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Cricket News: खेल पर भारी रहा बेतुका विवाद

Cricket News: क्रिकेट के एशिया कप की शुरुआत इसलिए हुई थी कि एशिया में क्रिकेट खेलने वाली टीमों को एकदूसरे के साथ भिड़ने का मौका मिले और वे मजबूत बनें. वैसे भी कोई भी खेल इसीलिए खेला जाता है कि खिलाडि़यों में खेल भावना पनपे और वे हरजीत से ऊपर उठ कर खेल परंपरा को आगे बढ़ाएं.

पर इस बार क्रिकेट के एशिया कप, 2025 में भारतपाकिस्तान का आपसी विवाद पूरे टूर्नामैंट पर भारी पड़ गया. दूसरी टीमों का जैसे कोई वजूद ही नहीं था. ऐसा लग रहा था कि खेल का मैदान लड़ाई का मैदान बन गया है. हाल ही में भारतपाकिस्तान की सरहद पर हुई झड़प खेल के मैदान पर भी अपना गलत असर दिखाती नजर आई.

28 सितंबर, 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच यूएई में फाइनल मुकाबला हुआ और भारत ने इस रोमांचक मैच को 5 विकेट से जीत भी लिया, पर इन दोनों देशों के बीच खेले गए 3 मैचों में खिलाड़ी गेंदबल्ले से ज्यादा अपनी जबान और इशारों से एकदूसरे से जू झते नजर आए.

फाइनल मुकाबला जीतने के बाद तो विवाद और ज्यादा गहरा गया था. रात को 12 बजे भारत की जीत के बाद प्रैजेंटेशन सैरेमनी तकरीबन सवा घंटे देरी से शुरू हुई, क्योंकि भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रौफी लेने से साफ इनकार कर दिया था. इस से पहले पाकिस्तान टीम के साथ भी हाथ नहीं मिलाया था. मोहसिन नकवी पुरस्कार वितरण समारोह शुरू होने से पहले एक तरफ खड़े थे और भारतीय खिलाड़ी 15 गज के भीतर खड़े थे. उन्होंने अपनी जगहों से हटने से इनकार कर दिया और समारोह में देरी होती गई.

भारतीय टीम मैनेजमैंट ने पहले ही तय कर लिया था कि खिलाड़ी मोहसिन नकवी से ट्रौफी नहीं लेंगे. मोहसिन नकवी जैसे ही स्टेज पर आए तो दर्शकों की ओर से भारतीय फैंस ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने शुरू कर दिए.

इतना ही नहीं, मोहसिन नकवी जैसे ही स्टेज पर आए, उन्हें बताया गया कि भारतीय टीम उन से ट्रौफी नहीं लेगी और वे जबरदस्ती करेंगे तो आधिकारिक विरोध दर्ज किया जाएगा.

मोहसिन नकवी इंतजार करते रहे और अचानक आयोजकों में से कोई ट्रौफी ड्रैसिंग रूम के भीतर ले गया.

मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तानी टीम एक घंटे बाद तक ड्रैसिंग रूम से बाहर नहीं आई. सिर्फ पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी अकेले खड़े हो कर शर्मिंदगी झेलते रहे.

तकरीबन 55 मिनट बाद जब पाकिस्तानी टीम बाहर आई, तो दर्शकों ने ‘इंडिया इंडिया’ के नारे लगाए. भारत के ट्रौफी लेने से इनकार के बाद एसीसी हैड मोहसिन नकवी एशिया कप की ट्रौफी अपने साथ ले कर चलते बने.

चैंपियन बनने के बाद भारतीय टीम को ट्रौफी न मिलने से बीसीसीआई काफी नाराज दिखी और कहा गया कि नवंबर में होने वाली अगली आईसीसी मीटिंग में मोहसिन नकवी के खिलाफ नाराजगी जताई जाएगी.

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टीम के इनकार को सही ठहराते हुए कहा कि ऐसे किसी शख्स से भारतीय टीम ट्रौफी नहीं ले सकती जिस के देश ने हमारे देश के खिलाफ युद्ध छेड़ रहा हो. याद रहे कि मोहसिन नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथसाथ अपने देश के गृह मंत्री भी हैं.

एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रौफी लेने से इनकार के बाद भारतीय टीम को एशिया कप नहीं दिए जाने पर कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, ‘मैं ने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि विजयी टीम को ट्रौफी नहीं दी गई हो. लेकिन मेरे लिए मेरे खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ ही असली ट्रौफी है.’ Cricket News

Asia Cup 2025: तिलक वर्मा का बयान – पाकिस्तान खिलाड़ियों ने खूब भड़काया

Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हरा कर शानदार जीत हासिल की. इस ऐतिहासिक जीत से पूरे देश में जश्न का माहौल है. इसी बीच टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा का एक इंटरव्यू सामने आया है, जिस में उन्होंने मैच के दौरान झेले गए दबाव और माहौल पर खुल कर बात की.

तिलक वर्मा का कहना है, “फाइनल की शुरुआत में जरूर थोड़ा दबाव था, लेकिन मेरे लिए सब से अहम देश था. मुझे मालूम था कि अगर मैं ने दबाव के आगे हार मान ली, तो मैं खुद को और 140 करोड़ देशवासियों को निराश कर दूंगा इसलिए मैं ने वही अपनाया जो मुझे बचपन से अपने कोच ने सिखाया था—बेसिक्स पर भरोसा रखना.”

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने मैच के दौरान खूब उकसाया, लेकिन उन्होंने जवाब देने के बजाय चुप रह कर अपने खेल पर ध्यान देना सही समझा.

भारतपाकिस्तान के हाई वोल्टेज फाइनल मुकाबले पर बात करते हुए तिलक वर्मा ने साफ कहा कि पाकिस्तान को असली जवाब मैदान पर ही दिया जा सकता था और टीम इंडिया ने वही कर दिखाया. उन्होंने बताया कि मैच के दौरान बहुत सी बातें हुईं, कई ऐसी चीजें भी जिन का जिक्र वे खुल कर नहीं कर सकते, लेकिन उन का पूरा ध्यान सिर्फ जीत पर था.

तिलक वर्मा ने कहा, “मैच के बाद मैं ने जो कहना था, वह कह दिया. भारतपाकिस्तान का हर मुकाबला तनाव और दबाव से भरा होता है, लेकिन हम सब की नजरें केवल जीत पर थीं. जब अंतिम ओवर में 10 रन चाहिए थे, तब तक मैं पूरी तरह से दबाव से ऊपर उठ चुका था.

“उस समय मेरे दिमाग में सिर्फ देश था. मैं हर गेंद पर स्ट्रैटेजी बना रहा था और मुझे विश्वास था कि मैं टीम को जीत दिलाऊंगा. मुझे गर्व है कि मैं ने अपने देश के लिए यह कर दिखाया.” Asia Cup 2025

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