कहानी

साध्वी माला उसे कामवासना से परे वैराग्य का प्रवचन देने आई थी. लेकिन उलटे उस ने साध्वी को ऐसी शिक्षा दी कि साध्वी को एहसास होने लगा कि वह छलती आ रही थी.

'सरस सलिल' पर आप पढ़ सकते हैं 10 आर्टिकल बिलकुल फ्री , अनलिमिटेड पढ़ने के लिए Subscribe Now