Crime Story: हरियाणा के सोनीपत जिले के थाना गन्नौर क्षेत्र के गांव झरगढ़ी के रहने वाले शाहनवाज की शादी 9 साल पहले साल 2016 में उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थाना कांधला क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत की रहने वाली महफरीन से हुई थी.


शादी के बाद शाहनवाज और महफरीन की जिंदगी मजे से चल रही थी. शाहनवाज दिनभर काम कर के जब शाम को घर वापस लौटता, को महफरीन उस पर अपना भरपूर प्यार लुटाती थी. दोनों की जिंदगी हंसीखुशी से गुजर रही थी. इस दौरान महफरीन ने 2 बच्चों को जन्म दिया. पहला लड़का तकरीबन
8 साल का है, जबकि दूसरा लड़का तकरीबन 4 साल का है. जैसा कि सभी परिवारों में होता है, रिश्तेदार आतेजाते रहते हैं. शाहनवाज के मामा का लड़का तसव्वुर का भी वहां आनाजाना था. जब कभी तसव्वुर और महफरीन मिलते तो देवरभाभी होने के नाते एकदूसरे से हंसीमजाक भी करलेते थे.

शाहनवाज इसे यह सोच कर नजरअंदाज कर देता था कि देवरभाभी में मजाक तो चलता ही रहता है.
पिछले तकरीबन 6 महीने से महफरीन और तसव्वुर में अचानक से नजदीकियां ज्यादा बढ़ गई थीं. दोनों ने एकदूसरे का मोबाइल नंबर भी शेयर कर लिया था.
‘‘भाभी, आप मु? बहुत अच्छी लगती हो,’’ एक दिन तसव्वुर ने महफरीन से कहा.
इस पर महफरीन ने जवाब दिया, ‘‘रहने दो.’’ ‘‘रब करे आप को किसी की नजर लगे…’’ तसव्वुर ने कहा, ‘‘मैं आप को दिल से कह रहा हूं कि आप बहुत खूबसूरत हो.’’ हिम्मत कर के तसव्वुर ने अपने दिल की बात भी कह दी, ‘‘भाभी, मैं तुम से प्यार करता हूं और तुम्हारे बगैर रह नहीं सकता.’’


तसव्वुर के मुंह से यह बात सुन कर महफरीन को थोड़ी देर के लिए अजीब सा लगा, लेकिन जब दोनों में काफी देर तक बात हुई, तो महफरीन भी तसव्वुर को अपना दिल दे बैठी.
इस के बाद तो उन दोनों में घंटों बात होने लगी, फिर दोनों चोरीछिपे मिलने भी लगे. दोनों ने प्यार की तमाम हदों को पार कर दिया.


पर जब देखो तब और घंटों तसव्वुर से बात करने पर शाहनवाज को महफरीन पर शक हो गया. उस ने 1-2 बार महफरीन को समझाया भी, लेकिन वह नहीं मानी और लगातार तसव्वुर से संबंध जारी रखे.
3 अगस्त की रात को शाहनवाज ने महफरीन को मोबाइल पर किसी से बात करते रंगे हाथ पकड़ लिया, ‘‘किस से बात कर रही थी? क्या चल रहा है?’’ महफरीन बोली, ‘‘कुछ भी नहीं, मैं तो बस…’’शाहनवाज ने गुस्से में उस का फोन छीना और देखा कि कौल लौग में बारबार तसव्वुर का नाम था. वह भड़क उठा और महफरीन की पिटाई कर दी.


उस रात महफरीन की आंखों में सिर्फ आंसू नहीं थे, नफरत और बदले की आग भी थी. महफरीन ने उसी रात तसव्वुर को  फोन कर कहा, ‘‘अब बहुत हो गया, उसे रास्ते से हटाना होगा.’’रात में ही महफरीन और तसव्वुर ने एक ऐसी योजना बनाई, जिस का किसी को अंदाजा भी नहीं था. इस के बाद महफरीन ने शाहनवाज से ऐसा बरताव किया जैसे पिटाई के बाद वह शाहनवाज की बात मान गई हो.

उस ने शाहनवाज को इस का जरा भी अहसास नहीं होने दिया कि उस के दिमाग में क्या चल रहा है.
7 अगस्त, 2025 को शामली जनपद के गांव खुरगान के बाशिंदे और शाहनवाज के ममेरे साले इमलाक की शादी थी. महफरीन और शाहनवाज ने मिल कर शादी में जाने का प्रोग्राम बनाया.


महफरीन बोली, ‘‘हम बाइक पर जाएंगे, ताकि जल्दी पहुंच सके, क्योंकि हरियाणा की बसों में बहुत भीड़ चल रही है. फिर गांव तक पहुंचने के लिए साधन भी नहीं मिलता है. बसअड्डे पर खड़े होकर घंटों इंतजार करना पड़ता है. अपनी बाइक होगी तो आसानी से घर तक पहुंच जाएंगे.’’


‘‘हां, यह सही रहेगा गरमी भी बहुत ज्यादा है. अपना साधन होगा तो पहुंचने में आसानी रहेगी,’’ शाहनवाज ने जवाब दिया, फिर थोड़ा रुक कर बोला, ‘‘एक दिन पहले चलेंगे. काफी दिन हो गए, तुम्हारे परिवार वालों से भी नहीं मिला हूं मैं. वे भी कहते रहते हैं…’’‘‘रात को तुम्हारे मायके गांव गढ़ी दौलत चलेंगे अगले दिन वहीं से खुगरान चलेंगे,’’ शाहनवाज ने अपना प्लान बताया.


जैसा कि महफरीन और शाहनवाज ने शादी के लिए प्रोग्राम बनाया था, उसी के मुताबिक 6 अगस्त, 2025 को दोनों बाइक पर सवार हो कर गांव गढ़ी दौलत पहुंच गए.शाहनवाज को देख कर महफरीन के मायके वाले भी बहुत खुश हुए. सभी ने घर और परिवार का हालचाल पूछा. दामादजी घर पर आए थे, तो शाहनवाज की खातिरदारी भी अच्छी तरह से हुई.


7 अगस्त की सुबह शाहनवाज अपनी बीवी महफरीन को बाइक पर बैठा कर गांव खुरगान के लिए निकल पड़ा. गांव में पहुंचने से पहले कसबा कैराना में उस ने कुछ सामान भी खरीदा और फिर से चल पड़ा.
बाइक पर पीछे बैठी महफरीन फोन पर बारबार किसी से बात कर रही थी. बाइक की स्पीड तेज होने के चलते वह समझ नहीं पा रहा था. उसे केवल इतना ही समझ आया कि शायद शादी वाले घर से फोन रहे होंगे कि कितनी देर में पहुंचोगे.


लेकिन महफरीन किसी से कोडवर्ड में बात कर रही थी. उस ने बोला, ‘मंजिल आने वाली है…’ थोड़ा आगे चलने पर उस ने फिर से कोडवर्ड में बात की, ‘पुल पार करोऔर इस के बाद फोन पर फिर से कहाबस थोड़ा इंतजार करो.’ महफरीन के इन कोडवर्ड से खून और धोखे की गंध रही थी. सुबह के 10 बज रहे थे. शाहनवाज और महफरीन की बाइक नैशनल हाईवे पर दौड़ी जा रही थी.

जब वे पानीपतहरिद्वार नैशनल हाईवे पर बने एक फ्लाईओवर से थोड़ा आगे बेरी के बाग के निकट पहुंचे, तो पीछे से 2 बाइकों पर सवार 4 लड़कों ने ओवरटेक कर शाहनवाज की बाइक में टक्कर मार दी और शाहनवाज को डंडा मार कर बाइक रुकवा ली. उन्होंने चाकू से शाहनवाज पर ताबड़तोड़ कई वार किए. एक लड़के ने उस पर तमंचे से गोली चलाई. गंभीर रूप से घायल शाहनवाज सड़क पर नीचे गिर गया. वारदात को अंजाम देने के बाद वे सभी हमलावर फरार हो गए.


शाहनवाज की आंखों में दर्द और धोखे कीलक थीशायद आखिरी बार उस ने महफरीन को देखा, जो चुपचाप खड़ी थी. महफरीन ने डायल 112 को फोन किया और पुलिस को सूचना दी, ‘‘हम पर हमला हुआ है. बदमाशों ने मेरे पति को मार डाला.’’ पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर घायल पड़े शाहनवाज को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया. जानकारी पा कर सोनीपत से शाहनवाज के परिवार वाले भी कैराना पहुंच गए. उन्होंने पुलिस को डेढ़ लाख रुपए की दूल्हे के लिए ले जाई जा रही नोटों की माला और बाइक लूटने की सूचना दी.


एसपी रामसेवक गौतम, एएसपी संतोष कुमार सिंह और सीओ कैराना श्याम सिंह मौके पर पहुंचे. इस दौरान पुलिस ने मौके से शाहनवाज की बाइक भी बरामद की. फोरैंसिक टीम ने पहुंच कर सुबूत जुटाए.
वहीं, अस्पताल में महफरीन जमीन पर गिर कर बारबार बेहोशी का नाटक करने लगी, रोती रही. महफरीन की तरफ से कैराना कोतवाली में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

2 डाक्टरों की टीम द्वारा शाहनवाज की लाश का पोस्टमार्टम कराया गया
तो उस के शरीर में गोली लगना भी पाया गया, चाकुओं से वार किए गए थे, सो अलग.कैराना पुलिस के मुताबिक, महफरीन के बयान लिए तो उस ने पुलिस को चाकुओं से हमला करना ही बताया. पुलिस को महफरीन की बातों में दम नहीं लगा. उस की आंखों में पति की मौत के आंसू जरूर थे, लेकिन पकड़े जाने का डर भी साफ दिख रहा था.


पुलिस ने महफरीन को दोबारा से बयान लेने के लिए बुलाया, तो उस ने बयान देने से मना कर दिया. इस पर पुलिस को शक हुआ तो पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए उठा लिया. इसी दौरान केस के खुलासे के लिए लगाई गई टीमों ने जब महफरीन की कौल डिटेल खंगाली तो सारे राज खुलते चले गए.
तसव्वुर से महफरीन की लगातार बातचीत और लोकेशन शेयरिंग से पूरा राज खुला. पुलिस की कड़ी पूछताछ में महफरीन टूट गई.


‘‘हांमैं ने करवाया मर्डरतसव्वुर से प्यार करती हूं. शाहनवाज ने मारा था  पिटाई सह नहीं पाई.’’
महफरीन ने आगे बताया कि शाहनवाज ने उसे तसव्वुर से मोबाइलपर बात करते हुए रंगे हाथ पकड़ा था. इस के बाद दोनों के बीच  झगड़ा हुआ. शाहनवाज ने उस की पिटाई भी की थी. इसी के बाद उस ने प्रेमी तसव्वुर के साथ मिल कर शाहनवाज की हत्या की योजना बनाई. उस का काम सिर्फ लोकेशन देना था.

हत्या की प्लानिंग के तहत उसे शाहनवाज को सही समय पर सही जगह तक ले जाना था.
कैराना और आसपास लगे 10 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों में 2 बाइकों पर सवार 4 हमलावर नजर आए.फुटेज से उन की बाइक का नंबर मिला. इस के कुछ ही घंटों में हत्या के आरोपी तसव्वुर और शोएब को पकड़ लिया गया. पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्या में इस्तेमाल तमंचा और चाकू गढ़ी दौलत गांव के एक नौजवान ने मुहैया कराए थे.   

लेखक     महेश कांत शिवा

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