सुमन किसी जरूरतमंद की मदद कर देता तो संगीता इसे उस की बेवकूफी या फुजूलखर्ची समझ कर पूरा घर सिर पर उठा लेती. पर सुमन के साथ घटी एक घटना ने उस की आंखों पर पड़ी स्वार्थ की पट्टी उतार फेंकी.