News Story. आजकल मनोरंजन के साधन इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि किसी एक पर टिके रहना बड़ा मुश्किल हो जाता है. भारत में तो क्रिकेट का अपना ही जलवा है. विजय पर इस खेल की खुमारी का अलग ही लैवल रहता है.

अब विजय 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी का दीवाना है. चूंकि महिला क्रिकेट का वर्ल्ड कप चल रहा है तो वह उन के मैच भी देखता है. वह स्मृति मंधाना के खेल और खूबसूरती दोनों का फैन है.

ऊपर से फुटबाल का वर्ल्ड कप भी चल रहा है, तो खेल के दीवानों की पौबारह हो रखी है. विजय की भी बल्लेबल्ले. इसी चक्कर में वह पिछले कई दिनों से घर से बाहर कम ही जाता है. इस से घर पर मम्मी परेशान और बाहर अनामिका.

चूंकि अनामिका अपने नए फ्लैट में शिफ्ट हुई है तो वह थोड़ा बिजी थी, पर आज उस ने सोच लिया था कि विजय के घर जा कर उस की खबर लेगी.

पर विजय साहब तो विजय साहब हैं. वे तो घर पर भारत और बंगलादेश के बीच चल रहे महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप मैच का मजा ले रहे थे.

मैच अभी शुरू ही हुआ था कि अनामिका दनदनाती हुई विजय के कमरे में गई. वहां तो माहौल ही अलग था. टीवी पर मैच चल रहा, विजय कुरसी पर पसरा हुआ, टेबल पर कोल्डड्रिंक और चिप्स रखे थे…

यह देख कर अनामिका का दिमाग खराब हो गया. उस का पारा चढ़ गया. उसे लगा कि विजय का सिर फोड़ दे पर उसे ऐसा कुछ सामान दिख नहीं रहा था कि वह विजय से पंगे लेती. सब से बड़ी बात तो यह थी कि विजय को पता ही नहीं चला कि अनामिका उस के पीछे खड़ी थी.

तभी अनामिका को एक खुराफात सूझी. फर्श पर एक नई फुटबाल पड़ी थी. उस ने फुटबाल पर इस तरह किक मारी कि पहले तो वह विजय के सिर पर लगी, फिर साइड वाली दीवार पर और उस से टकरा कर खिड़की से बाहर निकल गई.

‘‘गोल…’’ अनामिका जोर से चिल्लाई और तेजतेज हंसने लगी.

अचानक लगी फुटबाल से विजय का सिर झन्ना गया. वह चिल्लाया, ‘‘पागल की बच्ची, कौन इतनी तेज मारता है. और यह कैसा मजाक है…’’

‘‘ओ हैलो, यह मजाक नहीं है बल्कि मेरे फुटबाल खेलने का स्किल है. तुम ने देखा नहीं कि मैं ने किस एंगल से और कितनी फोर्स से फुटबाल को किक मार कर उसे खिड़की से बाहर भेज दिया. जाओ बच्चे, नीचे से फुटबाल ले कर आओ.’’

तब तक विजय के सिर का दर्द थोड़ा कम हुआ. वह बोला, ‘‘ओ मेरी मेसी, बस कर. जो मैच सामने चल रहा है उसे देख. आज भारत को जीतना ही होगा, नहीं तो हम सैमीफाइनल में नहीं जा पाएंगे. अगला मैच आस्ट्रेलिया के साथ है, जिस ने अपने पिछले मैच में पाकिस्तान को बुरी तरह हरा दिया था.’’

‘‘तो मुझे उस से क्या… पहले तुम गेंद नीचे से लाओ और फिर मेरी किक की तारीफ करो,’’ कहते हुए अनामिका एक कुरसी पर बैठ गई.

विजय बेमन से अपने कमरे से बाहर निकला. उसे बाहर देख कर मम्मी ने ताना कसा, ‘‘बाहर निकल आई नई दुलहन… क्या सेवा की जाए मेरी लाडली की?’’

‘‘मम्मी, प्लीज, आप तो कुछ मत कहो. अंदर एक तूफान काफी है मेरी जिंदगी में हलचल मचाने के लिए,’’ विजय ने कहा.

‘‘अच्छा, नीचे जा रहा है तो दुकान से थोड़ा पनीर ले आना. अनामिका को पनीर की भुज्जी पसंद है,’’ मम्मी ने कहा.

विजय ने नीचे जा कर पहले फुटबाल उठाई, फिर दुकान से पनीर और एक कोल्डड्रिंक ले कर ऊपर आ गया.

इधर, अनामिका ने चैनल बदल कर फीफा वर्ल्ड कप के मैच की हाइलाइट्स लगा ली थी.

‘‘यार, तुम ने क्रिकेट मैच क्यों हटाया? ये तो वैसे भी हाइलाइट्स हैं. तुम फिर कभी देख लेना,’’ विजय ने अनामिका से कहा.

‘‘क्या क्रिकेटक्रिकेट लगा रखा है. बेटा, फुटबाल देख लो. इस खेल में जो मजा है वह क्रिकेट में कभी नहीं मिल सकता,’’ अनामिका ने कहा.

‘‘पर मुझे  क्रिकेट देखना है.’’

‘‘बोरिंग गेम. पब्लिक का बेवकूफ बनाते हैं. दुनिया में इस तरह ढिंढोरा पीटते हैं जैसे हर जगह क्रिकेट ही खेला जाता है और भारत तो ‘विश्वगुरु’ है इस खेल का, जबकि ऐसा नहीं है. असली हीरो तो फुटबाल है,’’ अनामिका ने अपनी बात रखी.

‘‘तुम्हारे कहने का मतलब है कि फुटबाल ‘खेलों का विश्वगुरु’ है, क्रिकेट नहीं?’’ विजय ने सवाल किया.

‘‘हां, फुटबाल को ‘खेलों का विश्गुरु’ बोल सकते हैं,’’ अनामिका ने कहा.

‘‘जरा एक्सप्लेन करेंगी आप?’’

क्यों नहीं. फीफा में 211 देश हैं, जबकि आईसीसी में 12 टैस्ट मैच खेलने वाले देश हैं. फुटबाल 2022 का वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबला डेढ़ अरब लोगों ने देखा था, जबकि क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला 30 करोड़ लोगों ने.

‘‘इस फुटबाल वर्ल्ड कप को जीतने वाली टीम को 400 करोड़ रुपए से ज्यादा का इनाम मिलेगा, जबकि आईपीएल की विजेता टीम को महज 20 करोड़ रुपए मिले थे,’’ अनामिका बोली.

‘‘तुम्हारे कहने का मतलब है कि जब लोग फुटबाल देखते हैं तो दुनिया रुक जाती है?’’ विजय से सवाल दागा.

‘‘कह सकते हैं. एक बार तो युद्ध रुक गया था,’’ अनामिका ने कहा.

‘‘कब और किस के बीच?’’ विजय ने हैरान हो कर पूछा.

‘‘मैं ने एक अखबार में पढ़ा था. दरअसल, ब्राजील के महान फुटबाल खिलाड़ी पेले ने अपने कैरियर का ज्यादातर समय सांतोस फुटबाल क्लब में बिताया था. 1960 के दशक में पेले की वजह से सांतोस फुटबाल क्लब दुनिया की सब से मशहूर फुटबाल क्लबों में से एक थी. यह टीम पूरे वर्ल्ड में पहचानी जाती थी और दुनिया के हर कोने में फ्रैंडली मैचों में हिस्सा लेती थी.

‘‘एक ऐसा ही मैच 4 फरवरी 1969 को नाइजीरिया के एक युद्धग्रस्त क्षेत्र में खेला गया था. इस मैच में सांतोस का सामना बेनिन सिटी के एक क्लब से हुआ था.

सांतोस की टीम 26 जनवरी 1969 को नाइजीरिया पहुंची थी. तब नाइजीरिया में गृहयुद्ध चल रहा था. नाइजीरिया और बायाफ्रा के बीच लड़ाई थी. इस लड़ाई में हजारों लोगों की जान गई थी, वहीं लाखों लोग बेघर हो गए थे.

‘‘हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि पेले के वहां पहुंचते ही नाइजीरिया और बायाफ्रा के बीच लड़ाई 48 घंटे से ज्यादा समय के लिए रुक गई थी. यह एक तरह का सीजफायर था. क्या क्रिकेट ने कभी युद्ध रुकवाया है?’’ अनामिका ने सवाल किया.

‘‘यह क्या बात हुई? और कोई तुलना हो तो बताओ?’’ विजय ने खीज कर कहा.

‘‘फुटबाल के मुकाबले क्रिकेट बोरियत भरा खेल है. फुटबाल में 90 मिनट का रोमांच होता, जबकि क्रिकेट खासकर जब टैस्ट मैच होता है, तो 5 दिन में बहुत बार बोरिंग हो जाता है. वनडे में भी तकरीबन 8 घंटे और ट्वेंटी20 में 4 घंटे तो लगते ही हैं.

‘‘फुटबाल का खेल इतना ज्यादा फास्ट होता है कि गेंद जैसे मैदान पर नाचती दिखती है, जबकि क्रिकेट में मैदान पर 13 खिलाड़ी होते हैं, पर उन में से ज्यादातर किसी हरकत में नहीं दिखाई देते हैं. गेंदबाज, बल्लेबाज और फील्डर ही एक्टिव दिखता है.

‘‘फुटबाल के खेल में एक सस्ती सी फुटबाल 22 खिलाडि़यों को मैदान पर दौड़ाती है. साथ में रैफरी भी दौड़ते हैं. एक खिलाड़ी मैदान में तकरीबन 10 किलोमीटर बड़ी तेजी से दौड़ लेता हैं. इस में स्प्रिंट, जंप, टैकल, बिना रुके भागना शामिल होता है.

‘‘क्रिकेट में बैट्समैन 22 गज भागता है, फिर 2 मिनट रैस्ट. फील्डर 90 फीसदी टाइम खड़ा रहता है. स्लिप में खड़े हो तो ऊंघ भी लो. कितनी बार मैदान पर क्रिकेट खिलाड़ी खुद में ताकत और ताजगी लाने के लिए फुटबाल खेल रहे होते हैं,’’ अनामिका बोली.

‘‘सिर्फ अच्छी किक मारने से कोई खिलाड़ी नहीं बन जाता. किसी भी खेल को खेलने से पहले उस के बारे में जानना भी जरूरी है. अच्छा, इस बार के फुटबाल वर्ल्ड कप के बारे में तुम क्या जानती हो?’’ विजय ने पूछा.

‘‘मैं ने एक बड़े अखबार में पढ़ा था कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 बेहद खास है. ऐतिहासिक, क्योंकि इस में पहली बार 48 टीमें खेल रही हैं. यह 12 जून से शुरू हो चुका है और इस का फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा,’’ अनामिका बोली.

‘‘और बताओ इस के बारे में?’’ विजय ने कहा.

‘‘यह वर्ल्ड कप 3 देशों में आयोजित किया गया है, जिस में संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं. ऐसा पहली बार हुआ है, जब फीफा वर्ल्ड कप 3 देशों की मेजबानी में खेला जा रहा है,’’ अनामिका बोली.

‘‘कुछ और रोचक बात बताओ?’’ विजय आज अनामिका का फुटबाल ज्ञान लेने के मूड में था.

‘‘इस बार 12 ग्रुप बनाए गए हैं, हर ग्रुप में 4 टीमें हैं. इस से कुल मैच 64 से बढ़ कर 104 हो गए हैं. यही वजह है कि यह टूर्नामैंट 39 दिनों तक खेला जाएगा,’’ अनामिका बोली.

‘‘क्या इस बदलाव से किसी को कोई फायदा हुआ है?’’ विजय ने पूछा.

‘‘हां, हुआ है. इस बदलाव से अफ्रीका, एशिया और कनाडा, मैक्सिको, अमेरिका क्षेत्र की ज्यादा टीमों को मौका मिला है. कुल 16 शहर मैचों की मेजबानी कर रहे हैं, जिन में वैंकूवर से ले कर मैक्सिको सिटी और मियामी तक शामिल हैं. अमेरिका में सब से ज्यादा मैच हो रहे हैं खासकर क्वार्टर फाइनल से आगे के सभी नौकआउट मैच उसी के स्टेडियमों में होंगे,’’ अनामिका ने अपनी बात रखी.

‘‘बहुत खूब. तुम तो बहुतकुछ जानती हो. वैसे, इस बार के फुटबाल वर्ल्ड कप में जो फुटबाल इस्तेमाल की जा रही है, उस की जानकारी भी बेहद रोचक है,’’ विजय ने बताया.

‘‘अच्छा, जरा बताओ तो सही इस बारे में. मु?ो तो लगा था कि जनाब को सिर्फ क्रिकेट का ही ज्ञान है,’’ अनामिका बोली.

‘‘मैं ने भी खबरों से ही इस बारे में जानकारी ली है. एडिडास द्वारा विकसित यह हाईटैक फुटबाल आधुनिक तकनीक, अनोखे डिजाइन और सांस्कृतिक प्रतीकों का शानदार मिश्रण है. इस का नाम भी काफी यूनिक है, ट्रायोंडा,’’ विजय बोला.

‘‘इस नाम का मतलब क्या है?’’ अनामिका ने पूछा.

‘‘ट्रायोंडा 2 शब्दों से मिल कर बना है, ट्राय (यानी 3) और ओंडा. ओंडा स्पैनिश भाषा का शब्द है, जिस का मतलब होता है, लहर. इस तरह ट्रायोंडा का मतलब होता है, 3 लहरें. यह नाम 2026 फीफा वर्ल्ड कप के 3 मेजबान देशों, अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको, की एकता और सांझा फुटबाल संस्कृति को दिखाता है,’’ विजय बोला.

‘‘और कोई ऐसी खासीयत इस ट्रायोंडा फुटबाल की?’’ अब अनामिका को मजा आ रहा था.

‘‘ट्रायोंडा का डिजाइन साधारण फुटबाल की तरह नहीं है. इस में लाल, नीले और हरे रंग का विशेष मिक्स दिखाई देता है, जो तीनों मेजबान देशों का प्रतिनिधित्व करता है. लाल रंग कनाडा का प्रतीक है. नीला रंग अमेरिका को दिखाता है और हरा रंग मैक्सिको की पहचान से जुड़ा है.

‘‘इस के अलावा गेंद पर सितारे (यूएसए), मैपल लीफ (कनाडा) और ईगल (मैक्सिको) के प्रतीक भी शामिल किए गए हैं. इतना ही नहीं, ट्रायोंडा की सब से बड़ी तकनीकी खासीयत इस की 4 पैनल वाली संरचना है. यह फीफा मैन्स वर्ल्ड कप के इतिहास की पहली आधिकारिक गेंद है, जिस में केवल 4 थर्मली बौन्डेड पैनल इस्तेमाल किए गए हैं. इस से गेंद की सतह ज्यादा स्मूद बनती है और उस की उड़ान पर बेहतर कंट्रोल मिलता है.

‘‘इतना ही नहीं, इस गेंद के अंदर एक उन्नत मोशन सैंसर चिप लगाई गई है, जो गेंद की गति और दिशा से संबंधित डाटा रियल टाइम में भेजती है. यह तकनीक वीडियो असिस्टैंट रैफरी को औफसाइड, हैंडबाल और अन्य विवादित फैसलों में ज्यादा सटीक जानकारी देने में मदद करती है.

‘‘स्मार्ट होने की वजह से यह गेंद चार्जेबल है, जिसे हर नए मैच से पहले मोबाइल की तरह चार्ज करना होता है. इस चार्जिंग की वजह गेंद में लगी स्मार्ट चिप है, जो मैच के दौरान एक्टिव रह कर गेंद की एकएक हरकत का डाटा कंप्यूटर को देती है,’’ विजय ने बताया.

‘‘मतलब खिलाड़ी से ज्यादा गेंद हाईफाई हो गई है इस वर्ल्ड कप में?’’ अनामिका के मुंह से निकला.

‘‘कह सकती हो,’’ विजय ने कहा.

‘‘इस का मतलब फुटबाल ही खेल का असली ‘विश्वगुरु’ है. यह खेल ताकत और स्टैमिना का अद्भुत मेल है. सालों पहले जब यह खेल शुरू हुआ था तो अमीरों का खेल माना जाता था और ऊंचे तबके के लोग ही मनोरंजन के लिए इसे खेलते थे, पर बाद में गरीबों की गलियों तक जा पहुंचा और स्लम बस्तियों के मजबूत लड़के आए और अपने खेल स्किल की वजह से दुनिया में छा गए.

‘‘सेनेगल के सादियो माने, कनाडा के अल्फोंसो डेविस, पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो, फ्रांस के एडिल रामी, ब्राजील के पेले नेमार और रोबर्टो कार्लोस, अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना… ऐसे बहुत से नाम हैं, जो स्लम से निकल कर फुटबाल के बेताज बादशाह बने,’’ अनामिका बोली.

‘‘तुम से बहस करने में कोई नहीं जीत सकता. भूख लग रही है. मम्मी ने तुम्हारी मनपसंद पनीर की भुज्जी बनाई है,’’ विजय ने कहा.

‘‘अरे वाह, चलो फिर चलते हैं,’’ इतना कह कर अनामिका ने दोबारा फर्श पर रखी फुटबाल के किक मारने की एक्टिंग की.

विजय अपना सिर बचाने के लिए नीचे झुका, तो अनामिका हंस पड़ी और बोली, ‘‘बेटा, मेरा किक मारने पर कंट्रोल है. डरो मत, ऐसा कुछ नहीं होगा. मम्मी के पास चलते हैं और पनीर भुज्जी का लुत्फ लेते हैं,’’ अनामिका बोली और कमरे से भाग गई. News Story

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