रिश्तों की कड़ियां जब उलझती हैं तो उलझती ही जाती हैं. सब अपनीअपनी तरह से इन्हें सुलझाते हैं लेकिन कोई विरला ही होता है जो इन रिश्तों के बीच की अनमोल कड़ी बनता है. क्या इस कहानी में भी कोई ऐसी ही कड़ी थी?
'सरस सलिल' पर आप पढ़ सकते हैं 10 आर्टिकल बिलकुल फ्री , अनलिमिटेड पढ़ने के लिए Subscribe Now