देश के कई शहर लौकडाउन(Lockdown) हो चुके हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लौकडाउन का मतलब होता है क्या है? इसका मतलब ये है कि आप कहीं बाहर नहीं जाएंगे, कहीं भी आ -जा नहीं सकते हैं, पब्लिक ट्रांसर्पोट नहीं चलेंगे सारी दुकानें, मौल्स, छोटी-बड़ी सारी शौप बंद रहेगी केवल वही दुकानें खुलती हैं जो जरूरी हैं, जिससे की लोगों की रोजमर्रा की जो चीजें हैं वो ले सकें आम आदमी. इसे आप ऐसे समझें

क्या खुला रहेगा?   

अस्पताल, मेडिकल स्टोर, मेडिकल लैब, सब्जी, राशन की दुकान, कुछ राज्यों में पेट्रोल-पंप, दूध सेंटर, डेयरी ये सब खुले रहेंगे.

अब क्याक्या बंद रहेगा?

पैसेंजर ट्रेन, मेट्रो सेवा, मौल, बाजार, सरकारी और निजी दफ्तर, गो एयर फ्लाइट्स इन सब पर होता है प्रतिबंध.

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अब जानिए की लौकडाउन में कौन बाहर निकल सकता है?

डौक्टर, पुलिस, फायर सर्विस, बिजलीकर्मी, मीडिया कर्मी, पानी वाले ये सभी व्यक्ति बाहर निकल सकते हैं क्योंकि इनका निकलना जरूरी होता है लेकिन इसके अलावा किसी को भी बाहर निकलने की मनाही होती है.

अब वो सेवाएं जो जारी रहेंगी, तो जल विभाग, दमकल विभाग, बिजली विभाग, पुलिस प्रशासन, राशन की दुकानें, गैस सिलेंडर सर्विस, पेट्रोल-सीनजी पंप, मेडिकल से जुड़ी सेवाएं, अस्पताल ये सारी सेवाएं नहीं बंद होती हैं

अब जानिए की आम नागरिक कब बाहर निकल सकता है?

मरीजों को अस्पताल जाने के लिए और दूध, सब्जी राशन, जरूरत की चीजें लाने के लिए लेकिन इसमें भी जरूरी कागजात अपने साथ रखें क्योंकि पुलिस कभी भी मांग सकती है.

अब आप समज गए होंगे कि लौकडाउन क्या होता है और ये इसलिए भी जरूरी होता ताकि जो संकट देश पर आया है उससे निपटा जा सके और सब कुछ सामान्य हो सके और इस वक्त कोरोना वायरस (Corona Virus) भयंकर खतरा बना हुआ है देश पर. इसके बावजूद भी लोगों ने लौक डाउन का मजाक बनाकर रख दिया है, खुले आम लौकडाउन का उल्लंघन कर रहे हैं. लोग अपने घरों से निकल रहे हैं, घर पर रहेंगे तो इस महामारी से बच पाएंगे ये बात तो जैसे उन्हें समझ ही नहीं आ रही है.

बिहार से तो बेहद ही हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, लोग बसों में भर-भर कर एक जगह से दूसरी जगह जा रहा हैं. तो वहीं दिल्ली नोएडा बौर्डर बंद होने के चलते लोग पैदल ही अपने घरों की तरफ निकल रहे हैं, कह रहे हैं की मजबूरी है हमारी, हालांकि कुछ हर जगह पर ऐसा नहीं हो रहा है क्योंकि लोग नियम का पालन कर रहे हैं. लौकडाउन को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को कड़े निर्देश दिए हैं राज्य सरकारों को कहा गया है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. प्रधानमंत्री मोदी ने खुद लोगों को सख्त नसीहत दी है.  पीएम ने लोगों से लौकडाउन के दौरान घरों में रहने की अपील की है लेकिन अभी भी लौकडाउन को कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जिसके चलते लौकडाउन पर पीएम ने दोबारा से ट्वीट कर दुख जताया है और ट्वीट में कहा है कि “लौकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें. राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं.” इससे प्रधानमंत्री की नाराजगी का साफ पता चल रहा है.

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देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 396 हो गई है, जिसके बाद देशभर के करीब 22 राज्यों में कोरोना वायरस के खौफ के बीच लौकडाउन कर दिया गया है, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा,  आंध्र प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़, समेत कई राज्यों को लौकडाउन कर दिया गया है. दरअसल, देश के कई हिस्सों में लोग लौकडाउन को हल्के में ले रहे हैं जो की कहीं से भी सही नहीं है. दिल्ली नोएडा एक्सप्रेस वे को भी लौकडाउन कर दिया गया है. यूपी के 16 जिले लौकडाउन कर दिए हैं. कोरोना वायरस के बढ़ते कहर को देखते हुए दिल्ली को 31 मार्च तक लौकडाउन कर दिया गया है.

आज लौकडाउन के पहले दिन दिल्ली के कई इलाकों में दूध की दुकानों पर लंबी कतारे देखने को मिलीं तो कहीं सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, दिल्ली की सभी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था बंद करने का फैसला लिया गया है, मेट्रो, टैक्सी, ई-रिक्शा, सब कुछ बंद है इसके अलावा, दूसरे राज्यों से सटी दिल्ली की सभी सीमाएं भी पूरी तरह से सील हो गई हैं. महाराष्ट्र और जम्मू भी लौकडाउन है. अब इसका असर कितना होगा ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इससे काफी हद तक कोरोना मरीजों की संख्या कम हो सकती है.

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