बुआ ने सजल के अंतर्मन में अंधविश्वास की जड़ें इतनी गहरी खोद दी थीं कि वह छोटीछोटी बातों पर भी अंधविश्वास के कारणों को ढूंढ़ने लगी थी. पर अंधविश्वास की पट्टी जब तक उस की आंखों से उतरती तब तक बहुत देर हो चुकी थी.