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Readers Problem : बीवी का पूजापाठ बना तनाव की वजह

Readers Problem-

सवाल: मेरी उम्र 42 साल है. मैं भोपाल, मध्य प्रदेश में रहता हूं. मेरी शादी को 16 साल हो चुके हैं. हमारे 2 बच्चे हैं. समस्या यह है कि मेरी पत्नी को पूजापाठ का इतना ज्यादा चसका लग गया है कि वह पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूर होती जा रही है. चूंकि बच्चे बड़े हो रहे हैं तो उन्हें भी यही पाठ पढ़ाया जा रहा है कि पूजापाठ से ही उन का भला होगा. हर काम से पहले मंदिर में माथा टेको, प्रसाद खाओ, दान करो.

इस सब से हमारे परिवार का माहौल एकदम मंदिर जैसा हो गया है कि हमेशा शुद्धता का पालन करो. इस सब में हमारे घर में हमेशा तनाव का माहौल रहता है. मेरी पत्नी को समझ  नहीं आ रहा है कि मैं क्या चाहता हूं. हम दोनों पतिपत्नी ऐसा क्या करें कि यह क्लेश खत्म हो जाए?

जवाब : एक दफा कैंसर का इलाज मुमकिन है, लेकिन धर्मकर्म और पूजापाठ के रोग का इलाज किसी के पास नहीं. इस के सेल्समैन आप के भोपाल क्या देशभर के शहरों में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं. औरतें इन चक्करों में जल्दी पड़ती हैं, क्योंकि धर्म उन्हें तरह तरह से बरगलाता है, डर दिखाता है, लालच भी देता है, फिर पैसे ऐंठता है.

वैसे, यह क्लेश आसानी से खत्म नहीं होगा. पर आप इस के साथ जीने की आदत डालें यह कहना आप की समस्या का हल नहीं है. हल यह है कि आप इस रोग से दूर रहें और बच्चों को भी इस की असलियत से वाकिफ कराएं. कुछ दिन बतौर प्रयोग छुट्टी ले कर आप भी भगवान की मूर्ति के सामने धूनी रमा कर बैठ जाएं, काम पर न जाएं और पत्नी को कहें कि अब से भगवान ही खानेपीने को भेजेगा. तब शायद उसे काम की अहमियत समझ आए.  Readers’ Problems

सच्ची सलाह के लिए कैसी भी परेशानी टैक्स्ट या वौइस मैसेज से भेजें. मोबाइल नंबर : 08826099608

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