Akhilesh Yadav Family : प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्ते में आयी दरार

Akhilesh Yadav Family :  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और मुलायम सिंह यादव व साधना यादव की बहू अपर्णा यादव और उन के पति प्रतीक यादव का रिश्ता अब खत्म होने के कगार पर दिखाई दे रहा है.

प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपर्णा यादव  को ‘फैमिली डिस्ट्रॉयर’ (घर तोड़ने वाली) तक कह दिया और कहा कि उनकी मानसिक स्थिति इस समय बहुत खराब है. उन्होंने अपर्णा पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं. अंदाजा लगाया जा रहा है कि एक बेहद खूबसूरत प्रेम कहानी अब अंत की ओर बढ़ रही है. वह रिश्ता, जो कभी ईमेल के जरिए शुरू हुआ था, अब इंस्टा पोस्ट से खत्म होता दिख रहा है.

अपर्णा और प्रतीक की प्रेम कहानी. स्कूल के दिनों से शुरू हो गई थी. अपर्णा और प्रतीक की मुलाकात एक दोस्त की जन्मदिन पार्टी में हुई. पार्टी के दौरान बात बढ़ी और दोनों ने ईमेल आईडी शेयर की. यह साल 2001 की बात है. उस समय अपर्णा हर रोज ईमेल चेक नहीं कर पाती थीं, लेकिन प्रतीक ने उनके लिए अपने प्रेम को शब्दों में पिरोना शुरू कर दिया. जब अपर्णा ने अपनी मेल आईडी चेक की, तो उनके इनबॉक्स में प्रतीक के प्रेम भरे मेल्स की भरमार थी. इसके बाद अपर्णा ने जवाब दिया और दोनों का प्यार बढ़ता गया.

शुरुआत में अपर्णा को प्रतीक के मुलायम सिंह यादव का बेटा होने की जानकारी नही थी. 2001 में शुरू हुई इस प्रेम कहानी ने करीब 10 साल तक साथ निभाया. इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को जाना और परिवारों के बारे में जानकारी हासिल की. इसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी करने का फैसला किया और 4 दिसंबर, 2011 को प्रतीक और अपर्णा परिणय सूत्र में बंध गए.

इस शादी में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अनिल अंबानी जैसे वीवीआईपी शामिल हुए. लखनऊ से सैफई तक इस शादी का भव्य जश्न मनाया गया.

प्रतीक यादव फिटनेस फ्रीक और बॉडी बिल्डिंग एक्सपर्ट हैं. उन्होंने रियल एस्टेट में भी कदम रखा. वहीं, अपर्णा यादव प्रशिक्षित क्लासिकल सिंगर हैं और उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में डिप्लोमा प्राप्त किया है. शादी के बाद उन्होंने राजनीति में रुचि दिखाई. दोनों के दो बच्चे भी हैं.

अपर्णा यादव की राजनीति में रुचि थी. मुलायम सिंह यादव ने उन्हें 2017 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ाया, लेकिन वे भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं. इसके बाद उन्होंने भाजपा का रुख किया और 2022 से पहले सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं. कहा जाता है कि इस बदलाव से मुलायम परिवार में मतभेद बने. राजनीति, महत्वाकांक्षा और निजी मतभेदों के चलते जन्मजनमांतर का वादा अब टूटता दिखाई दे रहा है. Akhilesh Yadav Family

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