सीएम से मिलने आए शख्स के पास मिला जिंदा कारतूस

सीएम हाउस में अरविंद केजरीवाल से मिलने पहुंचे एक शख्स की तलाशी के दौरान जेब से कारतूस मिलने पर हड़कंप मच गया. घटना को सीएम की सुरक्षा से जोड़कर फिर से सवाल उठने लगे. वजह ये कि एक हफ्ते के अंदर दूसरा वाकया है.

इससे पहले 20 नवंबर को दिल्ली सचिवालय में सीएम अरविंद केजरीवाल पर मिर्च फेंकने की वारदात हो चुकी है. अब सोमवार सुबह मुख्यमंत्री दरबार में उनके निवास पर इमामों के प्रतिनिधिमंडल के साथ एक शख्स मिलने पहुंचा था. मिर्ची अटैक के बाद सीएम से मिलने वालों की अब बारीकी से तलाशी ली जाती है.

गेट में एंट्री होने से पहले जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पर्स में रखा .32 बोर का एक कारतूस बरामद किया गया. फौरन उसे हिरासत में लेकर सीनियर अफसरों को इस बारे में इत्तला दी. तुरंत थाने लाकर पूछताछ की गई. सीएम की सुरक्षा से जुड़ा हुआ था, इसलिए अन्य खुफिया एजेंसियों के अलावा स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच ने भी आरोपी से छानबीन की. सिविल लाइंस पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.

पुलिस अफसरों के मुताबिक, पूछताछ में उसकी पहचान लोनी निवासी मोहम्मद इमरान (39) के रूप में हुई. ये पूरा वाकया सोमवार सुबह करीब 11:15 बजे का है. आरोपी इमरान दिल्ली वक्फ बोर्ड के तहत काम करने वाले 12 अन्य इमामों के साथ अपनी सैलरी बढ़वाने की बात करने सीएम के जनता दरबार में पहुंचा था. गेट पर पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों ने सभी की तलाशी ली. इमरान के पर्स में कुछ सख्त चीज महसूस हुई. पुलिस ने पर्स को चेक किया.

उसमें देखा कि .32 बोर का कारतूस है. आरोपी ने बताया कि वह करोल बाग की मस्जिद बावली वाली में मुअज्जिन का काम करता है. दो-तीन पहले मस्जिद के दानपात्र में कोई कारतूस को डाल गया था. मस्जिद के इमाम ने कारतूस उसे देखकर उसे यमुना में फेंकने के लिए कहा था. लेकिन बजाए कारतूस यमुना में फेंकने के उसने अपने पर्स में रख लिया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अवैध रूप से कारतूस रखने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है.

हो रही है सीएम को मारने की साजिश : आप

आम आदमी पार्टी ने सीएम पर लगातार हो रहे हमलों को बीजेपी की साजिश बताया है. आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भरद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीएम केजरीवाल को मारने की साजिश की जा रही है. बीते सोमवार को एक व्यक्ति सीएम के घर में जिंदा कारतूस लेकर घुस जाता है. सीएम का घर दिल्ली पुलिस की निगरानी में है. अंदर जाने से पहले कई प्रकार की जांच से होकर गुजरना पड़ता है, फिर कैसे ये व्यक्ति जिंदा कारतूस घर के अंदर तक लेकर चला जाता है. विधानसभा के विशेष सत्र में भी यह मुद्दा उठाया गया था.

आप प्रवक्ता ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में केजरीवाल पर चार बार हमला हो चुका है. कुछ साल पहले छत्रसाल स्टेडियम में सीएम पर जो हमला हुआ था, उस मामले में हमलावर को पुलिस ने घटना स्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आज तक उस केस में चार्जशीट फाइल हुई है. सीएम ने विधानसभा में भी कहा था कि उन पर हमले के दो ही कारण हो सकते हैं. पहला यह कि पीएम नरेंद्र मोदी खुद ये हमले प्रायोजित करवा रहे हैं या फिर पीएम दिल्ली के सीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी नाकाम साबित हो रहे हैं. अब सवाल ये उठता है कि जो पीएम एक मुख्यमत्री को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रहा हो, क्या वो देश की आम जनता को सुरक्षा दे पाएगा.

दक्षिणी दिल्ली के लोकसभा प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा कि आप सभी को पता है कि दिल्ली के सीएम पर लगातार हमले हो रहे हैं. अभी कुछ दिन पहले ही सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन में बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी अपने कुछ समर्थकों के साथ जबर्दस्ती प्रोग्राम में आकर हंगामा करते हैं, सीएम पर बोतलें फेंकी जाती हैं. उसके बाद दिल्ली सचिवालय में सीएम पर अटैक होता है. उन्होंने कहा कि यह सब एक साजिश के तहत हो रहा है. दूसरे कई राज्यों में बीजेपी की सरकार है, लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई व्यक्ति बीजेपी के किसी मुख्यमंत्री के घर में इस प्रकार का कोई जान लेवा समान लेकर घुस गया हो. हमने कभी नहीं सुना कि कोई व्यक्ति इस प्रकार से कारतूस लेकर शिवराजसिंह चौहान, वसुंधरा राजे या फिर रमन सिंह के घर में घुसा हो.

बुझ गई दूसरों की उम्मीदें जगाने वाली ‘ज्योति’

दिल्ली महिला आयोग की काउंसलर रहीं ज्योति की साजिशन हत्या हुई या उन्होंने आत्महत्या की/ रविवार रात आखिरी साढ़े चार घंटे में छिपी है मौत की ये मिस्ट्री. बवाना पुलिस हर पहलू से तफ्तीश कर रही है. 304बी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. ज्योति का सोमवार को पोस्टमौर्टम नहीं हो सका. परिजनों ने आशंका जताई है कि ज्योति का पति संजू खुद बाड़ा हिंदूराव अस्पताल में कार्यरत है, इसलिए मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमौर्टम की मांग की है. परिवार व जानकार ज्योति की खुदकुशी पर यकीन करने को तैयार नहीं.

जानकारों का कहना है कि औरों के जीवन में उम्मीद की रोशनी बिखरने वाली आखिर खुदकशी कैसे कर सकती है. पुलिस का कहना है कि शादी के बाद से ही पति उसपर शक करता था. मौत के बाद पति अस्पताल लेकर नहीं गया था, बल्कि शव घर पर ही पुलिस को मिला.

परिवार के मुताबिक, रविवार रात ज्योति से वौट्सऐप चैट हुई थी. आखिरी मेसेज 7:09 बजे आया था. आरोप है कि ज्योति ने चैट में बताया था कि अब ये लोग कैश की डिमांड भी कर रहे हैं. उसके बाद अचानक क्या हुआ कि उसने चैट में लिखा ‘प्लीज डोंट रिप्लाई नाउ’. उसके करीब साढ़े तीन घंटे बाद 11:36 पर पति ने ज्योति के परिवार को कौल करके बताया कि वह स्यूसाइड की कोशिश कर रही हैं. फिर 11:46 की कौल में पति ने बताया कि ज्योति ने स्यूसाइड कर लिया है और वो मर गई है. उसके बाद ज्योति के परिवारवालों ने पीसीआर कौल की.

पीसीआर के साथ मायके वाले घर पहुंचे. पुलिस के साथ देखा कि ज्योति का शव बेड पर था. उसका शरीर अकड़ चुका था. आरोप है कि उसके गले पर चोट के निशान थे. जबकि पति व ससुराल वाले पास ही थे. आंबेडकर में मोर्चरी में शव को रखवाया. ज्योति का मोबाइल व मौके से मिले कुछ सामान क्राइम टीम ने जांच के लिए सील कर लिए. गौरतलब है कि ज्योति की मौत पर मायकेवालों ने हत्या का आरोप लगाया है. जबकि पति व ससुराल वालों ने खुदकुशी का दावा किया.

वौट्सऐप पर आखिरी चैट ‘प्लीज डोंट रिप्लाई

एमएसडब्ल्यू (मास्टर इन सोशल वर्क) की डिग्री हासिल कर चुकीं 27 साल की ज्योति सहरावत तीन बहनों में सबसे छोटी थीं. बवाना के दरियापुर में ज्योति का परिवार रहता है. पिता रोहताश एयरफोर्स में औफिसर रैंक से रिटायर्ड हैं, फिलहाल इलेक्ट्रौनिक्स शोरूम है. शुरू से ही यह लोग ओम शांति मिशन से जुड़े हुए हैं.

ज्योति की मां का साढ़े चार साल पहले बीमारी की वजह से निधन हो चुका है. बड़ी बहन आकाश पीएचडी कर रही हैं, छोटी बहन रंजू बैंक में जॉब करती हैं. दोनों बड़ी बहनों ने शादी नहीं की. क्योंकि बड़ी बहन ने पीएचडी की वजह से शादी नहीं की. रंजू भी ओम शांति से जुड़ी हुई हैं. घर में ज्योति और छोटा भाई शक्ति सहरावत की ही शादी हुई है.

बहन रंजू ने बताया कि इसी साल 25 जून को मुंगेशपुर निवासी संजू राणा से शादी हुई थी. मायके और ससुराल में 15 मिनट का फासला है. ज्योति के परिवारवालों ने पुलिस को बताया कि शादी में 50 लाख के आसपास खर्च किया था. ज्योति पिछले पांच साल से आउटर जिले में दिल्ली महिला आयोग में रेप विक्टिम काउंसलर थीं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें