साकेत से विवाह कर के कितनी खुश थी मैं, तभी एक शक की दीवार हमारे बीच आ खड़ी हुई और शिमला की वादियों में पनपा प्यार किन्हीं और वादियों में खोता दिखाई देने लगा.
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