सच्ची सलाह
सवाल: मेरी उम्र 40 साल है. मैं उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर में रहता हूं. मेरी शादी को 11 साल हो चुके हैं. हमारे 2 बच्चे हैं. जहां मैं काम करता हूं वहां एक औरत भी काम करती है जो अपने पति से तलाक लेने वाली है. उस की एक बेटी भी है. वह हर किसी से मदद मांगती है कि अकेली है तो उसे पैसे का सहारा मिल जाए.
कुछ लोग उस की मदद भी कर देते हैं. पर पिछले कुछ दिनों से वह मेरे पीछे पड़ी है कि उस की बेटी की स्कूल की फीस भर दूं. मुझे इस तरह की मदद करने में कोई परहेज नहीं है, पर इस से तो उस औरत की आदत और ज्यादा बिगड़ सकती है. मैं ने कई बात टालना चाहा पर वह मेरी सीट पर आ कर बारबार कहती है तो मुझे अच्छा नहीं लगता.
हालांकि, सब उस औरत की इस आदत से वाकिफ हैं, पर बहुत से लोग यह समझाने लगे हैं कि मैं उस पर डोरे डालने लगा हूं. मैं ऐसा क्या करूं कि सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे?
जवाब : दफ्तर में लेनदेन से सभी को परहेज करना चाहिए खासतौर से ऐसी औरतों से जो पीछे पड़ जाती हैं. मुमकिन है उस औरत को वाकई पैसों की जरूरत हो, लेकिन सभी से मांगने की बात उसे शक के दायरे में लाती है. आखिर जितनी सैलरी में आप लोग घरगृहस्थी चला रहे हैं लगभग उतना ही पैसा उसे भी मिलता होगा. आप पहले नरमी और फिर सख्ती से उसे टरका दें.
वजह, ऐसे लोगों से उधार दिया पैसा वापस मिलने के चांस कम ही होते हैं. या एक बार थोड़ा पैसा दे कर छुटकारा पा लें, क्योंकि जब तक पहले का वापस नहीं कर देगी तब तक दौबारा मांगने से हिचकिचाएगी. उस से उस के तलाक से ताल्लुक रखती या दूसरी पर्सनल बातें न करें.
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सवाल : मेरी उम्र 19 साल है और मैं दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाके में रहता हूं. मैं कालेज में पढ़ता हूं और यहां पीजी के तौर पर रह रहा हूं. जब से सत्य निकेतन में इमारत गिरी है, तब से हम सब को डर लगने लगा है.
चूंकि यहां किराया काफी कम है तो यहां से जाने का मन नहीं करता, पर इस इमारत की जर्जर हालत किसी से छिपी नहीं है. पिछले कुछ दिनों पहले पड़ोस के कमरे का सीलिंग फैन गिर गया था. हालांकि, किसी को चोट नहीं लगी, पर मन में डर घर कर गया. पीजी का मालिक बोल तो रहा है कि इमारत की मरम्मत कराएगा, पर अभी कुछ हुआ नहीं है. हम सब पीजी क्या करें खासकर मैं कैसे इन हालात को हैंडल करूं?
जवाब : आप सभी स्टूडैंट्स मिल कर पीजी मालिक पर दबाव बनाए रखें और खामख्वाह डरें नहीं. एक सत्य निकेतन के गिरने का यह मतलब नहीं कि सभी पीजी गिर जाएंगे. हां, एहतियात बरतना अच्छा और जरूरी है. पीजी मालिक न माने तो उस की शिकायत एमसीडी व नजदीकी पुलिस थाने में करें.
अगर आप को ज्यादा डर लगता हो तो कमरा बदल लें. इसी किराए में या थोड़े ज्यादा में लक्ष्मीनगर में ही रूम मिल जाएगा.
सच्ची सलाह के लिए कैसी भी परेशानी टैक्स्ट या वौइस मैसेज से भेजें. मोबाइल नंबर : 08826099608




