर्मल के मोबाइल की काल डिटेल्स निकलवाई तो उस की आखिरी बात सीमा से होने का पता चला. इस पर पुलिस ने सीमा के मोबाइल की काल डिटेल्स निकलवाई. इस में सीमा की बातें सुरेंद्र से होने की जानकारी सामने आई. इस के बाद पुलिस के शक की सुई सीमा और सुरेंद्र पर घूम गई.

पुलिस ने सब से पहले सीमा से पूछताछ की. पहले तो वह नानुकुर करती रही, लेकिन पुलिस के सवालों के सामने वह ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी. उस ने सारी बातें बता दीं.

इस के बाद पुलिस ने सुरेंद्र को उस के गांव कड़ैया नोहर से पकड़ लिया. उस ने भी पूछताछ में सीमा की बातों की पुष्टि कर दी. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. सुरेंद्र खेतों में कीटनाशक दवा का छिड़काव करने का काम करता था.

सीमा की निशानदेही पर पुलिस ने निर्मल का टूटा मोबाइल फोन व सिम कार्ड बरामद कर लिया. सीमा ने निर्मल की मौत के बाद उस का मोबाइल अपने घर पर ला कर छिपा दिया था. लेकिन जब निर्मल के मोबाइल पर कई काल आईं तो गलती से उस ने एक काल रिसीव कर ली थी. बाद में उस ने मोबाइल की सिम तोड़ कर व मोबाइल तोड़ कर नाली में फेंक दिया था.

पुलिस ने गिरफ्तारी के दूसरे दिन सीमा और सुरेंद्र को छीपा बड़ौद की अदालत में पेश किया. अदालत ने दोनों को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया. रिमांड अवधि पूरी होने पर अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया.

इस बीच निर्मल मालव के तीजे की रस्म होने के बाद खजूरिया गांव के तमाम लोग कई ट्रैक्टर ट्रौलियों में सवार हो कर छीपा बड़ौद में उपजिला कलेक्टर के कार्यालय और पुलिस थाने पर पहुंचे. वहां उन्होंने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने निर्मल हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की ताकि घटना में शामिल अन्य लोगों के नाम उजागर हो सकें.

इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए. उन्होंने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की. यह विडंबना रही कि सीमा ने अपनी नासमझी से खुशहाल भविष्य को अंधकारमय बना दिया. उस ने अपने मजदूर प्रेमी की खातिर चार्टर्ड एकाउंटेंट पति की जान ले ली.  ?

   —कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

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