Crime Story: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के गांव मतावली पट्टी जग्गू में नाक की खातिर अपनों की जान लेने का शर्मनाक मामला सामने आया, जहां 19 फरवरी, 2026 को एक भाई ने अपनी ही सगी बहन रूपजहां का गला घोंट कर उस कत्ल कर दिया, क्योंकि वह गांव के ही एक लड़के शिवम सैनी से प्यार करती थी.
जब इस हत्याकांड की खबर पुलिस को लगी और वह मौका ए वारदात पर पहुंची, तो मंजर दिल दहला देने वाला था. घर के आंगन में बिछी एक चारपाई पर रूपजहां का बेजान शरीर पड़ा था. उसी घर के एक कोने में उस का भाई जाने आलम और पिता नौशे आलम मौजूद थे. जाने आलम ने खुद पुलिस को फोन कर के कहा था, ‘साहब, मैं ने अपनी बहन को मार डाला है, आ कर मु?ो ले जाओ.’ पिता का कुबूलनामा
रूपजहां के पिता नौशे आलम ने इस औनर किलिंग पर दो टूक शब्दों में कहा, ‘‘मेरी बेटी शिवम सैनी नाम के लड़के से प्यार करती थी.
वह उस से शादी करना चाहती थी और वह उस के साथ भाग गई थी. ‘‘गांव वाले मेरा मजाक उड़ा रहे थे, गलियों से गुजरना मुश्किल हो गया था. मैं परेशान था. 2 दिन पहले वह शिवम के साथ भाग गई थी. हम ने उसे सम?ाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी. ‘‘हम मुसलमान हैं. बेटी का प्रेमी सैनी (हिंदू) है. हम ऐसी शादी कैसे कर देते? अगर हमारी बिरादरी में शादी की बात होती, तो हम करा देते.’’ क्या प्रधान ने मांगी घूस इस पूरी साजिश में रूपजहां के चाचा दुलारे हुसैन ने मीडिया को बताया कि इस पूरी वारदात के पीछे गांव के प्रधान और पुलिस भी शक के घेरे में है.
दुलारे के मुताबिक, जब रूपजहां और शिवम थाने पहुंचे थे, तो वहां पंचायत हुई. थाने के एसओ साहब दोनों के फेरे कराने को तैयार थे. उन्होंने कहा था कि लड़की बालिग है. उन्होंने हम से अंगूठा लगवाने को कहा, तो हम वहां से भाग आए. इस के बाद प्रधान लेखराज ने बीचबचाव किया और बेटी को वापस लाने के बदले 3 लाख रुपए मांगे. प्रधान ने कहा कि पुलिस और मामले को रफादफा करने के लिए पैसे लगेंगे. हम ने किसी तरह डेढ़ लाख रुपए दिए.
परिवार वालों का आरोप है कि पैसे देने के बाद वे बेटी को घर तो ले आए, लेकिन उस की ‘आजादी’ छीनने के लिए. जब घर के भीतर बंद रूपजहां ने फिर से शिवम का नाम लिया, तो भाई जाने आलम का खून खौल उठा और उस ने यह कांड कर डाला. एक साल का इश्क रूपजहां और शिवम सैनी के घर एकदूसरे से महज 400 मीटर की दूरी पर हैं. पिछले एक साल से दोनों के बीच इश्क का मामला चल रहा था. शिवम के परिवार को इस रिश्ते से एतराज नहीं था, लेकिन रूपजहां का परिवार इसे हिंदूमुसलिम के एंगल से देख रहा था.
शिवम की मां का बयान शिवम सैनी की मां हरप्यारी ने बताया, ‘‘मेरे बेटे और रूपजहां ने 2 महीने पहले ही चोरीछिपे शादी कर ली थी. वे एकदूसरे के हो चुके थे. रूपजहां हमारी बहू थी. जब वे घर से भागे थे, तो अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने थाने गए थे.’’ साजिश के तहत बुलाया गया इस कांड से पहले जब रूपजहां और शिवम थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें बालिग होने के नाते साथ रहने की इजाजत दे दी थी.
शिवम सुरक्षा के लिहाज से रूपजहां को ले कर अमरोहा में अपनी एक रिश्तेदारी में चला गया था. रूपजहां को लगा था कि वे दोनों अब महफूज हैं. लेकिन घर पर पिता और भाई ने उसे वापस लाने का जाल बुना. रूपजहां को गांव के प्रधान की मदद से ‘सब ठीक हो जाएगा’ का ?ांसा दे कर घर बुलाया गया. पर जब रूपजहां अपने घर लौटी तो खबरों के मुताबिक घर में सिर्फ जाने आलम और रूपजहां ही थे. इसी दौरान उन दोनों में ?ागड़ा हुआ और जाने आलम ने दुपट्टे का फंदा बना कर अपनी बहन को मार डाला. इस हत्याकांड में ग्राम प्रधान, लड़की के पिता और भाई समेत 5 और लोगों को भी आरोपी बनाया गया.




