सरस सलिल विशेष

बहुचर्चित आरुषि तलवार हत्याकांड दुनिया के सबसे चर्चित ओजे सिंपसन केस से हूबहू मेल खाता है. दोनों ही मामलों में साक्ष्यों के अभाव में मुख्य आरोपियों को बरी कर दिया गया.

क्या है ओजे सिंपसन केस

लॉस एंजिलिस में 13 जून 1994 को नेशनल फुटबाल लीग के पूर्व खिलाड़ी ओजे सिंपसन ने पूर्व पत्नी निकोल ब्राउन सिंपसन और एक रेस्टोरेंट के वेटर रॉन गोल्डमैन की हत्या कर दी थी. ओजे ने निकोल के सिर पर कई बार वार किया था जिससे उसका सिर लहूलुहान हो गया और उनकी गले की हड्डी भी चूर चूर हुई थी. वारदात के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस को मौके से खून से सना एक दस्ताना मिला था. वारदात की सूचना देने और जांच के लिए ओजे के घर पहुंची पुलिस टीम को वह नहीं मिले. वह वारदात की रात ही शिकागो निकल गए थे.

जांच टीम ने घर की दीवार फांद कर प्रवेश किया, घर के पिछवाड़े उन्हें खून के कुछ धब्बे मिले थे. नाटकीय ढंग से 17 जून 1994 को ओजे सिंपसन की गिरफ्तारी हुई. लगभग 16 महीने बाद 3 अक्तूबर 1995 को कोर्ट ने ओजे सिंपसन को सबूतों के अभाव में मामले से बरी कर दिया.

ऐसे आरोप झुठलाये गए

डीएनए: पुलिस ने सिंपसन के खिलाफ बेहद सटीक और कसा हुआ केस तैयार किया था. सबूत के तौर पर उस वक्त नए प्रचलन में आई डीएनए जांच को आधार बनाया गया था. लेकिन सिंपसन के वकीलों ने खून के नमूनों को गलत ढंग से लेने और लैब में सही तरीके से उसके रखरखाव का आरोप लगाते हुए इस जांच को बेबुनियाद साबित कर दिया था.

पुलिस जांच: सिंपसन के वकीलों ने इस मामले में लास एंजिलिस पुलिस की जांच को संदिग्ध साबित कर दिया. सबूत की तलाश न कर पाना, शिकागो में मौजूद सिंपसन को केस में फंसाने के लिए झूठी कहानी गढ़ना जैसे आरोप लगाकर पुलिसिया जांच को निराधार साबित कर दिया.

स्टेटस से खिलवाड़: ओजे सिंपसन की प्रसिद्धी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके वकीलों ने मीडिया में अलग सा माहौल तैयार कर दिया. केस को कमजोर करने में इसका बहुत लाभ मिला.