Winter में सैक्स को ऐसे बनाएं मजेदार

सर्दी का मौसम अपने साथसाथ एक अलग खुशी का माहौल ले कर आता है. इस सीजन में ऐंजौय करने के अलगअलग तरीके होते हैं. कुछ लोगों को ठंड के मौसम में रजाई के अंदर बैठ कर टीवी देखना अच्छा लगता है, तो कुछ को घर बैठ कर चटपटी चीजें खाना और कौफी पीना अच्छा लगता है. कुछ पति पत्‍नी को एकदूसरे की बाहों में समां जाना अच्‍छा लगता है.

क्या आप को पता है कि सर्दी का मौसम कपल्स के मन में एक अलग तरीके का प्यार जगा देता है और ऐसे में वे बारबार सैक्स करना क्यों पसंद करते हैं? जानें क्‍यों खास है प्‍यार का यह मौसम –

मौसम ही कुछ खास है

यह मौसम एक दूसरे को करीब लाता है.  सर्द रातों में आप एकदूजे के बाहों में गरमाहट की तलाश करते हैं. एक दूसरे के भीतर समां कर अपने जिस्‍म को गर्मी के सुपुर्द करना चाहते हैं. हर इंसान बस यही सोचता है कि ऐसे मौसम में उसे अपने लाइफ पार्टनर के साथ होना चाहिए. गरमियों में कपल्स ठीक से सैक्स तक नहीं कर पाते क्योंकि गरमी से लोग इतने परेशान हो चुके होते हैं कि वे कुछ भी ऐंजौय नहीं कर पाते पर इस सीजन आते ही इंसान के दिल में एक रोमांस की लहर दौड़ने लगती है.

फायदे भी कम नहीं

इस सीजन में सैक्स करने के कई फायदे हैं. सर्दी में जब आप दिल से खुश होते हैं तो आप अपने पार्टनर की तरफ ज्यादा आकर्षित रहते हैं और मौसम का लुत्फ उठाते हुए एकदूसरे को जीभर कर प्यार दे पाते हैं.  इस मौसम की छुट्टियों में जरूरी है कि आप अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा क्वालिटी टाइम स्पैंड करें और एकदूसरे के और भी ज्यादा नजदीक आएं. ऐसे में आप की सैक्स लाइफ को एक जबरदस्त किक मिल सकती है.

यह खयाल जरूर रखें

इस मौसम में ठंड के कारण बारबार वौशरूम जाने की जरूरत महसूस होती है, जरूरी है कि आप इस बात का खास खयाल रखें कि आप को अपने प्राइवेट पार्ट्स को जितना हो सके उतना ड्राई रखना चाहिए. गीलेपन की वजह से फंगल इंफैक्शन और रैशेज का खतरा ज्यादा रहता है तो ऐसे में प्राइवेट पार्ट्स को हमेशा ड्राई रखना चाहिए.

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सवाल :

मेरी उम्र 26 साल है और मेरे घर वाले शादी का रिश्ता ढूंढ़ रहे हैं. मैं हमेशा से अपने पढ़ाई के लिए काफी गंभीर रही हूं। इसी वजह से मैं ने आजतक स्कूल या कालेज में कभी कोई बौयफ्रैंड नहीं बनाया. मेरी कई फ्रैंड्स हैं जिन की शादी हो चुकी है और कुछ के तो बौयफ्रैंड्स भी रह चुके हैं. मेरी फ्रैंड्स जब भी मुझ से मिलती हैं तो वे अपनी सैक्स लाइफ के बारे में बातें करती हैं पर मैं हमेशा खामोश रहती हूं. मेरा बहुत मन करता है सैक्स करने का लेकिन डर लगता है. मैं चाहती हूं कि जिस से भी मेरी शादी हो मैं सिर्फ उसी के साथ सैक्स करूं. मैं हमेशा सैक्स को ले कर काफी चिंतित रही हूं क्योंकि मुझे हमेशा से ऐसा लगता है कि सैक्स को हमेशा ऐसे करना चाहिए जिस से कि हम दोनों को कभी कोई परेशानी न हो. मुझे बताएं कि सेफ सैक्स के लिए किनकिन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है?

जवाब :

सैक्स एक ऐसा टौनिक है जो दोनों पार्टनर्स को एकदूसरे के करीब लाता है. शादी के बाद आप पहली बार सैक्स करेंगी इसलिए आप को बहुत सी बातों का खयाल रखना चाहिए. जैसाकि आप ने बताया कि आप का कोई बौयफ्रैंड नहीं रहा और आप ने आजतक कभी सैक्स का आनंद नहीं लिया है तो सैक्स को ले कर आप को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है.

सैक्स को हमेशा पूरी फील के साथ ऐंजौय करना चाहिए। अगर आप सैक्स के दौरान खुद को स्ट्रैस में रखेंगी या फिर इस बारे में ज्यादा सोचेंगी तो औप सैक्स को कभी ऐंजौय नहीं कर पाएंगी. अपनी पूरी बौडी को फ्री छोड़ कर और दिमाग को बिलकुल स्ट्रैसफी रख कर ही सैक्स को अच्छे से फील किया जा सकता है.

आप को इस बात का खास खयाल रखना चाहिए कि सैक्स के दौरान आप या आप के पार्टनर को कुछ ऐसा नहीं करना है जिस से कि आप दोनों के प्राइवेट पार्ट्स को कोई नुकसान पहुंचे. अकसर ऐसा देखा गया है कि सैक्स के दौरान हम कुछ ऐसी चीजें करते हैं जिस से कि हमारे पार्टनर को आनंद मिलने की बजाय दर्द होने लगता है। तो खुद भी और अपने पार्टनर से भी कहें कि वह सैक्स के दौरान मजा दे नकि सजा।

अगर आप को कभी सैक्स के दौरान ऐसा लगे कि आप के पार्टनर कुछ ऐसा कर रहे हैं जिस में आप बिलकुल सहज नहीं हैं तो आप अपने पार्टनर को साफसाफ बोल कर मना कर सकती हैं.

सैक्स में हमेशा जरूरी है कि एकदूसरे की भावनाओं का खयाल रखना. आप को अपने पार्टनर से सैक्स संबंधित बात करने में शरमाना बिलकुल भी नहीं चाहिए। आप के पार्टनर को भी अच्छा लगेगा कि आप उन से अपनी फीलिंग्स शेयर कर पा रही हैं.

सैक्स करने से पहले आप को अपने पार्टनर के साथ रोमांस करना चाहिए ताकि आप दोनों एकदूसरे के साथ सहज हो पाएं. रोमांस करने से रिश्ता और भी ज्यादा गहरा बन जाता है. शुरुआत हमेशा धीरेधीरे होनी चाहिए जिस से कि दोनों सैक्स का भरपूर आनंद उठा पाएं.

अच्छा तो यही है कि संसर्ग से पहले फोरप्ले का आनंद उठाएं। चुंबन, एकदूसरे के अंगों को सहलाने के साथ पोजीशन बदलबदल कर सैक्स करने से आनंद को कई गुणा तक बढ़ाया जा सकता है।

याद रखें, सैक्स कुदरत का दिया एक अनमोल तोहफा है। इसलिए सैक्स को खूब ऐंजौय करें, मगर ऐहतियात के साथ.

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Winter Romance Special: सैक्स के भरोसे नहीं चलती रिलेशनशिप

जो लोग यह समझते हैं कि सिर्फ सैक्स के भरोसे रिलेशनशिप चलती है असल में वे गलत सोच से प्रभावित होते हैं. सैक्स एक फन ऐलिमैंट है. लेकिन अंडरस्टैंडिंग रिलेशनशिप का बेस है. सैक्स जवानी में आप को भरपूर सुख देगा लेकिन जवानी के ढलते ही यह आप को असलियत दिखा देगा. उम्र के बढ़ने के साथ व्यक्ति में सैक्स कर ने का स्टैमिना कम होता जाता है.

इस का मतलब यह हुआ कि जो लोग समझते हैं कि सिर्फ सैक्स के भरोसे रिलेशनशिप चलती है उन के हिसाब से तो बढ़ती उम्र के बाद रिलेशनशिप खत्म हो जानी चाहिए क्योंकि एक उम्र के बाद सैक्स करना मुश्किल हो जाता है. असल में बढ़ती उम्र के साथ रिलेशनशिप स्ट्रौंग होती है न कि खत्म. रिलेशनशिप स्ट्रौंग होने का कारण है अंडरस्टैंडिंग न कि सैक्स…

58 साल की उम्र पार कर चुके दिलीप साहू कहते हैं, ‘‘जवानी के दिनों में सैक्स लाइफ उन की रिलेशन का महत्त्वपूर्ण पार्ट थी, लेकिन अब इस उम्र में ऐसा पौसिबल नहीं है. यह भी सच है कि हमारी रिलेशन पर इस का असर बिलकुल नहीं पड़ा है. सैक्स के बिना भी हम बहुत हैप्पी है. सैक्स लाइफ हमेशा नहीं टिकती पर प्यार बना रहता है.

उम्र कोई भी हो कपल के बीच रिश्ता सिर्फ सैक्स तक ही सीमित हो तो ऐसी रिलेशनशिप का कोई मतलब नहीं है. सैक्स में भले ही कपल  कंपैटबल हों, लेकिन अगर बैडरूम के बाहर उन के बीच बौंडिंग नहीं है तो संबंध ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाएगा. किसी भी रिलेशन को स्ट्रौंग करने के लिए फिजिकल अट्रैक्शन की जितनी इंपौर्टैंट्स होती है, उस से कहीं ज्यादा उन के बीच इमोशनल बौंडिंग की इंपौर्टैंट्स होती है.

20-22 की उम्र के युवाओं को खासतौर पर यह ध्यान रखना चाहिए कि शादी हो या शादी से पहले सिर्फ सैक्स के बलबूते रिलेशन न चलाएं क्योंकि इस उम्र में तो बच्चे भी बौडिंग करने को नहीं होते.

रिलेशनशिप का हिस्सा

भव्या सहाय 26 साल की है. वह पेशे से रिपोर्टर है. इस विषय पर वह  कहती है, ‘‘सिर्फ सैक्स के भरोसे रिलेशनशिप नहीं चलती. सैक्स पूरे रिश्ते का आधार नहीं होता, यह रिलेशनशिप का सिर्फ एक हिस्सा होता है. रिलेशनशिप की शुरुआत में भले ही सैक्सुअल अट्रैक्शन आप की रिलेशन पर भारी पड़ता दिखाई दे, लेकिन अंत में आप के बीच की अंडरस्टैंडिंग और बौंडिंग ही रिलेशनशिप को संभालने में काम आती है.’’

हर व्यक्ति के अपने कुछ ड्रीम होते हैं जिन्हें पूरा करने के लिए वह दिनरात मेहनत करता है. अगर आप का पार्टनर आप के ड्रीम को चेस करने के लिए आप की हैल्प कर रहा है तो सम?ा जाएं कि आप बहुत खुश हैं, जो आप को ऐसा पार्टनर मिला. लेकिन अगर आप का पार्टनर ऐसा नहीं करता तो हो सकता है कि आप गलत इनसान के साथ रिलेशनशिप में हैं.

अगर आप ऐसे व्यक्ति के साथ रिलेशन में हैं जो आप की फीलिंग्स की रिस्पैक्ट नहीं करता है तो आप अकसर तरहतरह की प्रौब्लम्स से घिरे रहेंगे. लेकिन एक अच्छे पार्टनर का साथ न सिर्फ आप को हिम्मत देगा बल्कि वह आप को स्ट्रौंग और हैप्पी भी बनाएगा.

इमोशनल रिलेशन और सैक्स

श्रुति यादव 2 साल से विवान गौड़ के साथ रिलेशनशिप में है. वह कहती है, ‘‘विवान मेरी इमोशनली सपोर्ट नहीं करता है. वह मुझे कैरियर के लिए भी कोई ऐडवाइज नहीं देता है. कई बार मुझे ऐसा फील होता है कि मानो विवान मेरे साथ सिर्फ सैक्स के लिए ही है. मैं जब भी विवान से इस बारे में बात करती हूं तो वह इग्नोर कर देता है. उस का कहना है कि मैं ओवरथिंक कर रही हूं. लेकिन यह मु?ो ओवरथिंकिंग नहीं लगता.

‘‘मुझे लगता है कि अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो जितना जरूरी फिजिकल रिलेशन है उतना ही जरूरी इमोशनल रिलेशन भी है. रिलेशनशिप को चलाने के लिए इन दोनों का ही होना बहुत जरूरी है. किसी एक की भी कमी होने पर रिलेशनशिप वर्क नहीं कर पाएगी.

कनक शर्मा का कहना है, ‘‘सैक्स के बिना कोई भी रिलेशनशिप नहीं चल सकती, ऐसा सोचने वाले लोग गलत सोचते हैं. ऐसा नहीं है कि कोई संबंध सैक्स के बिना चल नहीं सकता. कुछ लोग सैक्स के बिना भी हैल्दी रिलेशनशिप में रहते हैं और लाइफ के हर मूवमैंट को ऐंजौय करते हैं.’’

‘डिपार्टमैंट औफ हैल्थ ऐंड ह्यूमन सर्विस’ द्वारा 2007 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, प्यार और इस से बने रिलेशन हमारी हैल्थ पर पौजिटिव इफैक्ट डालते हैं. एक हैल्दी रिलेशनशिप और लव ऐंड अफैक्शन की फील दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम कर देती है और इस से हाई ब्लड प्रैशर कंट्रोल रहता है.

अमेरिकन साइकोलौजिकल ऐसोसिएशन द्वारा 2012 में कोरोनरी आर्टरी बायपास से गुजरे युवाओं पर एक सर्वे किया गया. सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार एक अनहैल्दी रिलेशनशिप की तुलना में लविंग और हैप्पी रिलेशनशिप वाले लोग 15 साल ज्यादा जी सकते हैं. इस के साथ ही सर्जरी के बाद रिकवरी की उम्मीद भी 2.5 टाइंस ज्यादा होती है.

ऐसे बहुत से तरीके हैं जिन के जरीए आप बिना सैक्स किए अपना प्यार अपने पार्टनर तक पहुंचा सकते हैं. आइए, उन तरीकों को जानते हैं:

मिल कर कुकिंग करना

अगर आप कुछ अलग और नया ट्राई करना चाहते हैं तो अपने पार्टनर के साथ मिल कर कुकिंग करें. ऐसा करना आप के लिए फन के साथसाथ रोमांटिक भी होगा. जैसे केक बनाते समय चौकलेट को ब्रैड पर लगाने के साथसाथ आप अपने पार्टनर के फेस पर भी लगा सकते हैं. ऐसा करते हुए आप उस के साथ रोमांटिक पल सा?ा कर सकते हैं.

हग करना

हग करना अपने प्यार को ऐक्सप्रैस करने का बेहतरीन तरीका है. हग करने से आप हैप्पी फील करते हैं. अपने पार्टनर को हग कर के आप उसे यह एहसास दिला सकते हैं कि वह आप के लिए कितना खास है. पीछे से आ कर हग करना फीमेल पार्टनर को बहुत पसंद आता है. आप के ऐसा करने से वह आप को अपनी बांहों में भर लेगी.

साथ शौपिंग करना

शौपिंग करना तो हर किसी को पसंद होता है. यह तब और खास हो जाता है जब आप इसे अपने पार्टनर के साथ ऐंजौय करते हैं. इसलिए कभीकभी अपने दोस्तों का साथ छोड़ कर अपने पार्टनर के साथ भी शौपिंग पर जाएं.

ब्रेकफास्ट होपिंग

सोचो कैसा हो जब आप अपनी सुबह की शुरुआत अपने पार्टनर से करो. बार और क्लब होपिंग तो हरकोई करता है आप ब्रेकफास्ट होपिंग करें. सुबहसुबह अपने पार्टनर के साथ अपने शहर की अलगअलग जगहों पर जाएं और वहां का खाना ट्राई करें. ऐसा करने से आप फूड और पार्टनर दोनों की कंपनी ऐंजौय करेंगे.

नाइट वाक 

चांदनी रात, आसमान में तारे और जमीन पर आप का पार्टनर, रोमांटिक नाइट वाक के लिए इतना काफी है. अपने पार्टनर के हाथों में हाथ डाल कर आप नाइट वाक पर जा सकते हैं. ये पल आप दोनों के लिए रोमांटिक होंगे. वाक करतेकरते आप बीचबीच में रुक कर कुछ खापी सकते हैं जैसे आइसकीम, मोमोस, पानीपूरी, जूस आदि.

मैसेज भेज कर स्पैशल फील कराएं

अगर आप अपने पार्टनर को अपने प्यार का एहसास कराना चाहते हैं तो काम के बीच में से टाइम निकाल कर आप उसे प्यार भरे मैसेज भेजें. आप के इन मैसेज को वह जबजब पढ़ेगी मुसकराए बिना नहीं रह पाएगी.

ट्रैकिंग

अगर आप को और आप के पार्टनर को रोमांच पसंद है तो आप ट्रैकिंग पर जा सकते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि आप किसी मुश्किल भरे ट्रैक पर न जाए वरना आप की ट्रैकिंग रोमांचक से ज्यादा थकावट भरी हो जाएगी. ट्रैकिंग आप को नेचर से जोड़ेगी. जहां आप अपने पार्टनर के साथ किसी पहाड़ की चोटी पर बैठ कर उस के हाथों में हाथ डाल रोमांटिक बातें कर सकते हैं.

नोटी चैट

पार्टनर से नोटी चैट करना अपने प्यार को जताने का एक रोमांटिक तरीका है. लेट नाइट नोटी चैट करना आप को और आप के पार्टनर को रोमांस की दुनिया में ले जाता है. नोटी चैट कर के आप अपनी रिलेशनशिप को एक कदम आगे बढ़ा सकते हैं. ऐसा करने से आप की रिलेशनशिप में स्पार्क आएगा.

कंधे पर सिर रखना

अकसर औफिस की थकावट और घर की भागदौड़ में लाइफ स्ट्रैसफुल हो जाती है. ऐसे में पार्टनर के कंधे पर सिर रखना आप को सुकून दे सकता है. यह आप को कुछ देर के लिए स्ट्रैसफुल लाइफ से दूर ले जा सकता है.

डेट पर जाना

अपने प्यार को ऐक्सप्रैस करने के लिए आप अपने पार्टनर के साथ डेट पर जा सकते हैं. इस के लिए आप मूवी, ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर को चुन सकते हैं. कभीकभी आप ‘फू्रट डेट’ पर भी जा सकते हैं. आजकल इस का बहुत क्रेज है.

स्टैंडअप कौमेडी शो को करें ऐंजौय

मूवी और पिकनिक पर जाना कपल के लिए अब बोरिंग हो गया है. कुछ नया ट्राई करने के लिए आप अपने पार्टनर के साथ ‘स्टैंडअप कौमेडी शो’ पर जाएं और कुछ देर के लिए स्ट्रैसफुल लाइफ से दूर रह कर अपने पार्टनर के साथ हंसी के ठहाके लगाएं. इस के अलावा आप ‘लाइव म्यूजिक कंसल्ट’ और ‘ओपन माइक’ जैसे शौज देखने भी जा सकते हैं.

बारिश में भीगना

पार्टनर के साथ बारिश में भीगने का अपना अलग ही मजा है. आप चाहें तो अपने पार्टनर के साथ एक छतरी में आधेआधे भीग सकते हैं. ये पल आप के लिए मैमोरीबल साबित होंगे.

बारिश मूड को रोमांटिक बना देती है इसलिए कपल को यह पसंद आती है. बारिश में आप अपने पार्टनर के साथ ‘रेन डांस’ ऐंजौय कर सकते हैं. अपने पार्टनर के साथ भीगना भी आप के लिए एक रोमांटिक मूमैंट होगा. थोड़ा नोटी हो कर आप अपने पार्टनर के साथ बारिश का लुत्फ उठा सकते हैं. इस के अलावा पार्टनर के साथ बालकनी में बैठ कर चाय और स्नैक्स का मजा भी ले सकते हैं.

लौंग ड्राइव

कार में रोमांटिक म्यूजिक बज रहा हो, बगल में आप का पार्टनर बैठा हो तो न चाहते हुए भी आप 2-4 अंतरा गा ही देंगे. यह सब सुन आप का साथी पार्टनर भी खुश हो जाएगा. इस का मजा तब और बढ़ जाएगा जब हलकीहलकी बारिश हो रही हो.

रिम?िम फुहारों में अनजानी राह पर आप का पार्टनर आप का हमसफर होगा, इस से बढि़या और क्या होगा. गाड़ी को साइड में लगा कर कुछ देर अपने पार्टनर के हाथों में हाथ डाल कर सड़क पर नंगे पैर चलना आप का दिन बना देगा. इस के बाद सफर के बीच में कहीं रुक कर आप चाय या कौफी का मजा भी उठा सकते हैं.

गेम खेलना

गेम खेलना कपल के लिए एकसाथ क्वालिटी टाइम स्पैंड करना है. एकसाथ गेम खेलने से कपल में अपने रिलेशन को ले कर पौजिटिव फील आती है. इसलिए अगर आप अपनी बोरिंग लाइफ में कुछ फन लाना चाहते हैं तो अपने पार्टनर के साथ गेम खेलें. ऐसी बहुत सी गेम्स हैं जिन में थोड़े से चेंजिस कर के आप उन्हें रोमांटिक गेम बना सकते हैं जैसे स्क्रैबल.

इस गेम का एक रूल बना लें कि वर्ड रोमांटिक होने चाहिए. इस के अलावा आप आंखोंआंखों में देखने वाले गेम भी खेल सकते हैं. इस में आप को अपने पार्टनर के साथ आमनेसामने बैठ कर जितनी देर हो सके बिना पलकें ?ापकाए उस की आंखों में देखना होगा. जो अधिक समय तक देखेगा, वह जीत जाएगा. अकसर इस गेम के अंत तक कपल ‘किस’ तक पहुंच जाते हैं.

इन के अलावा और भी बहुत तरीके हैं जिन के जरीए आप अपने प्यार को अपने पार्टनर तक पहुंचा सकते हैं जैसे गाने सुनाना, कविता सुनाना, औफिस से पिक करना, कभी पार्टनर के लिए टीकौफी और ब्रैकफास्ट बनाना, बालों में हाथ फेरना, पसंदीदा बुक गिफ्ट करना, पार्लर ले जाना आदि.

प्यार है या सिर्फ लस्ट

क्या सैक्स के बिना भी रिलेशनशिप चल सकती है या रिलेशनशिप पूरी तरह से सैक्स से ही चलती है? इस बारे में मानवी दीक्षित (बदला हुआ नाम) कहती है, ‘‘हमारे रिलेशन की शुरुआत सैक्स से हुई थी. मैं अपने बौयफ्रैंड से सैक्सुअल अट्रैक्टेड थी. मु?ो शक था कि हमारे रिलेशन में प्यार है या यह सिर्फ लस्ट है. जब यह बात मैं ने अपने बौयफ्रैंड से शेयर की तो उस ने मु?ो एक सु?ाव दिया. उस के बाद हम ने सैक्स को काफी समय तक अवौइड किया. हम ने देखा कि इस से हमारे बीच कोई प्रौब्लम नहीं आई. इस के बाद मैं क्लीयर हो गई कि मु?ो अपने बौयफ्रैंड से प्यार है और फिर हम ने शादी कर ली.’’

सिर्फ सैक्स के भरोसे रिलेशनशिप नहीं चलती. इस विषय पर लौंग डिसटैंस रिलेशनशिप में रहने वाली 25 वर्षीय ग्रेटर नोएडा निवासी दीप्ति सिंह कहती है, ‘‘मेरे 27 साल के लौंग डिसटैंस बौयफ्रैंड राहुल आनंद बैंगलुरु में रहते हैं. हम दोनों 2 सालों से लौंग डिसटैंस रिलेशनशिप में है. राहुल कहते हैं कि अगर आप और आप के पार्टनर के बीच प्यार है तो लौंग डिसटैंस रिलेशनशिप भी अच्छे से निभाई जा सकती है. वे अपनी रिलेशनशिप के बारे में बताते हुए कहते हैं कि हम ने एक टाइम फिक्स कर रखा है जिस में हम बात करते हैं.’’

दीप्ति आगे कहती है, ‘‘रिलेशनशिप में सैक्स महत्त्वपूर्ण रोल अदा करता है, लेकिन सैक्स के अलावा भी रिलेशनशिप में बहुत कुछ होता है. आप का पार्टनर आप की केयर करता है, आप का खयाल रखता है तो यह भी प्यार ही है. फिर रिलेशनशिप को हमेशा सैक्स के साथ ही क्यों जोड़ कर देखा जाता है, जबकि रिलेशनशिप सिर्फ सैक्स के भरोसे नहीं चलती है.’’

सैक्सुअली कितनी तैयार हैं आप

शादी के लिए तो युवतियां सहज तैयार हो जाती हैं, लेकिन सैक्स के लिए खुद को तैयार करने में उन्हें खासी मशक्कत करना पड़ती है. ऐसा इसलिए कि उन्हें सैक्स की बहुत ज्यादा वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारी नहीं होती. यह बात और है कि युवतियां शिक्षित और आधुनिक होने के नाते यह मान बैठती हैं कि वे सैक्स के बारे में बहुत कुछ जानती हैं और इस का आधार सैक्स ऐजुकेशन के वीडियो, इंटरनैट की चुनिंदा साइट और एक हद तक पोर्न फिल्में होती हैं.

सैक्स की जानकारी के ये सोर्स फौरी तौर पर उत्तेजना तो देते हैं पर कोई शिक्षा नहीं देते और न ही सैक्स के लिए बेफिक्री की हद की गारंटी होते. सैक्स को पूरी तरह सम?ाने का दावा अकसर भ्रम ही साबित होता है जिस की तुलना ऐग्रीकल्चर से की जा सकती है जो साइंस भी है और आर्ट भी. खेत को कितनी गहराई तक जोतना है, सिंचाई कब और कितनी करनी है, खाद कितनी देनी है, कटाई कब करनी है जैसी बातें कहेसुने की बीना पर हर किसी को किसान नहीं बना देतीं. ठीक इसी तरह पेपर वर्क में सैक्स साइंस होता है लेकिन करते वक्त आर्ट हो जाता है.

जिंदगी के आनंद में खलल

जिंदगी पहले के मुकाबले अब और ज्यादा कठिन होती जा रही है खासतौर से सैक्स के मामले में जटिलताएं अकसर मुंह बाए खड़ी रहती हैं चूंकि यह नितांत व्यक्तिगत मसला होता है इसलिए बात या परेशानी उजागर नहीं होती लेकिन इस का यह मतलब नहीं कि वह हल हो गई. युवतियों को सैक्स संबंधी जानकारी जिन स्रोतों से मिल रही है वह वैज्ञानिक नहीं है इसलिए युवतियां सैक्सुअली जरूरत के मुताबिक तैयार नहीं हो पातीं जिस से दांपत्य के आनंद में खलल पड़ता है.

किसी युवती से यह पूछा जाए कि क्या वह सैक्सुला तैयार है तो शायद ही वह ईमानदारी से इस का जवाव हां में दे पाए. इस की बड़ी वजह सैक्स की बुनियादी जानकारी का न होना है और अधिकतर युवतियां इसे शादी के बाद का विषय मानते हुए कहेंगी कि देखेंगे वह तो अपनेआप हो जाता है.

अपनेआप के नुकसान

अपनेआप तो खेती भी होती है लेकिन वह जंगल और खरपतवार टाइप होती है जिस से किसी को फायदा नहीं होता. यही बात अपनेआप होने वाले सैक्स की मानसिकता को ले कर है कि इस की सारी जिम्मेदारी पुरुष की है. बिलाशक सैक्स अपनेआप हो सकता है लेकिन इस से मैरिड लाइफ का एक बड़ा सुख खुशी या उपलब्धि छिनती है. हमारे समाज में कभी भी किसी स्तर पर लड़कियों को सैक्सुअली तैयार या मैच्योर होने देने का माहौल कभी नहीं बनने दिया गया. उलटे उन्हें डराने और रोकने छत्तीसों लोग खड़े रहते हैं.

अब इस के दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं. नई पीढ़ी स्मार्ट है, ऊर्जावान है, कमाऊ है और महत्त्वाकांक्षी भी है. वह जिंदगी को जितना हो जिंदादिली से जी लेने में यकीन करती है. यह सब रहने, पहनने और खानपान के मामलों में तो बिंदास लागू होता है क्योंकि ये चीजें पैसे से खरीदीं लेकिन सैक्स के मामले में नहीं. निश्चित रूप से यह वर्जनाओं की वजह से है.

शादी की तैयारियों में किसी भी लड़की का सारा उत्साह फोटोग्राफी, ज्वैलरी, कपड़ों और दूसरी शौपिंग में देखते बनता है लेकिन सैक्स को ले कर उस की क्या तैयारियां हैं यह बात बहुत छोटे में सिमट कर रह जाती है. इस बात को बहुत गंभीरता से लेने की जरूरत हर युवती को है कि वह शादीशुदा जिंदगी के मद्देनजर सैक्स की अहमियत को शिद्दत से सम?ो और इस मानसिकता से बाहर आए कि सहवास ही सैक्स होता है.

बदल रही सोच

ऐसा गलत नहीं कहा जाता कि शादी के बाद शुरुआती दिनों का सैक्स अच्छी और सुखी जिंदगी की नींव रखता है. पहले युवतियां सोचती थीं कि अगर वे पति से सैक्स पर खुल कर बात करेंगी तो वह उसे अन्यथा लेगा और चरित्र पर भी शक करेगा. क्या आज भी ऐसा है इस बारे में लोगों की राय अलगअलग हो सकती है पर शादी के पहले मौडर्न युवा सैक्स पर चर्चा करने से कतराते नहीं. लेकिन एक बड़ा फर्क है.

भोपाल के एक बैंककर्मी सारांश का कहना है कि लड़कालड़की शादी के पहले एकदूसरे को सम?ाने के लिए मिलते हैं तो तमाम मुद्दों पर चर्चा करते हैं मसलन फाइनैंशियल, पारिवारिक, कैरियर और सामाजिक. वे धीरेधीरे रोमांटिक भी होते जाते हैं लेकिन सैक्स पर खुल कर बात नहीं कर पाते. मु?ो लगता है कि फ्लैट कब लेंगे, कार कब खरीदेंगे जैसी प्लानिंग के साथसाथ सैक्स प्लानिंग भी जरूरी है. सारांश बताते हैं कि लड़के भी इस चर्चा में ?ि?ाकते हैं.

उन्हें लगता है कि सैक्स की बात करने पर होने वाली पत्नी की राय और इमेज उन के बारे में अच्छी स्थापित नहीं होगी. वह उन्हें लंपट सम?ा सकती है.

बकौल सारांश आप यह न सम?ों कि लड़के सैक्स के बारे में बहुत कुछ जानते हैं. हां वे बहुत कुछ जानने का दिखावा जरूर करते हैं लेकिन यदि पत्नी मैच्योर और सम?ादार हो तो बहुत सी उल?ानें और परेशानियां पैदा होने के पहले ही खत्म हो जाती हैं और रिश्ते की शुरुआत बेहद खुशनुमा होती है. ऐसे में युवती का रोल और ज्यादा अहम हो जाता है बशर्ते वह खुद को सैक्स के लिए तन और मन दोनों से तैयार कर ले.

इस के लिए जरूरी है-

आप को सैक्स के बारे में अधिकतम जानकारी हो और उस के सोर्स शैक्षणिक होने चाहिए. तभी आप खुद को सैक्सुअली फिट मान सकती हैं. इसे कुछ उदाहरणों से सम?ा जा सकता है. मसलन, पहली बार सैक्स के बाद ब्लीडिंग हो यह जरूरी नहीं लेकिन हां दर्द जरूर होता है. मगर यह कोई डरावनी या घबराने वाली बात नहीं है. यह बहुत कुदरती बात है और कुछ दिनों तक ही ऐसा होता है.

सैक्स के पहले फोर प्ले ज्यादा माने रखता है. यह असल में कला है इस के लिए खुद को तैयार रखें और पार्टनर को उत्साहित करती रहें. सिर्फ सहवास ही मकसद नहीं होना चाहिए. बेहतर तो यह भी होता है कि अच्छी सैक्स लाइफ और ऐंजौयमैंट के लिए शुरूआती दिनों में ज्यादातर ध्यान और कोशिश फोर प्ले की हो.

पुरुष जल्दी उत्तेजित होते हैं और कुछ ही देर में स्खलित होने की कोशिश करने लगते हैं. ऐसे में सब्र से पार्टनर को संभालें और सैक्स को लंबा से लंबा खींचने की कोशिश करें. अगर वह जल्दी डिस्चार्ज होने लगे तो अपनी तरफ से कुछ जाहिर न होने दें. इस से उस की परफौर्मैंस पर असर पड़ता है. इस से बचने के लिए बीच में ब्रैक ले सकती हैं.

मुमकिन है आप अपने ही प्राइवेट पार्ट्स की बनाबट के बारे में ज्यादा नहीं जानती हों लेकिन यह आप को मालूम होना चाहिए कि पेनिट्रेशन कहां से और कैसे होना चाहिए. न केवल

बनाबट बल्कि दूसरी सैक्स ऐक्टिविटीज के बारे में भी आप को शादी के पहले जानकारी इकट्ठा कर लेनी चाहिए जैसाकि पीरियड के कितने दिन बाद गर्भ ठहरने की संभावना ज्यादा रहती है और सहवास के बाद वैजाइना में गीलापन कोई बीमारी नहीं होती.

यह बहुत स्वाभाविक बात है जिसे कुछ दिनों के अनुभव के बाद आप सम?ाने लगेंगी. हालांकि युवती खुद को कितना ही बोल्ड और ऐडवांस सम?ो शुरूशुरू में पेनिस को छूना तो दूर की बात है ज्यादा देर तक देखने में भी हिचकती है. और्गेज्म बहुत अहम होता है और यही असल सैक्स सुख होता है लेकिन शुरू के दिनों में इस तक पहुंचना या इसे महसूसना थोड़ा कठिन होता है. ऐसा दोनों के जोश के चलते भी हो सकता है इसलिए इसे सब्र से पाने की कोशिश करें.

सैक्स के शुरुआती दिनों में सैक्स के बाद यूरिन इन्फैक्शन भी बहुत आम बात है जो थोड़ी सी दवाइयों से ठीक हो जाता है. इस से घबराना नहीं चाहिए. ऐसी कई बातें और हैं जो आप को सैक्स के लिए बिना किसी डर के तैयार करती हैं. सैक्स को ले कर मन में कोई वहम या डर मजा खराब कर सकता है. इसलिए सैक्स हमेशा बिना किसी ?ि?ाक के करें और इस पर पति से बातचीत करती रहें.

हमारा रिलेशनशिप कभी अच्छे से चला ही नहीं, मैं फिजिकली नहीं इमोशनली अटैच्ड होना चाहती हूं, क्या करूं?

सवाल…

मैं 21 साल की एक मिडिल क्लास फैमिली की लड़की हूं. मैं 3 साल से अपने बौयफ्रैंड के साथ रिलेशनशिप में हूं. पर हमारा रिलेशनशिप कभी अच्छे से चला ही नहीं. हम थोड़ा भी शारीरिक संबंध बनाते तो उस के 10 दिनों तक तो सब ठीक रहता है पर उस के बाद लड़ाइयां शुरू हो जातीं. वह कई दिन तक मेरे मैसेज का रिप्लाई तक नहीं करता, महीनों तक मिलता नहीं और जब भी मिलने की बात करता है तो सैक्स के लिए उतावला होता है. मैं फिजिकली नहीं, इमोशनली अटैच्ड होना चाहती हूं. मैं क्या करूं?

जवाब…

आप की बातों से साफ जाहिर है कि आप का बौयफ्रैंड आप के साथ केवल शारीरिक संबंध बनाना चाहता है. यह प्रेम नहीं है. प्रेम तो एक-दूसरे का ख्याल रखने, बातें करने और एक-दूसरे को समझने को कहते हैं. आप अपने बौयफ्रैंड से प्रेम करती हैं लेकिन वह आप को डिजर्व नहीं करता. वह केवल आप की खूबसूरती और अपने आनंद के लिए आप के साथ है. इस रिश्ते को जल्द से जल्द खत्म कर देना ही सही है.

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सवाल…

मैं 12वीं में पढ़ती हूं. हमारे घर में ऊपर की मंजिल पर एक पति-पत्नी रहते हैं जो आए दिन झगड़ते रहते हैं. उन के चीखने-चिल्लाने की आवाजें इतनी तेज होती हैं कि मैं पढ़ना तो दूर सहम जाती हूं. माता-पिता से बात करती हूं तो वे किराए की दुहाई दे कर मुझे चुप रहने के लिए कहते हैं. इस से  मेरा पढ़ाई में मन नहीं लगता है. मैं क्या करूं?

जवाब…

आप अपने माता-पिता को समझाएं कि किराए से ज्यादा अहम आप की पढ़ाई व कैरियर है. अगर आप लोग किराएदार हैं तो मकान बदल लें और खुद मकान मालिक?हैं तो दूसरा किराएदार रख लें. अगर कलह के चलते आप का रिजल्ट बिगड़ा तो उस की जिम्मेदारी  लेने कोई आगे नहीं आएगा. वैसे भी कलह के दूसरे भी नुकसान होते हैं, इसलिए झगड़ालू पड़ोसियों से दूर चले जाना ही बेहतर है?.

बेहद जरूरी है सैक्सुअल हाइजीन, जानें कैसे

स्वस्थ जीवन जीने के लिए जितना जरूरी बेसिक हाइजीन है उतना ही जरूरी सेक्सुअल हाइजीन है. आज भी हमारे देश में प्राइवेट पार्ट के हैल्थ और सेक्सुअल हाइजीन के बारे में उतनी गंभीरता से बातें नहीं बताई जाती, जितनी की बेसिक हाइजीन के बारे में, पर क्या आपको पता है सैक्सुअल हाइजीन को इग्नोर करने से कई तरह के गंभीर इंफैक्शन और सैक्सुअल प्रौब्लम हो सकती है. सैक्सुअल प्रौब्लम क्यों होती है और इसे रोकने के उपाय क्या हैं इस बारे में बता रही हैं कोलंबिया एशिया हौस्पिटल, गुड़गांव की कंसलटेंट औब्सटेट्रिक्स और गाइनेकोलौजिस्ट डाक्टर रितु सेठी.

क्यों होता है इंफैक्शन

एक सर्वे के अनुसार लगभग 93% शादीशुदा महिलाएं सेक्सुअल हाइजीन का खयाल नहीं रखती, दिल्ली, मुंबई और बैंगलुरू जैसे बड़े शहरों में एक सर्वे के मुताबिक 45% महिलाएं सामान्य वैजाइनल प्रौब्लम से ग्रसित हैं. लेकिन वे इसे चुपचाप सहती हैं. इस विषाय को किसी से शेयर नहीं करतीं, क्योंकि वे इंटिमेट हाइजीन को इतना महत्त्वपूर्ण ही नहीं समझती. दरअसल महिलाओं को इस बात का एहसास व समझ ही नहीं कि सेक्सुअल हाइजीन का सीधा संबंध सेक्सुअल इंफैक्शन से होता है और इस की कई वजह है.

सेक्सुअल इंफैक्शन की वजह महिलाओं में जागरूकता की कमी

महिलाओं में सैक्सुअल हाइजीन की जानकारी न होने की सब से बड़ी वजह हमारा सामाजिक ढांचा, जागरूकता व सर्तकता की कमी है. भारत में प्राइवेट पार्ट पर बात करने से लोग झिझकते हैं. यहां तक कि इस बारे में अपने डाक्टर्स से भी बात करने से कतराते हैं. सर्तकता और जागरूकता की कमी के चलते ही आज भी पढ़ीलिखी महिलाएं वैजाइनल हैल्थ व हाइजीन को अनदेखा कर रही है और कई गंभीर यौन रोग का शिकार हो रही हैं. जिस का परिणाम वैजाइना में गंध, खुजली और बैक्टीरियल इंफैक्शन आदि हो जाते हैं.

हाइजीन का ध्यान न देना

प्रकृति ने महिलाओं के वैजाइनल की संरचना कुछ ऐसे की है कि हाइजीन का ध्यान न रखने से वो इंफैक्शन के संपर्क में जल्दी आ जाती हैं जिस के कारण, यूरिन में जलन, फिजिकल रिलेशन बनाने के दौरान योनि में तेज जलन व दर्द, जैसी समस्याओं से हर महिला ग्रसित होती है.

वैजाइना और एनस का आसपास होना

महिलाओं में यूरिन इंफैक्शन की सब से बड़ी वजह उन के वैजाइना और (मलद्वार) एनस के बीच मामूली अंतर होना है अधिकांश महिलाओं में मलत्याग के बाद मल को साफ करने की प्रक्रिया बहुत गलत होती है, जिस से मल का टुकड़ा उन की योनि तक पहुंचना बेहद आसान हो जाता है और ऐसा अकसर होता है इसलिए मल के योनि तक पहुंचने का महिलाओं को पता ही नहीं चलता लेकिन इस के प्रभाव से वो इंफैक्शन का शिकार हो जाती हैं. लेकिन शायद ही महिलाएं इस के प्रति सचेत होती हैं. मल को साफ करने के लिए हाथ को आगे की तरफ न कर के पीछे की तरफ कर के मल की सफाई करें. वैजाइनल की क्लीनिंग का भी खास ध्यान रखें.

इनर वियर का साफ ना होना

महिलाएं अपनी पैंटी की साफसफाई की हमेशा से ही उपेक्षा करती हैं, जो यूरिन इंफैक्शन का कारण होती है. पैंटी का अंदरूनी हिस्सा, संक्रमित ल्यूकोरिया आदि के कारण संक्रमित हो जाता है जिस से पैंटी प्रदूषित रहती है. बाद में इसी पैंटी के जरिए योनि मार्ग से इंफैशन देखने में आता है.

पीरियड के समय सफाई न होना

खास कर पीरियड्स के दौरान अपनी पैंटी की साफसफाई का खास ध्यान न रखना, भी इंफैक्शन की वजह है, जिस से योनि से दुर्गंध युक्त पानी निकलना, प्रदर रोग, योनि व पेशाब में जलन खुजली एक बड़ी वजह हो जाती है.

सैक्सुअल हाइजीन को प्रभावित करने वाले कारक

महिलाओं में सेक्सुअल हाइजीन, हारमोनल परिवर्तन, पीरियड्स टाइम, बीमारी, प्रैगनैंसी, फिजिकल एक्टीविटीज और पैंटी पहनने के प्रकार से प्रभावित होती है. पीरियड्स के दौरान लंबे समय तक एक ही पैड का प्रयोग करने से इंफैक्शन और गंध हो जाती है.

सैक्स लाइफ को प्रभावित करते हारमोनल चेंजेज

महिलाओं में हारमोनल चेंजेज और खराब स्वास्थ्य के दौरान वैजाइनल डिसचार्ज होता है. जिस से योनि में गीलापन होता है और यही गीलापन ईचिंग का कारण होता है. इस के अलावा प्रैगनैंसी और डिलीवरी के दौरान वैजाइना की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं जो सेक्सुअल हाइजीन को प्रभावित करती है.

महिलाओं में सेक्सुअल हाइजीन की कमी उन की सेक्स लाइफ को खत्म कर देती है.

हाइजीन पर ध्यान देने वाली खास बातें

महिलाओं में प्राइवेट हाइजीन के मूल मुद्दों को अकसर ही नजरअंदाज कर दिया जाता रहा पर हैल्दी रहने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.

  1. सार्वजनिक शौचालयों के इस्तेमाल के समय हमेशा सचेत रहे हमेशा टौयलेट जाते समय फ्लश जरूर करें.
  2. पैंटी की सफाई किसी अच्छे डिटरजैंट से करें ताकि वह अच्छी तरह से साफ हो जाए.
  3. पैंटी को हमेशा सीधी दिशा में धूप में ही सुखाएं ताकि उस का अंदरूनी हिस्सा धूल, मिट्टी आदि से प्रदूषित न हो सके.
  4. रोज पहनने वाली पैंटी पर आयरन जरूर चलाएं. आयरन की गरमी से बैक्टीरिया का पूरी तरह से अंत हो जाता है और पैंटी इंफैक्शन से मुक्त हो जाती है.
  5. पीरियड्स के दौरान अपने पैड्स को 6 घंटे के अंतराल पर बदलें इसी समय इंफैक्शन होने का ज्यादा डर होता है.
  6. हमेशा लाईट कलर की पैंटी का प्रयोग करें व्हाइट कलर की पैंटी बेस्ट है इस में थोड़ी भी गंदगी साफ पता चलती है.
  7. पैंटी को डिटर्जेंट से धोने के बाद एक बार डिटौल व ऐंटीसैप्टिक की कुछ बूंदें डाल कर पानी में जरूर साफ करें इस से पैंटी बैक्टीरिया मुक्त हो जाती है और आप को फंगल या ऐसे किसी अन्य संक्रमण से बचाती है.
  8. सिंथेटिक की बजाए कौटन की पैंटी का प्रयोग करें और अपनी पैंटी को हर 3 महीने में चेंज जरूर करें.
  9. एक्सरसाइज के बाद पसीने से भीगी पैंटी को तुरंत बदल लें नमी के कारण उस में बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है.
  10. वैजाइना को गुनगुने पानी से अच्छी तरह से साफ करें.
  11. किसी भी सूरत में टैलकम पाउडर का इस्तेमाल न करें विशेष तौर पर निजी अंगों पर क्योंकि इस से ओवेरियन कैंसर होने की रिपोर्ट्स सामने आ रही है.
  12. बहुत ज्यादा टाइट पैंटी न पहनें.
  13. अपनी पैंटी को अपने अन्य कपड़ों के साथ कभी न धोएं उसे अलग से साफ करें.

महिलाओं के आवश्यक टैस्ट

नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच कराना भी बहुत जरूरी है, जिस से जीवनशैली संबंधी बीमारियों की जांच कर उन की रोकथाम की जा सके और साथ ही पैप स्मीयर्स जैसे महत्त्वपूर्ण टेस्ट भी हो सके, जिन्हें यौन संबंधों के कारण होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए किया जाता है, क्योंकि लंबी अवधि में ये बीमारियां सर्वाइकल कैंसर की वजह भी बन सकती हैं. सेक्सुअल तौर पर बेहद सक्रिय महिलाओं को ये जांच अवश्य कराने की सलाह देनी चाहिए.

कम उम्र में ही महिलाओं की जांच जीवनशैली संबंधी बीमारियों के लिए भी हो जानी चाहिए जैसे डायबिटीज. क्योंकि इस का महिलाओं की फर्टिलिटी पर प्रभाव पड़ता है और अगर इस की जांच सही समय पर नहीं हो तो यह महिलाओं के जीवन को युवा उम्र में ही प्रभावित कर सकती है. ऐसी स्थितियों की वजह से लंबी अवधि में महिला और उस के साथी के यौन स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है.

सैक्सुअल हैल्थ के लिए जरूरी है सेफ सैक्स

अक्सर शर्म और झिझक के चलते महिलाएं अपने मेल पार्टनर से सेफ सेक्स पर बात नहीं करती लेकिन आप की सेहत आप के हाथ है. सेक्स के दौरान अपने पार्टनर से कंडोम यूज करने को कहें जिस से कई तरह के गंभीर व जानलेवा यौन संक्रमणों से बचा जा सकता है.

सेक्सुअल हैल्थ के लिए बैलैंस्ड डाइट बहुत जरूरी है. ये इंफैक्शन से बचाता है. यदि वैजाइनल ड्रायनैस है तो सोया प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करें क्योंकि इस में एस्ट्रोजन का एक प्रकार पाया जाता है जो नेचुरल लूब्रिकेशन को बढ़ाता है इस के साथ एक्सरसाइज भी बहुत जरूरी है.

ये सभी बातें महिलाओं के सेक्सुअल जीवन को बहुत प्रभावित करती हैं क्योंकि बारबार फंगल इंफैक्शन होने से फिजिकल रिलेशन के दौरान अत्यधिक दर्द और सूखापन हो जाता है जिस से महिलाएं इंटरकोर्स करने से कतराने लगती हैं इसलिए अगर इस की मूल वजह को सुधार दिया जाए और लड़कियों को युवा उम्र से ही अपनी साफसफाई रखने की बात सिखाई जाए तो इस से बेहद तेजी से बढ़ते यौन बीमारियों के मामले नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. मूल मुद्दों की जानकारी के अभाव के कारण ही अकसर लड़कियों में यूरिनरी ट्रैक्ट (मूत्रमार्ग) के इंफैक्शन हो जाते हैं और जेनिरी-यूरिनरी सिस्टम में भी फंगल इंफैक्शन हो जाता है. इसलिए जितनी जल्दी हो इस का खास ध्यान रखें.

इन Sex Problems की वजह से टूट जाती है शादी

सैक्स एक ऐसा शब्द है जिसे सुन कर हम सबके मन में एक अलग सी खुशी की लहर दौड़ने लगती है और दिल खुशनुमा सा होने लगता है. हम सब सैक्स को एंजौय करते हैं और हम सबको लगता है कि सैक्स ऐसा होना चाहिए कि कुछ देर के लिए तो बस ऐसी फीलिंग आए कि हम जन्नत में पहुंच गए हैं. हर इंसान अपनी लाइफ में बहुत बार सोचता है कि वे अपने सैक्स लाइफ को किस तरह से और भी ज्यादा इम्प्रूव कर सकता है.

ऐसा कई बार देखा गया है कि हम सब सैक्स तो करते हैं लेकिन सैक्स को लेकर हमारे मन में कई तरह के विचार आते रहते हैं जैसे कि –
– मैं सैक्स सही से तो कर रहा या कर रही हूं न ?
– मेरा पार्टनर मेरे साथ खुश तो है या नहीं ?
– मैं अपने पार्टनर को अच्छे से सैटिस्फाई कर पा रहा या कर पा रही हूं नहीं ?
– कहीं मेरे अंदर कोई कमी तो नहीं है न ?

ऐसे कई सारे विचार हमारे दिमाग में आए दिन आते हैं जिससे कि हमे डर लगा रहता है कि हमारे सैक्सुअल प्रौब्लम की वजह से हमारा पार्टनर हमें छोड़ तो नहीं देगा. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसी सैक्सुअल प्रौब्लम्स और उनके सौल्यूशन्स के बारे में जिससे कि आप अपनी शादी या रिलेशनशिप को टूटने से बचा सकते हैं.

सैक्स टाइमिंग्स

सैक्स टाइमिंग्स को लेकर हमारे मन में कई सारे विचार आते हैं. हर पुरूष को ऐसा लगता है कि उसकी पत्नी या गर्लफ्रेंड चाहती है कि वह लम्बे समय तक सैक्स करते रहें जिससे कि वह सैटिस्फाई हो पाए पर यह गलत है. सैक्स चाहे लम्बे समय तक हो या ना हो पर सैक्स ऐसा होना चाहिए जो आपको और आपके पार्टनर को जन्नत की सैर करा दे. आपको अपने पार्टनर को सिर्फ सैक्स में ही नहीं बल्कि सैक्स से पहले भी सैटिस्फाई करना चाहिए जैसे कि ओरल सैक्स कर के, अपने पार्टनर के नाजुक अंगों को छेड़ कर और अपने पार्टनर की पूरी बौडी पर जमकर किस कर के. ऐसा करने से आपका पार्टनर सैक्स से पहले ही खुद को काफी हद तक सैटिस्फाई फील करेगा.

अगर फिर भी आप को या आप  के पार्टनर लगता है कि आप की सैक्स ड्यूरेशन बहुत ही कम है तो आप को कभी भी खुद से कोई दवाई या स्प्रे जैसा कुछ नहीं लेना चाहिए बल्कि एक अच्छे सैक्स स्पैशलिस्ट से मिलना चाहिए और उससे यह सब डिस्कस करना चाहिए.

लिंग का साइज

विदेशी पोर्न वीडियोज ने हमारे मन एक बात डाल दी है कि लिंग काफी लंबा होगा तभी लड़कियां सैटिस्फाई हो पाएंगी और इसी कारण कई लड़के इंटरनेट से पढ़ कर लिंग लम्बा करने की दवाइयां लेने लग जाते हैं जिस के कई साइड इफैक्ट्स होते हैं. ऐसा करना और ऐसा सोचना काफी हद तक बिल्कुल गलत है. आपका पार्टनर आपके लिंग के साइज से नहीं बल्कि आपकी परफौर्मेंस से सैटिस्फाई होता है.

अगर आपके लिंग का साइज ज्यादा लम्बा नहीं है पर आपकी परफौर्मेंस काफी अच्छी है तो आपके पार्टनर को आप से कभी कोई शिकायत नहीं होगी. अगर फिर भी आप को और आप के पार्टनर को लगता है कि आप के लिंग का साइज काफी छोटा है और ठीक से परफौर्म नहीं कर पा रहा तब आपको जरूर सैक्स स्पैशलिस्ट डौक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

प्री मैच्योर इजैक्यूलेशन

समय से पहले ही अपना स्पर्म लूज़ कर देना या हल्का सा कुछ होते ही पहले ही क्लाइमैक्स तक पहुंच जाने को प्री मैच्योर इजैक्यूलेशन कहा जाता है. प्री मैच्योर इजैक्यूलेशन आजकल काफी कौमन प्रौब्लम है. कई पुरूषों की यही समस्या है कि वह सैक्स करते समय पूरी परफौर्मेंस नहीं दे पाते और समय से पहले से स्पर्म लूज़ कर देते हैं जिससे कि उनकी गर्लफ्रेंड या पत्नी सैटिस्फाई नहीं हो पाती. प्री मैच्योर इजैक्यूलेशन कई चीजों पर डिपैन्ड करता है.

अगर आपको भी ऐसा लगता है कि आप सैक्स के समय अपनी पूरी परफौर्मेंस नहीं दे पा रहे हैं तो आपको जल्द से जल्द किसी अच्छे डौक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

याद रहे, डौक्टर्स पर जाने से हमें कभी शर्माना नहीं चाहिए और ना ही उनसे कुछ छिपाना चाहिए. सैक्स प्रौब्लम्स डिस्कस करने से किसी की मर्दानगी नहीं घटती बल्कि अगर आपने डौक्टर्स से डिस्कस किए बिना कोई गलत दवाई ले ली तो अपको लेने के देने भी पड़ सकते हैं. बेहतर यही है कि अच्छे स्पैशलिस्ट से संपर्क करें, अकसर ऐसे स्पैशलिस्ट आप की प्रौब्लम को खुद तक ही सीमित रखते हैं. सोसाइटी अब बदल चुकी है ऐसे मामलों में बोलने से वह हिचकती नहीं है और न ही दूसरे का मजाक उड़ाती है.

जानिए महीने में कितनी बार करना चाहिए सैक्स

एक सुखी शादीशुदा जीवन में सेक्स बड़ी भूमिका निभाता है लेकिन सवाल ये है कि क्या इसकी भी कोई सीमा होनी चाहिए? पति-पत्नी के बीच सेक्स संबंधों को लेकर शोध होते रहते हैं. ऐसे ही एक शोध में बताया गया है कि महिलाओं की यौन संतुष्टि से ज्यादा जरूरी है कि सेक्स कितनी बार किया गया.

शोध के अनुसार वही महिला अपने यौन जीवन से संतु्ष्ट रहती है जो एक महीने में करीब 11 बार सेक्स करती है. ये वे महिलाएं हैं जिनकी शादी के कुछ साल बीत चुके हैं. लेकिन एक नवविवाहिता के लिए माह में 11 बार सेक्स नाकाफी होता है. उनकी सेक्स इच्छा इससे तीन से चार गुना अधिक होती है और तब भी वे संतुष्ट नहीं होती.

प्रसिद्ध लेखक, साइकोथेरेपिस्ट और इस शोध के प्रमुख लेखक एम गैरी न्यूमैन ने सुझाव दिया है कि शादी के दो वर्षों के बाद शादीशुदा जोड़ों को अपने प्रेम संबंध की निकटता और उत्तेजना को पहले की तरह बनाए रखना चाहिए. उनका कहना था कि तेज़ भागते जीवन की वजह से जोड़ों के बीच सेक्स कम होता जाता है.

न्यूमैन का कहना है कि उनके शोध का मकसद यह पता करना था कि एक दम्पत्ति को महीने में कितनी बार संबंध बनाने चाहिए.

मैं गर्भधारण नहीं कर पा रही, कही इसकी वजह ये तो नहीं?

सवाल
मैं 21 वर्षीय विवाहिता हूं. विवाह को 1 साल हो चुका है. अभी तक मुझे मातृत्व सुख नहीं प्राप्त हुआ है. सहवास में निवृत्त होने के बाद मैं तुरंत खड़ी हो जाती हूं. क्या इसीलिए मैं गर्भधारण नहीं कर पा रही? गर्भधारण करने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? क्या मुझे किसी तरह की जांच करानी चाहिए?

जवाब
अभी आप की उम्र बहुत कम है और शादी में भी सिर्फ 1 वर्ष ही हुआ है, इसलिए मातृत्व को ले कर आप को अभी चिंतित होने की जरूरत नहीं है. अभी कुछ वर्ष आप वैवाहिक जीवन का आनंद लें. शारीरिक और मानसिक तौर पर जब आप मातृत्व वहन करने के योग्य हो जाएंगी तब इस विषय में सोचें. जहां तक सहवास के बाद खड़े हो जाने की बात है तो इस से गर्भधारण करने में कोई व्यवधान नहीं पड़ता.

बोझिल सेक्स, बोझिल रिश्ता: कैसे बनेंगे संबंध

हर काम युवा जल्दबाजी में करना चाहते हैं. युवा ऊर्जा और जोश की यह खासीयत भी है कि गरम खून और उत्साह से भरी यह पीढ़ी हर काम को खुद करना जानती है. प्रेम भी युवा खुल कर करते हैं. समाज की सीमाओं से परे इन के रिश्ते दकियानूसी दौर को पार कर चुके हैं और सैक्स संबंधों के लिए किसी से परमिशन नहीं लेनी पड़ती.

एक शोध में पाया गया कि शारीरिक संसर्ग की गुणवत्ता बोझिल होने से रिश्ते बोझ लगने लगते हैं और युवा भूल जाते हैं कि असल रोमांस क्या है. आजकल युवाओं में बढ़ती थकान, दबाव या निराशा के कारण अपनी गर्लफ्रैंड के साथ सैक्सुअल रिलेशन बोझिल होते जा रहे हैं, जिस का नकारात्मक असर उन के रिश्ते पर भी दिखता है.

युवकयुवती के बीच अगर सैक्स संबंधों में मधुरता है तो दोनों के रिश्तों में नई ऊर्जा का भी संचार होता है, लेकिन अगर सैक्स संबंध ही बोझिल हो चुके हैं तो रिश्ता भी बोझिल हुआ समझो. आइए, जानते हैं कि सैक्स संबंधों की बोझिलता दूर कर किस तरह युवा अपने रिलेशन में नई जान फूंक सकते हैं :

खुल कर करें इजहार

युवाओं के बीच अगर सैक्स में डिजायर्स नहीं है तो रिश्ते में भी ऊष्मा नहीं आएगी. ज्यादातर युवतियां अपने साथी से संकोचवश सैक्स के बारे में अपनी फीलिंग्स छिपाती हैं, जिस के चलते उन्हें उस तरह का सैक्सुअल प्लेजर नहीं मिल पाता जिस की उन्हें चाहत होती है. मन की बात मन में ही रह जाती है. पार्टनर के सामने खुल न पाने के चलते सैक्स संबंध बोझिल लगने लगते हैं. अगर आप चाहते हैं कि रिश्तों में रोमांस का तड़का लगा रहे तो अपनी डिजायर्स पार्टनर से शेयर करें, जो अच्छा लग रहा है, उसे बताएं और बुरी फीलिंग्स को भी छिपाएं नहीं. अपने साथी के साथ हर बात शेयर करें और सैक्सुअल रिलेशन बनाते समय संकोच को किनारे कर उस का पूरा आनंद लें, आप पाएंगे कि रिश्तों की खोई ऊष्मा वापस आ रही है.

जराजरा टचमी… टचमी…

स्पर्श प्रेम और सैक्स का सब से अहम टूल होता है. एक स्पर्श अंगअंग में गुदगुदी भर सकता है जबकि गलत तरीके से किया गया स्पर्श मन को घृणा से भर देता है. सैक्स संबंध बनाते समय अगर अपने साथी को स्पर्श करने की कला आप को आती है तो सैक्स का आनंद कई गुणा बढ़ जाता है. सैक्स ऐक्सपर्ट मानते हैं कि स्पर्श का प्यार और सैक्स से गहरा रिश्ता है. इस के पीछे वजह है कि स्किनटूस्किन कौंटैक्ट से आप का औक्सिटोसिन लैवल बढ़ेगा. इस से आप रिलैक्स महसूस करेंगी और अपने पार्टनर के और करीब जाएंगी. थोड़ा तन से छेड़छाड़ और तन से तन का स्पर्श ही कामइच्छा को जागृत करता है. स्पर्श से कामइच्छा में इजाफा होता है और संबंधों में प्रगाढ़ता आती है. पार्टनर को प्रेमस्पर्श देना सब से कारगर तरीका है. पार्टनर का मूड बनाने के लिए कान के पीछे, आंखों पर किस भी कर सकते हैं.

शरारती बातें और चाइनीज फुसफुस

सैक्स एक कला है और इस में जितने प्रयोग किए जाएं यह उतनी निखरती है. इसलिए जब भी आप सैक्स संबंध बनाएं नए प्रयोग आजमाने से हिचकें नहीं. जब भी आप को मौका मिले पार्टनर को फोन मिलाएं और रोमांटिक तथा शरारत भरी बातें करें साथ ही उन्हें हिंट दें कि शाम को जब आप दोनों की मुलाकात होगी, तो क्या सरप्राइज मिलने वाला है. इशारा सैक्स को ले कर हो तो ज्यादा मजेदार होगा. अगर और प्लेजर खोज रहे हैं तो कान में फुसफुस वाला गेम भी खेल सकते हैं. इसे चाइनीजविस्पर गेम कहा जाता है. इस खेल को कइयों ने बचपन में खेला होगा. इस में नौटी बातों का तड़का लगा कर खेलेंगे तो मजा दोगुना हो जाएगा. जब अपने पार्टनर के साथ यह खेल खेलें तो उस के कानों में कुछ सिडक्टिव बातें कहें.

माहौल हो खुशनुमा

सैक्स कहीं भी और कभी भी करने वाली क्रिया नहीं है. जिस तरह खाना बिना भूख और स्वाद के गले नहीं उतरता, बेस्वाद लगने लगता है, ठीक उसी तरह सैक्स भी जबरन या गलत मूड और माहौल में करने से बेहद नीरस लगने लगता है. जिस से कई बार रिश्ते बोझिल लगने लगते हैं. सैक्स में माहौल और मूड जरूरी फैक्टर्स हैं. पुराने समय में तरहतरह के इत्र का इस्तेमाल होता था, क्योंकि सुगंध का सैक्स से रोचक रिश्ता है. महकता बदन और मदहोश करने वाली सुगंध से सैक्स की डिजायर और बढ़ जाती है. इसलिए अपने कमरे या जहां भी सैक्स करते हैं, वहां का माहौल खुशनुमा बना लें, कमरा सजाएं. कमरे का इंटीरियर बदलें. कमरे की लाइट डिम हो और रोमांटिक म्यूजिक चला हो, फिर दिनभर की थकान दूर करने के लिए पार्टनर की मसाज करें.

रोल प्ले और साथ में बाथ

रोजरोज एक ही काम करने से उस में बोझिलता आना स्वाभाविक है. हर रिश्ता कुछ नया और एडवैंचर्स की मांग करता है. कई बार उस के लिए खुद को बदलना भी पड़ता है. सैक्सुअल रिलेशन में इसी काम को रोल प्ले भी कहते हैं. इस में कुछ फिक्शन और नौन फिक्शन किरदारों को मिला कर एक किरदार बना लें और अपने साथी के साथ सैक्स के दौरान उस किरदार में रहें. आप पाएंगे कि आप को सैक्स की कुछ अलग अनुभूति हो रही है और नया रोमांचकारी अनुभव भी मिलेगा. पार्टनर के साथ एक रोमांटिक कहानी बनाएं, दोनों रोल बांट लें और बैडरूम में रोल प्ले करें या फिर रोल निभाएं, जो आप निभाना चाहते हैं. एकदूसरे के करीब आने का यह क्रिएटिव तरीका है. साथ ही अपनी सैक्स अपील उभारने के लिए ट्रांसपेरैंट ड्रैसेज और इरोटिक लिंजरी का सहारा लेने से भी सैक्स में तड़का लगता है. सैक्स ड्राइव बढ़ाने के लिए यह भी एक नायाब तरीका हो सकता है. बाथरूम में अच्छा परफ्यूम स्प्रे करें. बाथटब में एकसाथ बाथ लें.

स्ट्रैसफ्री सैक्स, पोर्न की लत और हैल्दी फूड

युवाओं में काम की टैंशन, नौकरी का तनाव और थकान सैक्स को बेमजा करते हैं. लिहाजा, रिश्ते भी अपना आकर्षण खोने लगते हैं. इसलिए किसी भी तरह खुद को रिलैक्स करिए तभी स्वस्थ सैक्स का मजा ले सकेंगे. जब स्ट्रैसफ्री रहेंगे तभी अपने साथी की डिजायर समझेंगे और उसे सैक्स का पूरा आनंद दे सकेंगे वरना सैक्स तो होता है, लेकिन एकतरफा और अधूरा सा रहता है, जिस में एक साथी असंतुष्ट रहता है. जिस का गुस्सा उस रिश्ते को खराब भी कर सकता है. सैक्स का स्वस्थ खाने और हैल्थ से भी कनैक्शन है. वैसे तो स्वास्थ्य के लिहाज से भी यही सलाह दी जाती है. यहां भी हम यही सुझाव देंगे. यदि आप सैक्स करना चाहते हैं तो कम खाना खाएं या फिर घंटेभर पहले खाना खा लें. इस से बैड पर आप को आलस नहीं आएगा.

पोर्न की लत को ले कर सैक्स ऐक्सपर्ट्स का कहना है कि एक सीमा तक पोर्न देखना रिलेशनशिप के लिए अच्छा है. लेकिन शोध बताते हैं कि सैक्स में आती बोझिलता के चलते रिश्तों की गर्माहट खत्म हो रही है, जिस के नतीजे ब्रेकअप के रूप में सामने आ रहे हैं.

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