Film: सा 2025 मेंहोमबाउंडनाम की एक फिल्म आई थी, जिसे नीरज घेवान ने बनाया था. इस फिल्म का नाम भले ही अंगरेजीदां है, पर यह खालिस हिंदी फिल्म है.
चलो, पहलेहोमबाउंडका हिंदी में मतलब समझते हैं. कोई इनसान, जो चलने के लिए छड़ी या वाकर का इस्तेमाल करता है और बिना सहारे के घर से बाहर नहीं निकल सकता,वहहोमबाउंडहो सकता है.

लेकिन2 हट्टेकट्टे लड़के, जो सपनों से भरे हैं, पुलिस की नौकरी की तैयारी में मशगूल हैं, क्या वेहोमबाउंडहो सकते हैं? हिंदी फिल्महोमबाउंडमें ऐसा ही कुछ दिखाया गया है, जिस में 2 ऐसे लड़कों की कहानी बताई गई है, जो समाज के उस गरीब और अल्पसंख्यक तबके से आते हैं, जहां उन की तरक्की में जाति और धर्म की दीवार जाती है. ये 2 किरदार हैं चंदन कुमार और मोहम्मद शोएब के, जिन्हें निभाया है विशाल जेठवा और ईशान खट्टर ने. चंदन कुमार दलित है और सरकारी नौकरी के फार्म में अपनी जाति छिपाता है, जबकि मोहम्मद शोएब भारत में रह कर भी मुसलिम होने के चलते गद्दार होने का तमगा छाती पर लिए फिरता है.


दोनों दोस्त पुलिस में भरती होने का सपना देखते हैं, पर समाज की दकियानूसी सोच को हर रोज झेलते हैं और इतने ज्यादा तनाव में रहते हैं कि अपनी भड़ास निकालने के लिए एकदूसरे के कंधे का सहारा ढूंढ़ते हैं. तभी कहानी ऐसा मोड़ लेती है कि चंदन कुमार का परिवार गरीबी और जातिगत जुल्म से लगातार टूटता चला जाता है. दूसरी तरफ मजबूरी में मोहम्मद शोएब को एक दफ्तर में औफिस बौय की नौकरी करनी पड़ती है, मगर यहां भी उस के धर्म की वजह से उसे बेइज्जती झेलनी पड़ती है.


मोहम्मद शोएब में अपनी कंपनी का बनाया प्रोडक्ट बेचने का गुण होता है, पर उसे वह काम नहीं करने दिया जाता. वहीं, चंदन कुमार हर जगह अपनी दलित पहचान छिपाने को मजबूर है, ताकि कोई उस की बेइज्जती कर सके. परिवार की गरीबी और हर जगह से दुत्कार मिलने पर हालात ऐसे बनते हैं कि दोनों दोस्तो को घर छोड़ कर सूरत की एक मिल में काम करने जाना पड़ता है, तभी दुनियाभर में कोरोना महामारी का कहर जाता है और कहानी में नया एंगल शुरू होता है, जो दोनों दोस्तों की जिंदगी का सब से बड़ा इम्तिहान लेता है.


यही वजह है कि यह फिल्म केवल कई इंटरनैशनल मंचों पर तारीफ पा चुकी है, बल्कि भारत से औस्कर 2026 के लिए आधिकारिक एंट्री पा चुकी है. इसेबैस्ट इंटरनैशनल फीचर फिल्मकैटेगरी में दूसरे देशों की फिल्मों से मुकाबला करना है.इन में अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस, जरमनी, इराक, जापान, जौर्डन, नार्वे, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताइवान और ट्यूनीशिया की फिल्में शामिल हैं.

याद रहे कि 15 मार्च, 2026 को लौस एंजिल्स में एक भव्य समारोह में औस्कर अवार्ड 2026 दिए जाएंगे.
यह 98 साल के औस्कर अवार्ड के इतिहास में भारतीय सिनेमा की 5वीं फिल्म है, जोबैस्ट इंटरनैशनल फीचर फिल्मकैटेगरी के लिए शौर्टलिस्ट हुई है और अगर जीत गई तो कमाल कर देगी. Film

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