Crime Story: औनर किलिंग-घर आए दामाद को दी दर्दनाक मौत

त्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का एक बहुत पौश इलाका है आशियाना, जहांऔनर किलिंगका ऐसा कांड किया गया कि सुनने और देखने वाली की रूह कांप गई. वहां के सैक्टरआई में मंगलवार, 17 मार्च, 2026 की रात एक एडवोकेट तीरथ राज सिंह ने अपनी बेटी साक्षी के प्रेम विवाह से नाराज हो कर अपने ही दामाद विष्णु यादव की बेरहमी से हत्या कर दी, जिस से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ के सांगीपुर इलाके के रहने वाले 32 साल के विष्णु यादव ने महज 4 साल पहले एडवोकेट तीरथ राज सिंह की बेटी साक्षी से प्रेम विवाह किया था. पर तीरथ राज सिंह इस शादी के खिलाफ थे और तब से ही अपने दामाद और बेटी से  दुश्मनी पाल बैठे थे.विष्णु यादव और साक्षी अपनी 3 साल की बेटी अर्चिता के साथ प्रतापगढ़ में ही रहते थे. पर 17 मार्च को विष्णु यादव अपनी पत्नी साक्षी की जिद पर ससुराल में लखनऊ आए थे.

मंगलवार की रात को तकरीबन साढ़े 10 बजे विष्णु यादव और उन के ससुर तीरथ राज सिंह के बीच किसी बात को ले कर तीखी बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते यह बहस हाथापाई में बदल गया.
घर के भीतर शोर सुन कर विष्णु यादव की सालियां और परिवार के दूसरे सदस्य भी वहां पहुंच गए. इसी बीच, गुस्से से तमतमाए तीरथ राज ने पास पड़ी चारपाई का पाया उठाया और विष्णु के सिर पर ताबड़तोड़ चोट कर दी, जिस से विष्णु का सिर फट गया और उस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. बीचबचाव करने साक्षी भी पिता के हमले में घायल हो गई.

इस हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस सुपरिंटैंडैंट (मध्य) विक्रांत वीर और एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल भारी पुलिस बल और फोरैंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने मौका वारदात
से हत्या में इस्तेमाल चारपाई का पाया बरामद कर लिया, जबकि फोरैंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और दूसरे तमाम सुबूत जुटाए. इतना ही नहीं, पुलिस ने तीरथ राज सिंह और उन की चार बेटियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस सुपरिंटैंडैंट विक्रांत वीर ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड की साजिश पहले से रची गई थी या यह अचानक हुए  का नतीजा है.   

Crime Story: हाथरस में औनर किलिंग-सैनिक को दी प्यार की सजा

Crime Story: जगह थी उत्तर प्रदेश की हाथरस और तारीख थी 5 फरवरी, 2026. दोपहर के तकरीबन 3 बजे सादाबाद कोतवाली इलाके के आगराअलीगढ़ नैशनल हाईवे पर चंद्रा हाउस के पास एक सैनिक की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. एक इको कार और बाइक सवार हमलावरों ने भारतीय सेना के सैनिक की कार को घेर लिया था और इस के बाद उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी.


इस तरह अचानक हमला हुआ तो वह सैनिक अपनी जान बचाने के लिए भागा, लेकिन हमलावरों ने दौड़ादौड़ा कर उसे गोलियों से भून दिया. उस सैनिक का नाम अखिलेश चौधरी था जो गांव समदपुर का रहने वाला था और हाथरस कोर्ट में पेशी से वापस लौट रहा था. पुलिस ने इस हत्याकांड को सुलझाने में तेजी दिखाई और मारे गए सैनिक अखिलेश चौधरी की पत्नी की बूआ के 2 बेटों को गिरफ्तार किया. दरअसल, सैनिक अखिलेश चौधरी ने अपने गांव की ही एक लड़की से लवमैरिज की थी. इस बात से लड़की के परिवार वाले उन की जान के दुश्मन बन गए थे. इस के बाद यह कांड हो गया.


हाथरस पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों बौबी उर्फ विशाल और राजा उर्फ राहुल के पास से 2 तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई एक इको कार बरामद की. पुलिस की पूछताछ के दौरान इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपियों ने खुलासा किया कि फौजी अखिलेश चौधरी ने उन के परिवार की एक लड़की से लव मैरिज की थी. इस के चलते परिवार की समाज में बेइज्जती हो रही थी. इस बदनामी का कलंक मिटाने के लिए उन्होंने अखिलेश चौधरी की हत्या की योजना बनाई.


मारे गए सैनिक अखिलेश चौधरी की बहन ने 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, जबकि पत्नी निधि ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर सादाबाद कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे. निधि ने पुलिस की मिलीभगत से उस के पति हत्या का आरोप लगाया था. सैनिक अखिलेश चौधरी की बहन ने तो प्रदेश सरकार से अपील भी की कि उस के भाई की हत्या करने वालों के घरों पर बुलडोजर चला दिया जाए.    

 

Crime Story: औरत की दीवानगी काट दी मर्दानगी

Crime Story: गोवा के बाद मुंबई दूसरा ऐसा शहर है, जहां के लोग नए साल का जश्न पूरे जोरशोर और जोश से मनाते हैं. इस के लिए कई दिन पहले से प्लान भी बनने लगते हैं कि इस बार 31 दिसंबर और 1 जनवरी के बीच की रात को क्याक्या करना है. अगर घर पर ही पार्टी देनी है, तो किसकिस को बुलाना है, खाने में क्याक्या आइटम रखना है, डांस और म्यूजिक का क्या इंतजाम करना है और इन सब से भी ज्यादा अहम बात यह कि मेहमानों का स्वागत कैसे करना है और उन्हें तोहफे में क्या देना है.


मुंबई के सांताक्रूज (पूर्व) इलाके में रहने वाली 25 साला कंचन देवी महतो ने भी नए साल के स्वागत का प्लान बना रखा था. एक आटोरिकशा ड्राइवर की पत्नी और 2 बच्चों की मां कंचन देवी ने अपने 44 साला आशिक और रिश्तेदार जोगिंदर लखन महतो को मिठाई खाने के लिए अपने घर आने का न्योता दिया था, जिसे स्वीकार करने की कोई वजह जोगिंदर जैसे आशिक के पास नहीं होती. पेशे से कैब ड्राइवर जोगिंदर भी सांताक्रूज (पूर्व) में ही रहता था. कंचन देवी का न्यू ईयर प्लान कितना खतरनाक था, इस से पहले यह जान लें कि उस की और जोगिंदर की आशिकी तकरीबन 7 साल पुरानी थी. जब भी मौका मिलता था, वे दोनों एकदूसरे से मिल कर अपने तन और मन की प्यास बु? लिया करते थे, क्योंकि शादीशुदा और बालबच्चेदार होने के चलते दोनों को एहतियात बरतनी पड़ती थी.


हालांकि, नजदीकी रिश्तेदार होने से उन्हें दूसरे माशूक और आशिक की तरह चोरीछिपे नहीं मिलना पड़ता था, लेकिन जिस मकसद से वे मिलते थे, उस में सावधानी जरूर रखनी पड़ती थी. पिछले कुछ दिनों से वही हो रहा था, जो ऐसे नाजायज रिश्तों में अकसर अपराध की वजह बनता है. कंचन देवी जोगिंदर के पीछे हाथ धो कर पड़ गई थी कि अब तुम बिन रहा और सहा नहीं जातातुम अपनी पत्नी को छोड़ कर मु? से शादी कर लोमैं भी तो सबकुछ छोड़ने के लिए तैयार हूं. इस मांग और जिद से जोगिंदर इस कदर घबराया था कि नवंबर, 2025 में मुंबई छोड़ कर अपने घर बिहार वापस चला गया था. लेकिन कंचन देवी अब भी जिद पर अड़ी थी और हर कभी फोन कर उस पर शादी करने का दबाव बनाती रहती थी.
नए साल पर कंचन देवी ने जोगिंदर लखन को बुलाया तो वह मना नहीं कर पाया. ऐसे नाजायज संबंधों की एकलौती खूबी यह होती है कि हमबिस्तरी का लुत्फ चोरी के आम सरीखा आता है और इन्हें छोड़ पाना आसान नहीं रह जाता.


जब जोगिंदर लखन कंचन देवी के घर पहुंचा जो दोनों बच्चों को सुला कर तमाम तैयारियों के साथ वह उस का ही इंतजार कर रही थी. दोनों ने पहले जीभर कर 2 महीने की अपनी प्यास बु?ाई, फिर कंचन मिठाई ले कर गई. कर दिया बड़ा कांड रात के तकरीबन डेढ़ बजे कंचन देवी और जोगिंदर बिना कपड़ों के थे. कंचन देवी के भरेपूरे जिस्म और सैक्स हरकतों की गिरफ्त में आया जोगिंदर उस वक्त कसमसा उठा, जब कंचन देवी ने एकाएक ही बिना उसे संभलने का मौका दिए चाकू से उस का प्राइवेट पार्ट काट डाला.
यह था नए साल का महबूबा का तोहफा जिसे जोगिंदर तो जोगिंदर, इस घटना को पढ़ने और इस के बारे में सुनने वाले लोग तय है कि जिंदगीभर नहीं भुला पाएंगे. लहूलुहान और तड़पता जोगिंदर लखन गिरतापड़ता जैसेतैसे घर पहुंचा, तो उस का बेटा उसे ले कर तुरंत वीएन देसाई अस्पताल पहुंचा और इलाज शुरू करवाया. यहां से मरहमपट्टी कर डाक्टरों ने उसे सायन अस्पताल रैफर कर दिया, जहां उस के प्राइवेट पार्ट को दोबारा जोड़ने के लिए 2 आपरेशन हुए.


नए साल के इस पहले और अनूठे जुर्म की खबर मिलते ही तुरंत हरकत में आई वाकोला पुलिस कंचन देवी के घर पहुंची, तो पाया कि वह बच्चों समेत पहले ही फरार हो चुकी थी. पर जल्द ही कुर्ला रेलवे स्टेशन से वह गिरफ्तार भी कर ली गई. पुलिस ने बीएनएस यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा 118 (2) के तहत मामला दर्ज कर के कंचन देवी को जेल भेज दिया. आरोप साबित होने पर उसे 10 साल की सजा हो सकती है. लेकिन जोगिंदर को जो सजा मिली, उसे वह जिंदगीभर नहीं भूल पाएगा. भूल तो आगरा का योगेश भी नहीं पाएगा कि उस का भी प्राइवेट पार्ट कटा था. लेकिन काटने वाली पत्नी या माशूका नहीं, बल्कि उस की सगी भाभी थी.


उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के मलखानपुर के बाशिंदे राम आसरे के 5 बेटों में से दूसरे नंबर के बेटे उदय कुमार की शादी मंजू से हुई थी. जैसा कि ऐसी करीबी रिश्तेदारी में अकसर होता है, मंजू के देवर उमेश का टांका अपनी भाभी की छोटी बहन अंजू (बदला हुआ नाम) से भिड़ गया यानी अफेयर हो गया. दोनों एकदूसरे से बेइंतिहा प्यार करने लगे और शादी करने के कसमेवादे भी हो गए. दोनों के घर वालों ने भी इस बाबत बातचीत करना शुरू कर दिया था. भाभी ने लिया बदला बात यहां तक किसी के एतराज या हर्ज की नहीं थी. मंजू खुद भी चाहती थी कि अंजू उस की देवरानी बन कर इस घर में जाए, जिस से मांबाप के सिर से एक लड़की की जिम्मेदारी और उतरे. सबकुछ तकरीबन पक्का था कि एक दिन उमेश ने अंजू से शादी करने से इनकार कर दिया. इस से मंजू को हैरानी हुई, लेकिन सबकुछ उस के बस में नहीं था. उस ने उमेश को सम?ाने की बहुत कोशिश की, पर वह टस से मस हुआ.


इस इनकार से अंजू डिप्रैशन में चली गई और जान देने की बात करने लगी. अपनी बहन को इस हालत में देख कर मंजू को गुस्सा आना लाजिमी था, क्योंकि उस की बहन अंजू मन ही मन उमेश को पति मान बैठी थी और शादी से पहले अपना सबकुछ उमेश को सौंप चुकी थी. चूंकि देवर और बहन के अफेयर को परवान चढ़ने देने में मंजू का रोल अहम था, इसलिए वह इस धोखे से बदले की आग में जलने लगी और जब यह अगन बरदाश्त नहीं हुई, तो उस ने उमेश को उस की बहन से बेवफाई करने पर सबक सिखाने का फैसला कर लिया. 16 अक्तूबर, 2025 की रात जब घर में सभी सो रहे थे, तब मंजू चुपके से उठी, हाथ में चाकू लिया और उमेश के नजदीक जा कर उस का प्राइवेट पार्ट काट डाला. मंजू ने उमेश के प्राइवेट पार्ट पर 1-2 नहीं, बल्कि 4 वार किए, जिस से वह चिल्ला कर उठ बैठा. आवाज सुन कर सारा घर जाग
गया और उमेश को अस्पताल पहुंचाया. उस का प्रयागराज के रूपरानी नेहरू अस्पताल में लंबा इलाज चला. जोगिंदर की तरह उस का भी आपरेशन हुआ, तब कहीं जा कर जान बची, लेकिन जो चीज चली गई, उस की भरपाई कोई डाक्टर अब नहीं कर सकता.


आम हो रहे ऐसे अपराध देशभर में अब हर कभी और हर कहीं मर्दों के प्राइवेट पार्ट औरतों द्वारा काटे जाने की वारदात बेहद आम हो चली हैं, जो काफीकुछ सोचने के लिए मजबूर करती हैं. 17 दिसंबर, 2025 को पंजाब के लुधियाना में उस वक्त सनसनी मच गई थी, जब सीएमसी अस्पताल में अमित नाम का एक नौजवान अपना कटा लटकता सा प्राइवेट पार्ट ले कर इलाज के लिए पहुंचा था. डाक्टरों के पूछने पर अमित ने मनगढ़ंत कहानी यह बताई कि जालंधर बाईपास के पास कुछ बदमाशों ने उसे घेर कर लूटा और प्राइवेट पार्ट काट कर चलते बने. इलाज शुरू हुआ और फिर पुलिस आई तो असली कहानी सामने आई कि अमित का प्राइवेट पार्ट बदमाशों ने नहीं, बल्कि उस की माशूका रेखा ने काटा था. दरअसल, अमित और रेखा एकदूसरे से प्यार करते थे और मौजमस्ती के लिए शहर के इंडोअमेरिकन होटल में कमरा ले कर ठहरे थे. वहीं दोनों में ?ागड़ा हो गया. वजह वही पुरानी थी. रेखा जिद कर रही थी कि इतने दिन हो गए मुहब्बत करते हुए, शादी कब करोगे?


रेखा को सैकड़ों बार भोग चुका अमित अब गले में ढोल लटकाने के मूड में नहीं था, सो उस ने साफ मना कर दिया. इस बात पर दोनों में हाथापाई होने लगी. गुस्साई रेखा ने कटर से अमित का प्राइवेट पार्ट काट डाला. गुस्सा अमित को भी गया, तो उस ने पहले तो रेखा को ताबड़तोड़ घूंसे मारे और फिर गला दबा कर उस की हत्या कर दी. जाहिर है कि अमित को तगड़ी सजा होगी, लेकिन रेखा जो सजा दे गई है, वह जिंदगीभर उसे सालती रहेगी. मर्दों से कम नहीं औरतें आखिरकार पेशे से नर्स रेखा में इतनी ताकत और हिम्मत आई कहां से, जो उस ने लंबेतगड़े अमित का प्राइवेट पार्ट काट डाला? इतनी ही हिम्मत और ताकत कंचन देवी में भी गई थी और इतनी ही हिम्मत मंजू में भी गई थी. हालांकि, जब उस ने देवर का प्राइवेट पार्ट काटा, तब वह गहरी नींद में सो रहा था. मंजू ने आगेपीछे की परवाह नहीं की और ही ससुराल और मायके वालों के बारे में कुछ सोचा.


दरअसल, औरतें अब पहले जैसी नाजुक नहीं रह गई हैं और मर्दों के हाथों खाए धोखे को किस्मत मान कर चुप नहीं बैठती हैं. सजा देने के लिए वे कानून पर भरोसा करती हैं या नहीं करती, यह ऐसी दर्जनों वारदात से साफ है कि नहीं करतीं, क्योंकि अदालतें धोखे को धोखा ही कई बार नहीं मानतीं, उलटे फैसले में यह कह देती हैं कि दोनों बालिग थे और रजामंदी से सैक्स संबंध बने थे, इसलिए कोई मामला ही नहीं बनता.
बात एक हद तक सही भी है, लेकिन इन औरतों की नजर और नजरिए से देखें, तो उन्होंने मर्द का सब से अहम और नाजुक अंग काट कर धोखे का बदला ही लिया है और ज्यादातर मामलों में वे तय कर चुकी थीं कि इस से बेहतर सबक और सजा कोई हो नहीं सकती कि मर्द जिंदगीभर सैक्स सुख के लिए तरसता रहे और जब भी तरसे तो उन्हें याद जरूर करे.


कोई दर्जनभर मामले प्राइवेट पार्ट काटने के देखें, तो सम? आता है कि तकरीबन सभी में मर्द या तो बिना कपड़ों के था या फिर सिर्फ अंडरवियर में था, जिस से पत्नी या माशूका को ज्यादा मशक्कत नहीं करना पड़ी और उस ने सहूलियत से अपनी मंशा को अंजाम दे दिया. अब वह दौर गया कि माशूका या पत्नी अपनी किस्मत को कोसते हुए खामोश रह जाती थीं. जब से लड़कियां कमानेखाने बाहर निकली हैं या नौकरियां करने लगी हैं, तब से इस तरह के जुर्म और बढ़े हैं. मर्द औरत के हाथों पिट भी खूब रहे हैं और उन की हत्याएं भी माशूका या पत्नी कर रही हैं. पर हत्या जैसे संगीन अपराध के लिए आमतौर पर औरतों को दूसरे मर्द का साथ या सहारा चाहिए रहता है. प्राइवेट पार्ट काटने में यह जरूरी नहीं रह जाता, क्योंकि मर्द पूरे भरोसे के साथ उन के सामने हथियार डाल चुका होता है और उसे सपने में भी यह अंदाजा नहीं रहता कि थोड़ी देर पहले जो पत्नी या माशूका बिस्तर में उस के साथ तरहतरह से मजे लूट और लुटा रही थी, उस के दिमाग में कितना खतरनाक प्लान पनप रहा है.

तकरीबन सभी मामलों में औरतों ने सैक्स का लुत्फ लेने और देने के बाद ही मर्द को हमेशा के लिए मजे से महरूम किया. ऐसा ही एक मामला बीती 7 जनवरी को सोनीपत से सामने आया था, जिस में सरिता नाम की एक औरत ने अपने पति रामकिशन की हत्या प्राइवेट पार्ट दबा कर कर दी थी. रामकिशन एक मैरिज गार्डन में केयरटेकर की नौकरी करता था और गांजा पीने की लत का शिकार था. यहां तक तो सरिता बरदाश्त करती रही, लेकिन परेशान उस वक्त हो उठती जब पोर्न फिल्में देखने का भी आदी हो गया रामकिशन जबरन उसे भी पोर्न फिल्में दिखाता था और उन्हीं के मुताबिक जिस्मानी ताल्लुक बनाने के लिए मजबूर करने लगता था. इसी बात के चलते सरिता तंग चुकी थी, इसलिए उस ने सतपाल नाम के एक नौजवान की मदद से रामकिशन की हत्या कर दी.                     


अमेरिका से आया घातक चलन
भारत में मर्दों के प्राइवेट पार्ट काटने का जुर्म अब फैशन की शक्ल में पसर रहा है, लेकिन यह बहुत पुराना नहीं है. पिछले 5 सालों में ऐसी वारदात बढ़ी हैं. इन की छानबीन बताती है कि शायद पहली एफआईआर साल 2017 में केरल के तिरुअनंतपुरम में दर्ज हुई थी, जिस पर देशभर का ध्यान गया था. 23 साला कानून की एक छात्रा ने एक धर्मगुरु हरि स्वामी का प्राइवेट पार्ट काट डाला था और खुद ही पुलिस को खबर की थी. हरि स्वामी छात्रा के बीमार पिता को तंत्रमंत्र और ?ाड़फूंक के जरीए ठीक करने के बहाने घर में आताजाता था. इसी दौरान उस ने छात्रा का यौन शोषण करना शुरू कर दिया था, जो कोई 3 साल तक चला. इस से छात्रा तंग गई और उस ने रहेगा बांस और बजेगी बांसुरी की तर्ज पर हरि स्वामी का प्राइवेट पार्ट ही काट डाला. हालांकि, इस से पहला ऐसा कभी नहीं हुआ था या नहीं हुआ होगा, यह गारंटी से नहीं कहा जा सकता. मुमकिन यह है कि कोई रिपोर्ट ही दर्ज हुई हो या फिर लोकलाज के चलते मामलों ने तूल पकड़ा हो. अब मामले जानबू? कर तूल दिए जाते हैं, ताकि औरतों को बदनाम किया जा सके और उन की इमेज बिगाड़ी जा सके.


यहां मकसद कतई अपराधी औरतों या किसी भी किस्म के अपराध की वकालत करना नहीं है, लेकिन इस हकीकत से इनकार नहीं किया जा सकता कि जब कोई औरत किसी अपराध को अंजाम देती है, तो मीडिया उसे बढ़ाचढ़ा कर पेश करता है. पेश क्या करता है, अपनी दुकान चलाने के लिए सुर्खियां लगा कर बेचता है. यह उस की मजबूरी भी दिखती है, क्योंकि प्राइवेट पार्ट काटे जाने पर मीडिया में ही प्रचलित यह कहावत काम करती है कि कुत्ता आदमी को काटे तो कोई खास खबर नहीं बनती, लेकिन कोई आदमी अगर कुत्ते को काट ले, तो जरूर खबर खास हो जाती है. दुनियाभर की बात करें तो पहला चर्चित मामला अमेरिका के वर्जिनिया राज्य से  साल 1993 के जून महीने में सामने आया था. 24 साला बेहद खूबसूरत लारेना बाबिट की शादी 26 साला जौन बेन बाबिट से साल 1989 में हुई थी. 23 जून, 1993 को लारेना ने जौन का प्राइवेट पार्ट काट डाला था, क्योंकि घटना की शाम जौन जबरदस्ती सैक्स पर उतारू हो आया था, जबकि लारेना की रत्तीभर इच्छा भी उस वक्त सैक्स की नहीं थी. यह सौ फीसदी रेप करने जैसा था, क्योंकि जितना लारेना मना करती जा रही थी, उतना ही जौन उस पर हावी हुआ जा रहा था.


यह मुकदमा दुनियाभर में चर्चित रहा था. अदालत में लारेना ने बयान दिया था कि रेप करने के बाद जौन जब सो गया तो वह बिस्तर से उठी, किचन में जा कर पानी पिया जहां उसे प्लेटफार्म पर रखा चाकू दिख गया और जिसे हाथ में ले कर वह वापस बैडरूम में आई और सोते हुए जौन का प्राइवेट पार्ट काट डाला.
लारेना यहीं नहीं रुकी, बल्कि उस ने कटा हुआ प्राइवेट पार्ट उठाया और अपनी कार में बैठ कर चली गई और काफी देर तक वह सड़कों पर बेमकसद घूमती रही. लेकिन उसे कार चलाने में दिक्कत हो रही थी, क्योंकि एक हाथ में उस ने कटा हुआ प्राइवेट पार्ट थामा हुआ था, जिसे कुछ देर बाद एक खेत में फेंक दिया. कुछ देर सोचने के बाद उस ने ही पुलिस को फोन कर सारी बात बता दी. पुलिस ने लारेना को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन मुकदमे की कार्रवाई के दौरान जो कई बातें उजागर हुईं उन से जौन का असल चेहरा सामने आया कि वह अव्वल दर्जे का लंपट था और जिस के कई और लड़कियों से भी अफेयर थे. असलियत लारेना की भी सामने आई कि उस ने एक पागलपन के तहत प्राइवेट पार्ट काटा था, इसलिए उसे 45 दिन की मामूली सजा के बाद वहां के कानून के तहत बरी कर दिया गया.


यह कहानी बहुत लंबी और दिलचस्प है. जौन को इस मामले और मुकदमे से शोहरत तो मिली ही साथ ही डाक्टरों ने आपरेशन कर उस का प्राइवेट पार्ट जोड़ दिया, जो पुलिस ने लारेना की निशानदेही पर बरामद किया था. इस से भी ज्यादा हैरत की बात यह कि वह पहले की तरह काम भी करने लगा. इतना काम करने लगा कि जौन ने 2 पोर्न फिल्मो में काम भी किया और कुछ टीवी शो में भी वह दिखा.
इस मामले को दुनियाभर के मीडिया ने कवरेज दिया था, क्योंकि बात वही आदमी द्वारा कुत्ते को काटे जाने की खबर जैसी थी.       

Crime Story: देवर के चक्कर में पति की हत्या

Crime Story: हरियाणा के सोनीपत जिले के थाना गन्नौर क्षेत्र के गांव झरगढ़ी के रहने वाले शाहनवाज की शादी 9 साल पहले साल 2016 में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत की रहने वाली महफरीन से हुई थी.


शादी के बाद शाहनवाज और महफरीन की जिंदगी मजे से चल रही थी. शाहनवाज दिनभर काम कर के जब शाम को घर वापस लौटता, को महफरीन उस पर अपना भरपूर प्यार लुटाती थी. दोनों की जिंदगी हंसीखुशी से गुजर रही थी. इस दौरान महफरीन ने 2 बच्चों को जन्म दिया. पहला लड़का तकरीबन
8 साल का है, जबकि दूसरा लड़का तकरीबन 4 साल का है. जैसा कि सभी परिवारों में होता है, रिश्तेदार आतेजाते रहते हैं. शाहनवाज के मामा का लड़का तसव्वुर का भी वहां आनाजाना था. जब कभी तसव्वुर और महफरीन मिलते तो देवरभाभी होने के नाते एकदूसरे से हंसीमजाक भी करलेते थे.

शाहनवाज इसे यह सोच कर नजरअंदाज कर देता था कि देवरभाभी में मजाक तो चलता ही रहता है.
पिछले तकरीबन 6 महीने से महफरीन और तसव्वुर में अचानक से नजदीकियां ज्यादा बढ़ गई थीं. दोनों ने एकदूसरे का मोबाइल नंबर भी शेयर कर लिया था.
‘‘भाभी, आप मु? बहुत अच्छी लगती हो,’’ एक दिन तसव्वुर ने महफरीन से कहा.
इस पर महफरीन ने जवाब दिया, ‘‘रहने दो.’’ ‘‘रब करे आप को किसी की नजर लगे…’’ तसव्वुर ने कहा, ‘‘मैं आप को दिल से कह रहा हूं कि आप बहुत खूबसूरत हो.’’ हिम्मत कर के तसव्वुर ने अपने दिल की बात भी कह दी, ‘‘भाभी, मैं तुम से प्यार करता हूं और तुम्हारे बगैर रह नहीं सकता.’’


तसव्वुर के मुंह से यह बात सुन कर महफरीन को थोड़ी देर के लिए अजीब सा लगा, लेकिन जब दोनों में काफी देर तक बात हुई, तो महफरीन भी तसव्वुर को अपना दिल दे बैठी.
इस के बाद तो उन दोनों में घंटों बात होने लगी, फिर दोनों चोरीछिपे मिलने भी लगे. दोनों ने प्यार की तमाम हदों को पार कर दिया.


पर जब देखो तब और घंटों तसव्वुर से बात करने पर शाहनवाज को महफरीन पर शक हो गया. उस ने 1-2 बार महफरीन को समझाया भी, लेकिन वह नहीं मानी और लगातार तसव्वुर से संबंध जारी रखे.
3 अगस्त की रात को शाहनवाज ने महफरीन को मोबाइल पर किसी से बात करते रंगे हाथ पकड़ लिया, ‘‘किस से बात कर रही थी? क्या चल रहा है?’’ महफरीन बोली, ‘‘कुछ भी नहीं, मैं तो बस…’’शाहनवाज ने गुस्से में उस का फोन छीना और देखा कि कौल लौग में बारबार तसव्वुर का नाम था. वह भड़क उठा और महफरीन की पिटाई कर दी.


उस रात महफरीन की आंखों में सिर्फ आंसू नहीं थे, नफरत और बदले की आग भी थी. महफरीन ने उसी रात तसव्वुर को  फोन कर कहा, ‘‘अब बहुत हो गया, उसे रास्ते से हटाना होगा.’’रात में ही महफरीन और तसव्वुर ने एक ऐसी योजना बनाई, जिस का किसी को अंदाजा भी नहीं था. इस के बाद महफरीन ने शाहनवाज से ऐसा बरताव किया जैसे पिटाई के बाद वह शाहनवाज की बात मान गई हो.

उस ने शाहनवाज को इस का जरा भी अहसास नहीं होने दिया कि उस के दिमाग में क्या चल रहा है.
7 अगस्त, 2025 को शामली जनपद के गांव खुरगान के बाशिंदे और शाहनवाज के ममेरे साले इमलाक की शादी थी. महफरीन और शाहनवाज ने मिल कर शादी में जाने का प्रोग्राम बनाया.


महफरीन बोली, ‘‘हम बाइक पर जाएंगे, ताकि जल्दी पहुंच सके, क्योंकि हरियाणा की बसों में बहुत भीड़ चल रही है. फिर गांव तक पहुंचने के लिए साधन भी नहीं मिलता है. बसअड्डे पर खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ता है. अपनी बाइक होगी तो आसानी से घर तक पहुंच जाएंगे.’’


‘‘हां, यह सही रहेगा गरमी भी बहुत ज्यादा है. अपना साधन होगा तो पहुंचने में आसानी रहेगी,’’ शाहनवाज ने जवाब दिया, फिर थोड़ा रुक कर बोला, ‘‘एक दिन पहले चलेंगे. काफी दिन हो गए, तुम्हारे परिवार वालों से भी नहीं मिला हूं मैं. वे भी कहते रहते हैं…’’‘‘रात को तुम्हारे मायके गांव गढ़ी दौलत चलेंगे अगले दिन वहीं से खुगरान चलेंगे,’’ शाहनवाज ने अपना प्लान बताया.


जैसा कि महफरीन और शाहनवाज ने शादी के लिए प्रोग्राम बनाया था, उसी के मुताबिक 6 अगस्त, 2025 को दोनों बाइक पर सवार हो कर गांव गढ़ी दौलत पहुंच गए.शाहनवाज को देख कर महफरीन के मायके वाले भी बहुत खुश हुए. सभी ने घर और परिवार का हालचाल पूछा. दामादजी घर पर आए थे, तो शाहनवाज की खातिरदारी भी अच्छी तरह से हुई.


7 अगस्त की सुबह शाहनवाज अपनी बीवी महफरीन को बाइक पर बैठा कर गांव खुरगान के लिए निकल पड़ा. गांव में पहुंचने से पहले कसबा कैराना में उस ने कुछ सामान भी खरीदा और फिर से चल पड़ा.
बाइक पर पीछे बैठी महफरीन फोन पर बारबार किसी से बात कर रही थी. बाइक की स्पीड तेज होने के चलते वह समझ नहीं पा रहा था. उसे केवल इतना ही समझ आया कि शायद शादी वाले घर से फोन रहे होंगे कि कितनी देर में पहुंचोगे.


लेकिन महफरीन किसी से कोडवर्ड में बात कर रही थी. उस ने बोला, ‘मंजिल आने वाली है…’ थोड़ा आगे चलने पर उस ने फिर से कोडवर्ड में बात की, ‘पुल पार करोऔर इस के बाद फोन पर फिर से कहाबस थोड़ा इंतजार करो.’ महफरीन के इन कोडवर्ड से खून और धोखे की गंध रही थी. सुबह के 10 बज रहे थे. शाहनवाज और महफरीन की बाइक नैशनल हाईवे पर दौड़ी जा रही थी.

जब वे पानीपतहरिद्वार नैशनल हाईवे पर बने एक फ्लाईओवर से थोड़ा आगे बेरी के बाग के निकट पहुंचे, तो पीछे से 2 बाइकों पर सवार 4 लड़कों ने ओवरटेक कर शाहनवाज की बाइक में टक्कर मार दी और शाहनवाज को डंडा मार कर बाइक रुकवा ली. उन्होंने चाकू से शाहनवाज पर ताबड़तोड़ कई वार किए. एक लड़के ने उस पर तमंचे से गोली चलाई. गंभीर रूप से घायल शाहनवाज सड़क पर नीचे गिर गया. वारदात को अंजाम देने के बाद वे सभी हमलावर फरार हो गए.


शाहनवाज की आंखों में दर्द और धोखे कीलक थीशायद आखिरी बार उस ने महफरीन को देखा, जो चुपचाप खड़ी थी. महफरीन ने डायल 112 को फोन किया और पुलिस को सूचना दी, ‘‘हम पर हमला हुआ है. बदमाशों ने मेरे पति को मार डाला.’’ पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर घायल पड़े शाहनवाज को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया. जानकारी पा कर सोनीपत से शाहनवाज के परिवार वाले भी कैराना पहुंच गए. उन्होंने पुलिस को डेढ़ लाख रुपए की दूल्हे के लिए ले जाई जा रही नोटों की माला और बाइक लूटने की सूचना दी.


एसपी रामसेवक गौतम, एएसपी संतोष कुमार सिंह और सीओ कैराना श्याम सिंह मौके पर पहुंचे. इस दौरान पुलिस ने मौके से शाहनवाज की बाइक भी बरामद की. फोरैंसिक टीम ने पहुंच कर सुबूत जुटाए.
वहीं, अस्पताल में महफरीन जमीन पर गिर कर बारबार बेहोशी का नाटक करने लगी, रोती रही. महफरीन की तरफ से कैराना कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

2 डाक्टरों की टीम द्वारा शाहनवाज की लाश का पोस्टमार्टम कराया गया
तो उस के शरीर में गोली लगना भी पाया गया, चाकुओं से वार किए गए थे, सो अलग.कैराना पुलिस के मुताबिक, महफरीन के बयान लिए तो उस ने पुलिस को चाकुओं से हमला करना ही बताया. पुलिस को महफरीन की बातों में दम नहीं लगा. उस की आंखों में पति की मौत के आंसू जरूर थे, लेकिन पकड़े जाने का डर भी साफ दिख रहा था.


पुलिस ने महफरीन को दोबारा से बयान लेने के लिए बुलाया, तो उस ने बयान देने से मना कर दिया. इस पर पुलिस को शक हुआ तो पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए उठा लिया. इसी दौरान केस के खुलासे के लिए लगाई गई टीमों ने जब महफरीन की कौल डिटेल खंगाली तो सारे राज खुलते चले गए.
तसव्वुर से महफरीन की लगातार बातचीत और लोकेशन शेयरिंग से पूरा राज खुला. पुलिस की कड़ी पूछताछ में महफरीन टूट गई.


‘‘हांमैं ने करवाया मर्डरतसव्वुर से प्यार करती हूं. शाहनवाज ने मारा था  पिटाई सह नहीं पाई.’’
महफरीन ने आगे बताया कि शाहनवाज ने उसे तसव्वुर से मोबाइलपर बात करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था. इस के बाद दोनों के बीच  झगड़ा हुआ. शाहनवाज ने उस की पिटाई भी की थी. इसी के बाद उस ने प्रेमी तसव्वुर के साथ मिल कर शाहनवाज की हत्या की योजना बनाई. उस का काम सिर्फ लोकेशन देना था.

हत्या की प्लानिंग के तहत उसे शाहनवाज को सही समय पर सही जगह तक ले जाना था.
कैराना और आसपास लगे 10 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों में 2 बाइकों पर सवार 4 हमलावर नजर आए.फुटेज से उन की बाइक का नंबर मिला. इस के कुछ ही घंटों में हत्या के आरोपी तसव्वुर और शोएब को पकड़ लिया गया. पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल तमंचा और चाकू गढ़ी दौलत गांव के एक नौजवान ने मुहैया कराए थे.   

लेखक     महेश कांत शिवा

Social Story: औनर किलिंग -भाई ने बहन को दी आजादी की सजा

Social Story: तलाक के बाद माया किसी और के साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी थी. यह बात उस के भाई को नागवार गुजरी और उस ने माया को मौत की सजा का तोहफा दे दिया.
मामला हरियाणा के रोहतक का है, जहां माया एक ब्यूटीपार्लर चलाती थी. 10 साल पहले उस की शादी लुधियाना, पंजाब के रहने वाले रमन के साथ हुई थी, पर यह शादी तकरार में तबदील होती गई और फिर मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. 5 महीने पहले रमन और माया का तलाक हो गया और वह अपने मायके रोहतक गई.
इस के बाद माया रोहतक की कबीर कालोनी में ही किराए के मकान में एक नौजवान के साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी थी. मायके वालों को इस बात पर गुस्सा आया खासकर माया के भाई ज्वाला प्रसाद को यह बात कतई पसंद नहीं थी.
पुलिस की जांच में सामने आया कि ज्वाला प्रसाद ने कई बार माया को टोका था, पर चूंकि माया अपने ब्यूटीपार्लर से अच्छाखासा कमा रही थी, तो उसे अपने परिवार की ज्यादा परवाह नहीं थी.
इसी बीच ज्वाला प्रसाद को माया के किरदार पर शक होने लगा था. कई लोग ब्यूटीपार्लर को ले कर भी सवाल उठाते थे. लिहाजा, भाई ने अपनी बहन की हत्या करने की ठान ली.
वीरवार, 25 दिसंबर, 2025 की सुबह माया ने माता दरवाजा चौक पर बना अपना ब्यूटीपार्लर खोला. सुबह धुंध ठंड की वजह से ज्यादा कस्टमर भी नहीं थे. इसी बीच ज्वाला प्रसाद चाकू ले कर ब्यूटीपार्लर में घुसा और माया के गले पर सामने की तरफ से बेरहमी से वार किया. माया छटपटाई, लेकिन भाई की पकड़ से छूट नहीं पाई.
इस केस में माया के साथ काम करने वाली लक्ष्मी एकलौती चश्मदीद गवाह है. उस की गवाही खास रहेगी.                              – सुनील शर्मा द्य
  अंधविश्वास में ली मासूम की जान

हरियाणा में अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला. वहां के यमुनानगर में तांत्रिक सिद्धि के लिए एक 4 साल के मासूम की बलि दे दी गई. आरोपी बच्चे का चचेरा बहनोई और बहन है. इन लोगों ने पहले बच्चे को किडनैप कर घर में रखा और फिर रात को श्मशान घाट में ले जा कर तंत्रमंत्र के बाद उस का गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया. 30 जुलाई को एक मासूम के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी. जांच के दौरान पुलिस को इस मासूम की लाश खेतों में बने ट्यूबवैल के पास पड़ी हुई मिली.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि मासूम की हत्या उस का गला घोंट कर गरदन तोड़ने से हुई. पुलिस ने बताया कि दोनों पतिपत्नी अपनेआप को ताकतवर बनाने के लिए मासूम पर पहले तंत्र विद्या की थी और इसी तंत्र विद्या की सिद्धि पाने की खातिर इस मासूम की हत्या कर दी. फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. बच्चे को उस के जन्मदिन पर अगवा किया गया था. Social Story

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें