Crime Story: औनर किलिंग-घर आए दामाद को दी दर्दनाक मौत

त्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का एक बहुत पौश इलाका है आशियाना, जहांऔनर किलिंगका ऐसा कांड किया गया कि सुनने और देखने वाली की रूह कांप गई. वहां के सैक्टरआई में मंगलवार, 17 मार्च, 2026 की रात एक एडवोकेट तीरथ राज सिंह ने अपनी बेटी साक्षी के प्रेम विवाह से नाराज हो कर अपने ही दामाद विष्णु यादव की बेरहमी से हत्या कर दी, जिस से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतापगढ़ के सांगीपुर इलाके के रहने वाले 32 साल के विष्णु यादव ने महज 4 साल पहले एडवोकेट तीरथ राज सिंह की बेटी साक्षी से प्रेम विवाह किया था. पर तीरथ राज सिंह इस शादी के खिलाफ थे और तब से ही अपने दामाद और बेटी से  दुश्मनी पाल बैठे थे.विष्णु यादव और साक्षी अपनी 3 साल की बेटी अर्चिता के साथ प्रतापगढ़ में ही रहते थे. पर 17 मार्च को विष्णु यादव अपनी पत्नी साक्षी की जिद पर ससुराल में लखनऊ आए थे.

मंगलवार की रात को तकरीबन साढ़े 10 बजे विष्णु यादव और उन के ससुर तीरथ राज सिंह के बीच किसी बात को ले कर तीखी बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते यह बहस हाथापाई में बदल गया.
घर के भीतर शोर सुन कर विष्णु यादव की सालियां और परिवार के दूसरे सदस्य भी वहां पहुंच गए. इसी बीच, गुस्से से तमतमाए तीरथ राज ने पास पड़ी चारपाई का पाया उठाया और विष्णु के सिर पर ताबड़तोड़ चोट कर दी, जिस से विष्णु का सिर फट गया और उस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. बीचबचाव करने साक्षी भी पिता के हमले में घायल हो गई.

इस हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस सुपरिंटैंडैंट (मध्य) विक्रांत वीर और एसीपी कैंट अभय प्रताप मल्ल भारी पुलिस बल और फोरैंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने मौका वारदात
से हत्या में इस्तेमाल चारपाई का पाया बरामद कर लिया, जबकि फोरैंसिक टीम ने मौके से फिंगरप्रिंट्स और दूसरे तमाम सुबूत जुटाए. इतना ही नहीं, पुलिस ने तीरथ राज सिंह और उन की चार बेटियों को हिरासत में ले लिया. पुलिस सुपरिंटैंडैंट विक्रांत वीर ने बताया कि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड की साजिश पहले से रची गई थी या यह अचानक हुए  का नतीजा है.   

Hindi Story: दुकान चाय की धंधा जहर का

Hindi Story: चा की दुकान, जो आम आदमी के लिए थकान मिटाने, गपशप करने और जिंदगी की हलचल से कुछ पल सुकून पाने की जगह होती है, जब उसी दुकान की आड़ में जहर का कारोबार चलने लगे, तो यह केवल एक अपराध नहीं रह जाता. पिछले 5 साल में चाय की दुकान की आड़ ले कर नशे का ऐसा नैटवर्क खड़ा किया गया कि 20 करोड़ रुपए की जायदाद खड़ी हो गई.


बिहार के मनेर क्षेत्र में रहने वाला एक शख्स, जो बाहर से एक साधारण दुकानदार दिखता था, असल में नशा तस्करी के जाल का अहम किरदार निकला. पुलिस की कार्रवाई में उस के साथ उस की बहन समेत 6 सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई. जांच में जो बातें सामने आईं, वे चौंकाने वाली थीं. घर से 35 लाख रुपए की चरस, 25 लाख रुपए की स्मैक, 12 लाख, 20,000 रुपए नकद, हथियार, वाहन और कीमती सामान बरामद हुआ.


इस पूरे नैटवर्क की बनावट पर नजर डालें, तो यह साफ होता है कि अपराध अब अकेले शख्स का नहीं रहा, बल्कि यह एक संगठित तंत्र है, जिस में परिवार तक शामिल हो जाता है. आरोपी की बहन का रोल इस धंधे में काफी अहम बताया जा रहा है. ड्रग्स की सप्लाई नेपाल से कराई जाती थी, ताकि पुलिस की निगाहों से बचा जा सके. नेपाल भेजे गए लोग ड्रग्स ले कर लौटते थे और फिर बिहार के अलगअलग इलाकों जैसे आरा, सारण, गया वगैरह में इस की सप्लाई होती थी.


यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी ड्रग्स के साथ पकड़ा जा चुका था. 2 साल पहले भी उस के पास से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई थीं, लेकिन इस के बावजूद वह फिर उसी धंधे से जुड़ गया.
नशे का यह कारोबार नौजवानों को ध्यान में रख कर फैलाया जा रहा था. चाय की दुकान, जहां नौजवान अकसर इकट्ठा होते हैं, उसे ही सप्लाई का अड्डा बनाया गया. बताया जाता है कि आरोपी ने इसी काले धंधे से करोड़ों की जमीन, मकान और वाहन खड़े कर लिए थे.


साल 2016 में बिहार में शराबबंदी लागू हुई थी. इस का मकसद साफ था, अपराध रोकना, घरेलू हिंसा कम करना और समाज को सुधारना. शुरुआती महीनों में शराबबंदी ने असर भी दिखाया था, लेकिन धीरेधीरे तस्करों ने नई राह निकाल ली. नतीजतन, देशीविदेशी शराब की जगह अब ड्रग्स और नशे के दूसरे साधनों ने बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है.


शराबबंदी के बाद ड्रग्स का नैटवर्क कई गुना बढ़ गया है. पहले जो नशा केवल शहरों तक सीमित था, अब गांवगांव तक पहुंच गया है. गरीब तबका महुआ, स्प्रिट, खैनी, गुटका तक सीमित रहा, तो मिडिल क्लास गांजा, देशी शराब और अमीर तबका ब्राउन शुगर, चरस, प्रीमियम शराब तक अपनी पैठ बना चुका है.
पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहर नशे के हब बन चुके हैं, वहीं गया, नालंदा, सीतामढ़ी, मधुबनी, भभुआ, रोहतास जैसे जिले भी पीछे नहीं हैं.


16 साल के आकाश ने बताया, ‘‘मैं ने पहली बार ब्राउन शुगर स्कूल के दोस्तों के साथ ली थी. शुरू में लगा कि मजा आएगा. 500 रुपए में दोस्तों के साथ  लाते थे. धीरेधीरे आदत बढ़ी. अब दिनभर बेचैनी रहती है. मिले तो शरीर में खुजली मचना और दर्द बनना शुरू हो जाता है.’’ आकाश के पिता मजदूरी करते हैं. इस ने घर के गहने और मोबाइल तक बेच दिए थे. कुछ समय पहले ही आकाश को नशा मुक्ति केंद्र ले जाया गया था, लेकिन एक एक महीने बाद फिर वह वापस उसी ढर्रे पर लौट आया.

इन पर सब से ज्यादा असर12 से किशोरों से ले कर 25 साल के नौजवान सब से ज्यादा ब्राउन शुगर का सेवन कर रहे हैं. ब्राउन शुगर भी लोग 4-5 के समूह में सेवन करते हैं. यह नशा शहर से चल कर गांव तक पहुंच गया है.औरंगाबाद जिले के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने बताया, ‘‘हमारे स्कूल के तकरीबन 50 बच्चे ब्राउन शुगर का सेवन करते हैं. हम लोग सम? कर थक गए हैं, पर इन लोगों पर कोई असर नहीं पड़ता है. कई बच्चों ने तो स्कूल आना भी छोड़ दिया है.’’


नशा मुक्ति केंद्र, पटना के डाक्टर अजय कुमार बताते हैं, ‘‘ब्राउन शुगर और ड्रग्स का असर इतना खतरनाक है कि 3-4 महीने में ही नौजवान इस की गिरफ्त में जाते हैं. 70 फीसदी से ज्यादा मरीज इलाज के बाद भी दोबारा नशे की ओर लौट जाते हैं.’’ शराबबंदी के बाद गांवदेहात में देशी शराब बनाने का प्रचलन काफी बढ़ गया है. जहरीली शराब पीने की वजह से साल 2016 से अभी तक सरकारी रिकौर्ड के मुताबिक 190 मौतें हुई हैं. साल 2022 में सारण मशरक में सब से बड़ी घटना हुई थी, जिस में 73 लोगों की मौत हो गई थी.


जहरीली शराब की वजह से जब मौतें होने लगती हैं, तो प्रशासन और सरकार इसे छिपाने के लिए दूसरी वजह से मौत को दिखाने लगते हैं. सरकार द्वारा शराबबंदी को कामयाब बनाने के लिए बहुत कोशिश की गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. शराब हर जगह मिल रही है. गैरकानूनी तौर पर शराब बेचने वाले होम डिलीवरी की सहूलियत भी दे रहे हैं. अपराध और नशे का रिश्ता पुलिस रिकौर्ड बताते हैं कि शराबबंदी के बाद चोरी, डकैती और हत्या जैसे अपराधों में बढ़ोतरी हुई है. नशे की लत पूरी करने के लिए नौजवान चोरी और अपराध का रास्ता अपना रहे हैं.


सरकार ने 50 से ज्यादा नशा मुक्ति केंद्र चलाए हैं. विशेष अभियान में हजारों गिरफ्तारियां भी हुई हैं, लेकिन तस्करों का नैटवर्क इतना मजबूत है कि पकड़ में आते ही नए लोग उन की जगह ले लेते हैं.
नशा अब केवल निजी आदत नहीं, बल्कि सामाजिक संकट बन चुका है. सरकार, समाज और परिवार को मिल कर काम करना होगा, वरना आने वाली पीढ़ी नशे के अंधेरे में खो जाएगी. Hindi Story

Crime Story: देवर के चक्कर में पति की हत्या

Crime Story: हरियाणा के सोनीपत जिले के थाना गन्नौर क्षेत्र के गांव झरगढ़ी के रहने वाले शाहनवाज की शादी 9 साल पहले साल 2016 में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत की रहने वाली महफरीन से हुई थी.


शादी के बाद शाहनवाज और महफरीन की जिंदगी मजे से चल रही थी. शाहनवाज दिनभर काम कर के जब शाम को घर वापस लौटता, को महफरीन उस पर अपना भरपूर प्यार लुटाती थी. दोनों की जिंदगी हंसीखुशी से गुजर रही थी. इस दौरान महफरीन ने 2 बच्चों को जन्म दिया. पहला लड़का तकरीबन
8 साल का है, जबकि दूसरा लड़का तकरीबन 4 साल का है. जैसा कि सभी परिवारों में होता है, रिश्तेदार आतेजाते रहते हैं. शाहनवाज के मामा का लड़का तसव्वुर का भी वहां आनाजाना था. जब कभी तसव्वुर और महफरीन मिलते तो देवरभाभी होने के नाते एकदूसरे से हंसीमजाक भी करलेते थे.

शाहनवाज इसे यह सोच कर नजरअंदाज कर देता था कि देवरभाभी में मजाक तो चलता ही रहता है.
पिछले तकरीबन 6 महीने से महफरीन और तसव्वुर में अचानक से नजदीकियां ज्यादा बढ़ गई थीं. दोनों ने एकदूसरे का मोबाइल नंबर भी शेयर कर लिया था.
‘‘भाभी, आप मु? बहुत अच्छी लगती हो,’’ एक दिन तसव्वुर ने महफरीन से कहा.
इस पर महफरीन ने जवाब दिया, ‘‘रहने दो.’’ ‘‘रब करे आप को किसी की नजर लगे…’’ तसव्वुर ने कहा, ‘‘मैं आप को दिल से कह रहा हूं कि आप बहुत खूबसूरत हो.’’ हिम्मत कर के तसव्वुर ने अपने दिल की बात भी कह दी, ‘‘भाभी, मैं तुम से प्यार करता हूं और तुम्हारे बगैर रह नहीं सकता.’’


तसव्वुर के मुंह से यह बात सुन कर महफरीन को थोड़ी देर के लिए अजीब सा लगा, लेकिन जब दोनों में काफी देर तक बात हुई, तो महफरीन भी तसव्वुर को अपना दिल दे बैठी.
इस के बाद तो उन दोनों में घंटों बात होने लगी, फिर दोनों चोरीछिपे मिलने भी लगे. दोनों ने प्यार की तमाम हदों को पार कर दिया.


पर जब देखो तब और घंटों तसव्वुर से बात करने पर शाहनवाज को महफरीन पर शक हो गया. उस ने 1-2 बार महफरीन को समझाया भी, लेकिन वह नहीं मानी और लगातार तसव्वुर से संबंध जारी रखे.
3 अगस्त की रात को शाहनवाज ने महफरीन को मोबाइल पर किसी से बात करते रंगे हाथ पकड़ लिया, ‘‘किस से बात कर रही थी? क्या चल रहा है?’’ महफरीन बोली, ‘‘कुछ भी नहीं, मैं तो बस…’’शाहनवाज ने गुस्से में उस का फोन छीना और देखा कि कौल लौग में बारबार तसव्वुर का नाम था. वह भड़क उठा और महफरीन की पिटाई कर दी.


उस रात महफरीन की आंखों में सिर्फ आंसू नहीं थे, नफरत और बदले की आग भी थी. महफरीन ने उसी रात तसव्वुर को  फोन कर कहा, ‘‘अब बहुत हो गया, उसे रास्ते से हटाना होगा.’’रात में ही महफरीन और तसव्वुर ने एक ऐसी योजना बनाई, जिस का किसी को अंदाजा भी नहीं था. इस के बाद महफरीन ने शाहनवाज से ऐसा बरताव किया जैसे पिटाई के बाद वह शाहनवाज की बात मान गई हो.

उस ने शाहनवाज को इस का जरा भी अहसास नहीं होने दिया कि उस के दिमाग में क्या चल रहा है.
7 अगस्त, 2025 को शामली जनपद के गांव खुरगान के बाशिंदे और शाहनवाज के ममेरे साले इमलाक की शादी थी. महफरीन और शाहनवाज ने मिल कर शादी में जाने का प्रोग्राम बनाया.


महफरीन बोली, ‘‘हम बाइक पर जाएंगे, ताकि जल्दी पहुंच सके, क्योंकि हरियाणा की बसों में बहुत भीड़ चल रही है. फिर गांव तक पहुंचने के लिए साधन भी नहीं मिलता है. बसअड्डे पर खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ता है. अपनी बाइक होगी तो आसानी से घर तक पहुंच जाएंगे.’’


‘‘हां, यह सही रहेगा गरमी भी बहुत ज्यादा है. अपना साधन होगा तो पहुंचने में आसानी रहेगी,’’ शाहनवाज ने जवाब दिया, फिर थोड़ा रुक कर बोला, ‘‘एक दिन पहले चलेंगे. काफी दिन हो गए, तुम्हारे परिवार वालों से भी नहीं मिला हूं मैं. वे भी कहते रहते हैं…’’‘‘रात को तुम्हारे मायके गांव गढ़ी दौलत चलेंगे अगले दिन वहीं से खुगरान चलेंगे,’’ शाहनवाज ने अपना प्लान बताया.


जैसा कि महफरीन और शाहनवाज ने शादी के लिए प्रोग्राम बनाया था, उसी के मुताबिक 6 अगस्त, 2025 को दोनों बाइक पर सवार हो कर गांव गढ़ी दौलत पहुंच गए.शाहनवाज को देख कर महफरीन के मायके वाले भी बहुत खुश हुए. सभी ने घर और परिवार का हालचाल पूछा. दामादजी घर पर आए थे, तो शाहनवाज की खातिरदारी भी अच्छी तरह से हुई.


7 अगस्त की सुबह शाहनवाज अपनी बीवी महफरीन को बाइक पर बैठा कर गांव खुरगान के लिए निकल पड़ा. गांव में पहुंचने से पहले कसबा कैराना में उस ने कुछ सामान भी खरीदा और फिर से चल पड़ा.
बाइक पर पीछे बैठी महफरीन फोन पर बारबार किसी से बात कर रही थी. बाइक की स्पीड तेज होने के चलते वह समझ नहीं पा रहा था. उसे केवल इतना ही समझ आया कि शायद शादी वाले घर से फोन रहे होंगे कि कितनी देर में पहुंचोगे.


लेकिन महफरीन किसी से कोडवर्ड में बात कर रही थी. उस ने बोला, ‘मंजिल आने वाली है…’ थोड़ा आगे चलने पर उस ने फिर से कोडवर्ड में बात की, ‘पुल पार करोऔर इस के बाद फोन पर फिर से कहाबस थोड़ा इंतजार करो.’ महफरीन के इन कोडवर्ड से खून और धोखे की गंध रही थी. सुबह के 10 बज रहे थे. शाहनवाज और महफरीन की बाइक नैशनल हाईवे पर दौड़ी जा रही थी.

जब वे पानीपतहरिद्वार नैशनल हाईवे पर बने एक फ्लाईओवर से थोड़ा आगे बेरी के बाग के निकट पहुंचे, तो पीछे से 2 बाइकों पर सवार 4 लड़कों ने ओवरटेक कर शाहनवाज की बाइक में टक्कर मार दी और शाहनवाज को डंडा मार कर बाइक रुकवा ली. उन्होंने चाकू से शाहनवाज पर ताबड़तोड़ कई वार किए. एक लड़के ने उस पर तमंचे से गोली चलाई. गंभीर रूप से घायल शाहनवाज सड़क पर नीचे गिर गया. वारदात को अंजाम देने के बाद वे सभी हमलावर फरार हो गए.


शाहनवाज की आंखों में दर्द और धोखे कीलक थीशायद आखिरी बार उस ने महफरीन को देखा, जो चुपचाप खड़ी थी. महफरीन ने डायल 112 को फोन किया और पुलिस को सूचना दी, ‘‘हम पर हमला हुआ है. बदमाशों ने मेरे पति को मार डाला.’’ पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर घायल पड़े शाहनवाज को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया. जानकारी पा कर सोनीपत से शाहनवाज के परिवार वाले भी कैराना पहुंच गए. उन्होंने पुलिस को डेढ़ लाख रुपए की दूल्हे के लिए ले जाई जा रही नोटों की माला और बाइक लूटने की सूचना दी.


एसपी रामसेवक गौतम, एएसपी संतोष कुमार सिंह और सीओ कैराना श्याम सिंह मौके पर पहुंचे. इस दौरान पुलिस ने मौके से शाहनवाज की बाइक भी बरामद की. फोरैंसिक टीम ने पहुंच कर सुबूत जुटाए.
वहीं, अस्पताल में महफरीन जमीन पर गिर कर बारबार बेहोशी का नाटक करने लगी, रोती रही. महफरीन की तरफ से कैराना कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

2 डाक्टरों की टीम द्वारा शाहनवाज की लाश का पोस्टमार्टम कराया गया
तो उस के शरीर में गोली लगना भी पाया गया, चाकुओं से वार किए गए थे, सो अलग.कैराना पुलिस के मुताबिक, महफरीन के बयान लिए तो उस ने पुलिस को चाकुओं से हमला करना ही बताया. पुलिस को महफरीन की बातों में दम नहीं लगा. उस की आंखों में पति की मौत के आंसू जरूर थे, लेकिन पकड़े जाने का डर भी साफ दिख रहा था.


पुलिस ने महफरीन को दोबारा से बयान लेने के लिए बुलाया, तो उस ने बयान देने से मना कर दिया. इस पर पुलिस को शक हुआ तो पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए उठा लिया. इसी दौरान केस के खुलासे के लिए लगाई गई टीमों ने जब महफरीन की कौल डिटेल खंगाली तो सारे राज खुलते चले गए.
तसव्वुर से महफरीन की लगातार बातचीत और लोकेशन शेयरिंग से पूरा राज खुला. पुलिस की कड़ी पूछताछ में महफरीन टूट गई.


‘‘हांमैं ने करवाया मर्डरतसव्वुर से प्यार करती हूं. शाहनवाज ने मारा था  पिटाई सह नहीं पाई.’’
महफरीन ने आगे बताया कि शाहनवाज ने उसे तसव्वुर से मोबाइलपर बात करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था. इस के बाद दोनों के बीच  झगड़ा हुआ. शाहनवाज ने उस की पिटाई भी की थी. इसी के बाद उस ने प्रेमी तसव्वुर के साथ मिल कर शाहनवाज की हत्या की योजना बनाई. उस का काम सिर्फ लोकेशन देना था.

हत्या की प्लानिंग के तहत उसे शाहनवाज को सही समय पर सही जगह तक ले जाना था.
कैराना और आसपास लगे 10 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों में 2 बाइकों पर सवार 4 हमलावर नजर आए.फुटेज से उन की बाइक का नंबर मिला. इस के कुछ ही घंटों में हत्या के आरोपी तसव्वुर और शोएब को पकड़ लिया गया. पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल तमंचा और चाकू गढ़ी दौलत गांव के एक नौजवान ने मुहैया कराए थे.   

लेखक     महेश कांत शिवा

Social Story: औनर किलिंग -भाई ने बहन को दी आजादी की सजा

Social Story: तलाक के बाद माया किसी और के साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी थी. यह बात उस के भाई को नागवार गुजरी और उस ने माया को मौत की सजा का तोहफा दे दिया.
मामला हरियाणा के रोहतक का है, जहां माया एक ब्यूटीपार्लर चलाती थी. 10 साल पहले उस की शादी लुधियाना, पंजाब के रहने वाले रमन के साथ हुई थी, पर यह शादी तकरार में तबदील होती गई और फिर मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. 5 महीने पहले रमन और माया का तलाक हो गया और वह अपने मायके रोहतक गई.
इस के बाद माया रोहतक की कबीर कालोनी में ही किराए के मकान में एक नौजवान के साथ लिवइन रिलेशनशिप में रहने लगी थी. मायके वालों को इस बात पर गुस्सा आया खासकर माया के भाई ज्वाला प्रसाद को यह बात कतई पसंद नहीं थी.
पुलिस की जांच में सामने आया कि ज्वाला प्रसाद ने कई बार माया को टोका था, पर चूंकि माया अपने ब्यूटीपार्लर से अच्छाखासा कमा रही थी, तो उसे अपने परिवार की ज्यादा परवाह नहीं थी.
इसी बीच ज्वाला प्रसाद को माया के किरदार पर शक होने लगा था. कई लोग ब्यूटीपार्लर को ले कर भी सवाल उठाते थे. लिहाजा, भाई ने अपनी बहन की हत्या करने की ठान ली.
वीरवार, 25 दिसंबर, 2025 की सुबह माया ने माता दरवाजा चौक पर बना अपना ब्यूटीपार्लर खोला. सुबह धुंध ठंड की वजह से ज्यादा कस्टमर भी नहीं थे. इसी बीच ज्वाला प्रसाद चाकू ले कर ब्यूटीपार्लर में घुसा और माया के गले पर सामने की तरफ से बेरहमी से वार किया. माया छटपटाई, लेकिन भाई की पकड़ से छूट नहीं पाई.
इस केस में माया के साथ काम करने वाली लक्ष्मी एकलौती चश्मदीद गवाह है. उस की गवाही खास रहेगी.                              – सुनील शर्मा द्य
  अंधविश्वास में ली मासूम की जान

हरियाणा में अंधविश्वास का दिल दहला देने वाला मामला. वहां के यमुनानगर में तांत्रिक सिद्धि के लिए एक 4 साल के मासूम की बलि दे दी गई. आरोपी बच्चे का चचेरा बहनोई और बहन है. इन लोगों ने पहले बच्चे को किडनैप कर घर में रखा और फिर रात को श्मशान घाट में ले जा कर तंत्रमंत्र के बाद उस का गला घोंट कर मौत के घाट उतार दिया. 30 जुलाई को एक मासूम के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली थी. जांच के दौरान पुलिस को इस मासूम की लाश खेतों में बने ट्यूबवैल के पास पड़ी हुई मिली.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हुआ कि मासूम की हत्या उस का गला घोंट कर गरदन तोड़ने से हुई. पुलिस ने बताया कि दोनों पतिपत्नी अपनेआप को ताकतवर बनाने के लिए मासूम पर पहले तंत्र विद्या की थी और इसी तंत्र विद्या की सिद्धि पाने की खातिर इस मासूम की हत्या कर दी. फिलहाल दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. बच्चे को उस के जन्मदिन पर अगवा किया गया था. Social Story

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