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इन तीन बातों का आपकी सेक्स लाइफ से है सीधा संबंध

कहा जाता रहा है कि स्त्री-पुरुष के बीच सेक्स संबंध सात साल तक ही चलते हैं और लगता था कि ये तो बहुत कम समय है लेकिन अगर नये सर्वे के नतीजों पर नज़र डालें तो लगेगा सात साल बहुत हैं. म्यूनिख की लुडविग सैक्ज़िमिलान यूनिवर्सिटी ने 25 से 41 साल के बीच के 3000 लोगों से उनकी सेक्स लाइफ के बारे में पूछा. उनके जवाब से पता चला कि सेक्स लाइफ एक साल तक ही चलती है और उसके बाद दोनों एक दूसरे में दिलचस्पी खोने लगते हैं.

दिलचस्प बात ये निकली की बच्चों की संख्या या उनकी उम्र से सेक्स से मिलने वाली संतुष्टी पर कोई फर्क नहीं पड़ता, हालंकि पहले के रिसर्च में इसका सेक्स लाइफ पर बहुत बड़ा प्रभाव माना गया था.

सर्वे से पता चला है कम सेक्स की एक बड़ी वजह लड़ाई है. हम यहां आपको बता रहे हैं कुछ बातें जिनका सीधा संबंध है आपकी सेक्स लाइफ से:

  1.  एक ही समय में दोनों की सेक्स की चाह नहीं होती

एक छत के नीचे रह रहे महिला और पुरुष की सेक्स की इच्छा जरुरी नही कि एक ही समय पर हो. पुरुष जहां सुबह सेक्स करना पसंद करते हैं वहीं महिला रात को. और यही कभी-कभी एक बड़ी समस्या बन जाता है. एक अध्ययन से पता चला है कि 80 फीसदी दंपत्तियों को अलग अलग समय पर सेक्स की इच्छा होती है. ऐसा हफ़्ते में पांच बार होता है यानी दोनों की सेक्स इच्छा का समय अलग अलग.

2. जिन महिलाओं के बहुत से पुरुष दोस्त होते हैं वे ज्यादा सेक्स करती हैं

ये सुनने या पढ़ने में अजीब लग सकता है लेकिन है सच. एक सर्वे के अनुसार अगर किसी महिला के बहुत से पुरुष दोस्त हैं तो उनका पति/पार्टनर उनसे ज़्यादा सेक्स करने की कोशिश करेगा. मजे की बात ये है कि उसे खुद इस बात का एहसास नहीं होगा कि वो ऐसा कर रहा है. दरअसल वह अपनी पत्नी/पार्टनर के पुरुष दोस्तों के खतरे की वजह से ऐसा करता है.

3. जरूरी नहीं बेमेल सेक्स से संबंधों का टूटना

टोरंटो मिसीसौगा यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के अनुसार ऐसे लोगों की सेक्स में लिप्त होने (भले की इच्छा न हो या कम हो) की बहुत संभावना रहती है जब वे सोचते हैं कि कैसे सेक्स की वजह से उनके संबंध बेहतर हुए हैं. उन्हें लगता है कि सेक्स से उन्हें कुल मिलाकर संतुष्टि और अधिक मिलेगी. कुल मिलाकर लुब्ब-ए-लुआब ये है कि भले ही आपका मूड सेक्स करने का न हो लेकिन अगर आपको लगता है कि ये संबंधों के लिये फायदेमंद है तो आप सेक्स का ज़रुर और आनंद उठाएंगे.

जब पत्नी बहाना बनाए, नजदीक न आए

Sex News in Hindi: महेंद्र की शादी को 10 साल हुए गए हैं. उस के दो बच्चे हैं. उसे हर रात को अपनी पत्नी का साथ चाहिए. प्यार की बरसात चाहिए. पर उस की पत्नी मोहिनी उसे गच्चा दे जाती है. वह कभी छोटी बेटी को सुलाने का बहाना बना देती है तो कभी घर का ज्यादा काम करने की वजह से बदन दर्द की शिकायत करते हुए मुंह फेर कर सो जाती है. कभी नजदीक आती भी है तो बेमन से.

महेंद्र इस बात से चिड़चिड़ा हो गया है. वह ऑफिस में भी खुश नहीं रहता है. कभीकभार तो वह अपने साथी कर्मचारियों से भी भिड़ जाता है. नतीजतन अब वह शराब पीने लगा है और कभीकभार किसी प्रोफेशनल लड़की को पैसे दे कर उस के साथ रात बिता लेता है. बहाना बनाता है ऑफिस के टूर का या नाईट शिफ्ट का.

अभी तक तो उस के परिवार में सब कुछ सही चल रहा है पर जब मोहिनी को इस बारे में पता चलेगा तो गुस्से का बम जरूर फूटेगा. लेकिन इस में गलती किस की ज्यादा बड़ी है? मोहिनी के महेंद्र से दूर रहने की या महेंद्र की चोरीछिपे बाजारू औरत के साथ संबंध बनाने की?

अगर महेंद्र शराब न पीता और किसी पराई औरत के साथ संबंध नहीं बनाता और अपनी समस्या सीधे मोहिनी को बताता कि उसे अपनी पत्नी का जिस्मानी प्यार चाहिए तो उस की कोई गलती नहीं होती. मोहिनी को भी उस के जज्बात समझने का मौका मिल जाता पर महेंद्र पहले कुढ़ता रहा और जो रास्ता उस ने अपनाया वह बिलकुल गलत था.

वैसे मोहिनी का भी कम कुसूर नहीं है. उस का महेंद्र से बहाने बना कर दूर रहना या बेमन से उस के साथ जिस्मानी रिश्ता बनाना ही इस समस्या की असली जड़ है. उसे अपने बच्चों की खुशियों के अलावा पति की इच्छा का भी ध्यान रखना चाहिए.

शादी के जयदा साल हो जाने का यह मतलब नहीं है कि पति और पत्नी तन का प्यार बिलकुल न करें, बल्कि यह तो उन के रिश्ते को और ज्यादा मजबूत करता है. अगर मोहिनी महेंद्र को रात का देह सुख दे देती तो उसे यों गलत रस्ते की ओर रुख ही नहीं करना पड़ता. यहां इन दोनों को समझदारी दिखानी चाहिए थी.

बाद में ऐसा हुआ भी. जब मोहिनी को लगा कि महेंद्र उस के कटकटा सा रहने लगा है तो वह ताड़ गई कि मामला गड़बड़ है. वह अपने नाम की तरह खूबसूरत तो थी ही इसलिए पति को अपनी तरफ खींचना उस के बाएं हाथ का खेल था.

बात ज्यादा बिगड़ने से पहले उस ने महेंद्र को दोबारा से अपना बना लिया और उस की रातों को दोबारा से रंगीन बनाना शुरू कर दिया.

नहीं चाहते अपनी सेक्स लाइफ में कोई प्रोब्लम, तो जरूर अपनाएं ये टिप्स

Sex News in Hindi: कई महिलाओं की शिकायत होती है कि उन के पति में अब पहले वाला जोश नहीं रहा और वे अब सेक्स में ज्यादा दिलचस्पी नहीं लेते. कई बार पुरुष चाह कर भी यौन समागम नहीं कर पाते क्योंकि उन के मन में डर या संकोच बैठ जाता है कि क्या वे सफलतापूर्वक यौन संबंध नहीं बना पाएंगे और अपनी पत्नी को संतुष्ट नहीं कर पाएंगे. उन का पुराना जोश और उमंग वापस लौटा कर अपनी सेक्स लाइफ को आनंदमयी बनाने के लिए आप अपना सकती हैं ये उपाय:

भारी न पड़े काम

उन्हें प्रेमपूर्वक समझाएं कि आप का कैरियर बेशक बेहद महत्त्वपूर्ण है और उसे पूरा समय देना भी जरूरी है, लेकिन इसे बैडरूम में घुसा लेना ‘बैड हैबिट’ ही माना जाएगा. जितना औफिस का काम कैरियर लाइफ के लिए जरूरी है, उतना ही शयनकक्ष का काम पर्सनल लाइफ के लिए जरूरी है. कमाई सुख के लिए की जाती है और आप सुख से ही वंचित रह जाएं तो ऐसी कमाई से क्या फायदा? मस्तिष्क दूसरे जंजाल से मुक्त रहेगा तभी शरीर के दूसरे अंगों को अपना काम करने का सही निर्देश दे पाएगा. इसलिए औफिस का काम औफिस में ही छोड़ कर आएं ताकि घर पर एकाग्रता और सुकून के साथ घर का काम कर सकें.

एक बार और ट्राई करें

सफलता का जो फौर्मूला कैरियर लाइफ या ऐकेडमिक लाइफ में काम करता है, वही यहां भी काम करता है. अगर आप के पति एक बार सेक्स करने में विफल हो गए और इरैक्शन से वंचित रह गए, तो इस का मतलब यह कतई नहीं है कि ऐसा बारबार होगा. ‘ट्राई वन मोर टाइम’ का फौर्मूला यहां भी लागू होता है. उन से खुल कर बात करें और बताएं कि अगर आप हस्तमैथुन करते वक्त उत्तेजित हो जाते हैं और इंटरकोर्स के वक्त नहीं हो पाते, तो जाहिर है प्रौब्लम अंग में नहीं उमंग में है यानी आप के दिमाग में झूठा भय समा चुका है.

दुत्कारें नहीं पुचकारें

पति आप के पास आएं, आप को सहलाएं और चूमने की कोशिश करें तो उन्हें दुत्कार कर दूर न भगाएं. इस से उन का उत्साह ठंडा पड़ जाएगा और वे अच्छे तरीके से परफौर्म नहीं कर पाएंगे. आप भी उतनी ही गर्मजोशी से उन्हें पुचकारें, दुलारें, सहलाएं और चूमें. इस से उन के मन में आत्मवश्वास लौटेगा और सेक्स की भावना भी जाग्रत होगी. ज्यादतर मामलों में ऐसी स्थिति में इरैक्शन न होने की समस्या भी हल हो जाती है. आप का स्पर्श और चुंबन उन के लिए सेक्स के मामले में टौनिक का काम करेगा.

व्यायाम से बनेगा काम

उन्हें शारीरिक रूप से ऐक्टिव रहने और नियमित व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें और जरूरत पड़े तो आप भी उन का साथ दें. वे टालमटोल करें, तो उन्हें समझाएं कि इस का असर उन के और आप के यौन जीवन पर पड़ रहा है. ऐक्सरसाइज न करने या ऐक्टिव न रहने से ब्लड सर्कुलेशन दुरुस्त नहीं रहता, जिस का सीधा असर उत्तेजना और इरैक्शन पर पड़ता है. इसलिए रोज पुश अप्स, स्पौट जौगिंग और वौकिंग के लिए समय जरूर निकालें.

धुएं में न उड़ाएं जिंदगी का मजा

सिगरेट को स्टाइल स्टेटमैंट समझना बंद कर दें. पति को समझाएं कि धुआं सिगरेट का नहीं उन की जिंदगी का उड़ रहा है. कई अध्ययनों से पता चल चुका है कि स्मोकिंग से नपुंसकता की समस्या हो सकती है. शराब पीना भी कोई अच्छी बात नहीं है. शराब पीने से सेहत चौपट हो जाती है, लिवर नष्ट होने लगता है और जाहिर सी बात है स्वास्थ्य दुरुस्त नहीं रहता, तो इरैक्शन में प्रौब्लम आती है.

वेट को करें सैट

मोटापा अपनेआप में ही एक बीमारी है और यह अपने साथ कई बीमारियों को भी लाता है. वजन ज्यादा रहेगा, तो शरीर में लचीलापन नहीं रहेगा. लचीलापन नहीं रहेगा, तो पुरुष सेक्स क्या खाक करेगा वजन अनियंत्रित रहने पर शरीर में शुगर बढ़ जाती है. नतीजा, डायबिटीज. डायबिटीज तो इरैक्शन का दुश्मन नंबर वन है. वैसे भी मोटापा हार्ट डिजीज, हाई ब्लडप्रैशर, हाई कोलैस्ट्रौल वगैरह का सबब बन सकता है. इसलिए उन्हें वजन कम रखने, पौष्टिक भोजन करने और अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करें.

पति की जबरदस्ती से बचें कुछ इस तरह

Sex News in Hindi: श्वेता खाना खा कर सोने चली गई थी. उस का पति प्रदीप अभी घर नहीं लौटा था. पहले रात के खाने पर श्वेता पति का देर रात तक इंतजार करती थी. कुछ दिनों के बाद प्रदीप ने कहा कि अगर वह 10 बजे तक घर न आए तो खाने पर उस का इंतजार न किया करे. इस के बाद प्रदीप के आने में देर होने पर श्वेता खाना खा कर लेट जाती थी. उस दिन भी वह लेट तो गई थी, मगर उसे नींद नहीं आ रही थी. वह अपने संबंधों के बारे में सोच रही थी. उसे लग रहा था जैसे वह पति की जबरदस्ती का शिकार हो रही है. प्रदीप ज्यादातर देर रात घर लौटता था. इस के बाद कभी सो जाता था, तो कभी श्वेता को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगता था. नींद के आगोश में पहुंच चुकी श्वेता को तब संबंध बनाना अच्छा नहीं लगता था. श्वेता को कभीकभी लगता जैसे पति प्यार न कर के बलात्कार कर रहा हो.

श्वेता अपने को यह सोच कर समझाती कि पति की शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ही शादी होती है, इसलिए उसे केवल पति की जरूरतों को पूरा करना चाहिए. इस जोरजबरदस्ती में श्वेता को 4 साल के विवाहित जीवन में 1-2 बार ही ऐसा लगा था कि प्रदीप प्यार के साथ संबंध बना सकता है, ज्यादातर श्वेता जोरजबरदस्ती का ही शिकार बनी थी. इस का प्रभाव उस के ऊपर कुछ इस तरह पड़ा कि वह शारीरिक संबंधों से चिढ़ने लगी. श्वेता और प्रदीप का 1 बेटा था. श्वेता जब कभी अपनी सहेली शालिनी से मिलती तो उसे पता चलता कि उन का पतिपत्नी का रिश्ता मजे में चल रहा है. एक दिन जब श्वेता ने अपनी परेशानी शालिनी को बताई, तो वह उसे सैक्स काउंसलर के पास ले गई.

पति से करें बात

काउंसलर ने बातचीत कर के यह जानने की कोशिश की कि श्वेता की परेशानी क्या है? श्वेता ने काउंसलर को बताया कि उस का पति उस समय उस से सैक्स संबंध बनाने की कोशिश करता है जब उस का मन नहीं होता है. कई बार जब वह इस के लिए मना करती है, तो वह जोरजबरदस्ती पर उतर आता है. इस से श्वेता का सैक्स संबंधों से मन उचट गया है. काउंसलर रेखा पांडेय ने श्वेता को सलाह देते हुए कहा कि इस बारे में पति से आराम से बात करें और यह बातचीत सैक्स संबंधों के समय न कर के बाद में की जाए. इस के लिए प्यार से पति को मनाने की कोशिश की जाए. अगर पति कभी नशे की हालत में सैक्स संबंध बनाने की कोशिश करे तो उस समय कुछ न कह कर नशा उतरने के बाद बात करें. नशे की हालत में बात समझ में नहीं आती उलटे कभीकभी लड़ाईझगड़े से मामला बिगड़ जाता है.

पति हर समय गलत होता है, यह भी नहीं मान लेना चाहिए. उसे इस के लिए हमेशा टालना सही नहीं होता है. हो सकता है कि कभी आप का मन न हो, बावजूद इस के आप को सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए. सैक्स पति और पत्नी दोनों की जरूरत होती है. इसलिए इस से जुड़ी किसी भी परेशानी को हल करने के लिए पतिपत्नी दोनों को मिल कर सोचना चाहिए. जब आप खुल कर एकदूसरे से बात करेंगे तो सारी गलतफहमियां दूर हो जाएंगी.

क्यों करनी पड़ती जबरदस्ती

सैक्स दांपत्य जीवन की सब से अहम चीज होती है, यह बात पतिपत्नी दोनों को पता होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि तब सैक्स संबंध के लिए जबरदस्ती क्यों करनी पड़ती है? कई बार कभी पति या पत्नी को कोई ऐसी बीमारी हो जाती है, जिस से सैक्स संबंधों से मन उचट जाता है. ऐसे में बहुत ही धैर्य और समझदारी की जरूरत होती है. सब से पहले अपने साथी की जरूरत को समझने की कोशिश करें. अगर कोई शारीरिक परेशानी है, तो उस का इलाज किसी योग्य डाक्टर से कराएं. सैक्स की ज्यादातर बीमारियों की वजह मानसिक ही होती है. इस के लिए आपस में बात करें. अगर बात न बने तो मनोरोगचिकित्सक से भी बातचीत कर सकती हैं.

सैक्स के प्रति पत्नी की नकारात्मक सोच ही पति को कभीकभी जबरदस्ती करने के लिए मजबूर करती है. कुछ पत्नियां सैक्स को गंदा काम मान कर उस से संकोच करती हैं. अगर आप भी इसी तरह के विचार रखती हैं, तो यह सही नहीं है. आप के इस तरह के विचार पति को जबरदस्ती करने के लिए उकसाते हैं  पति की जबरदस्ती से बचने के लिए इस तरह की नकारात्मक सोच से बचना चाहिए. इस मानसिकता के चलते न तो आप स्वयं कभी खुश रह सकती हैं और न ही पति को खुश रख पाएंगी. ऐसा कर के आप कभी सैक्स का आनंद न स्वयं ले पाएंगी और न कभी अपने पति को ही यह सुख दे पाएंगी. जबरदस्ती से बचने के लिए सैक्स के प्रति अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं.

बहाने बनाने से बचें

आमतौर पर पतियों को यह शिकायत होती है कि पत्नियां बहाने बनाती हैं, जिस के चलते जबरदस्ती करनी पड़ती है. इन शिकायतों में बच्चों के बड़े होने, मूड ठीक न होने और घर में एकांत की कमी होना मुख्य कारण होते हैं. रमेश प्रधान का कहना है कि मैं जब भी अपनी पत्नी के साथ सैक्स करने की पहल करता था, वह बच्चों और परिवार का बहाना कर टाल जाती थी. इस का मैं ने हल यह निकाला कि सप्ताह में 1 बार पत्नी को ले कर आउटिंग पर जाने लगा. इस के बाद हमारे संबंध सही रूप से चलने लगे. अब पत्नी को यह अच्छा लगने लगा है. हमारे संबंध अब सहज हो गए हैं. पत्नी के बहाना बनाने का असर यह होता है कि जब कभी पत्नी को हकीकत में कोई परेशानी होगी तब भी पति को लगेगा कि वह बहाना बना रही है.

अत: मूड न होने पर भी साथी को सहयोग देने की कोशिश करें. इस से उस की जबरदस्ती से बच सकती हैं. पति का समीप आना पत्नी की अंदर की भावनाओं को जगा देता है. इस से पत्नी भी उत्तेजित हो जाती है. पति जबरदस्ती करने से बच जाता है. आप का मूड न हो तो भी उसे बनाया जा सकता है. आप को पति को बताना पड़ेगा कि मूड बनाने के लिए वह क्या करे. अगर कभी पति जबरदस्ती करे तो आप को उसे सहयोग दे कर जबरदस्ती से बचना चाहिए. पति जबरदस्ती करने लगे और आप भी संबंध न बनाने पर अड़ गईं, तो इस से संबंधों में दरार पड़ सकती है.

कहीं आप भी अनचाहे सैक्स की शिकार तो नहीं

Sex News in Hindi: दिन ब दिन बलात्कार (Rape) की घटनाओं में बढ़ोतरी होती जा रही है. इस के कई कारण हैं, जिन में एक है मानसिक हिंसा (Mental Voilence) की प्रवृत्ति का बढ़ना. ‘बलात्कार’ शब्द से एक लड़की या युवती पर जबरदस्ती झपटने वाले लोगों के लिए हिंसात्मक छवि उभर कर सामने आती है. इस घृणित कार्य के लिए कड़े दंड का भी प्रावधान है. मगर बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि वैवाहिक जिंदगी में भी बलात्कार वर्जित है और इस के लिए भी दंड दिया जाता है. मगर इसे बलात्कार की जगह एक नए शब्द से संबोधित किया जाता है और वह शब्द है अनचाहा सैक्स संबंध.

आज अनचाहे सैक्स संबंधों की संख्या बढ़ गई है. समाज जाग्रत हो चुका है और अपने शरीर या आत्मसम्मान पर किसी भी तरह का दबाव कोई बरदाश्त नहीं करना चाहता है. इस विषय पर हम ने समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों से बातचीत भी की और जानने की कोशिश की कि आखिर क्या है यह अनचाहा सैक्स संबंध?

डा. अनुराधा परब, जो एक प्रसिद्ध समाजशास्त्री हैं, बताती हैं, ‘‘बलात्कार और अनचाहे सेक्स में बहुत महीन सा फर्क है. बलात्कार अनजाने लोगों के बीच हुआ करता है और एक पक्ष इस का सशरीर पूर्ण विरोध करता है. अनचाहा सैक्स परिचितों के बीच होता है और इस में एक पक्ष मानसिक रूप से न चाह कर भी शारीरिक रूप से पूर्णत: विरोध नहीं करता है. सामान्यत: यही फर्क होता है. मगर गहराई से जाना जाए तो बहुत ही सघन भेद होता है.

‘‘अनचाहा सैक्स ज्यादातर पतिपत्नी के बीच हुआ करता है और आजकल प्रेमीप्रेमिका भी इस संबंध की चपेट में आ गए हैं. आधुनिक युग में शारीरिक संबंध बनाना एक आम बात भले ही हो गई हो, फिर भी महिलाएं इस से अभी भी परहेज करती हैं. कारण चाहे गर्भवती हो जाने का डर हो या मानसिक रूप से समर्पण न कर पाने का स्वभाव, मगर अनचाहे सैक्स संबंध की प्रताड़नाएं सब से ज्यादा महिलाओं को ही झेलनी पड़ती हैं.’’

वजह वर्कलोड

एक एडवरटाइजिंग कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत पारुल श्रीनिवासन, जिन का विवाह 6 साल पहले हुआ था, एक चौंका देने वाला सत्य सामने लाती हैं.

पारुल बताती हैं, ‘‘मैं अपने पति को बेहद प्यार करती हूं. उन के साथ आउटिंग पर भी अकसर जाती रहती हूं, मगर सैक्स संबंधों में बहुत रैगुलर नहीं हूं. इस का कारण जो भी हो, मगर मुझे ऐसा लगता है कि इस का मुख्य कारण है, हम दोनों का वर्किंग होना. शुरूशुरू में 1 महीना हम दोनों छुट्टियां ले कर हनीमून के लिए हांगकांग और मलयेशिया गए थे. वहां से आने के बाद अपनेअपने कामों में व्यस्त हो गए. रात को बिस्तर पर जाने के बाद सैक्स संबंध बनाने की इच्छा न तो मुझे रहती है, न मेरे पति को. पति कभी आगे बढ़ते भी हैं तो मैं टालने की पूरी कोशिश करती हूं.’’

कारण की तह तक पहुंचने पर पता चला कि शुरूशुरू के दिनों में पति सैक्स संबंध बनाना चाहता था. मगर पारुल को अपनी मार्केटिंग का वर्कलोड इतना रहता था कि वह उसी में खोई रहती थी. पति के समक्ष अपना शरीर तो समर्पित कर देती थी, मगर मन कहीं और भटकता रहता था. पति को यह प्रक्रिया बलात्कार सी लगती. कई बार समझाने, मनाने की कोशिश भी उस ने की. मगर पारुल हमेशा यही कहती कि आज मूड नहीं बन रहा है.

एक दिन पारुल ने खुल कर कह ही दिया कि वह यदि सैक्स संबंधों में रत होती भी है तो बिना मन और इच्छा के. वह अनचाहा सैक्स संबंध जी रही है. पति को यह बुरा लगा और धीरेधीरे सैक्स के प्रति उसे भी अरुचि होती चली गई.

भयमुक्त करना जरूरी

ऐसी कई पत्नियां हैं, जो अनचाहा सैक्स संबंध बनाने पर विवश हो जाती हैं. मगर तबस्सुम खानम की कहानी कुछ और ही है. 26 वर्षीय तबस्सुम एक टीचर हैं, उन के पति उन से 12 साल बड़े हैं. उन की एक दुकान है.

तबस्सुम खानम बताती हैं, ‘‘जब मैं किशोरी थी, तभी से मुझे सैक्स संबंधों के प्रति भय बना हुआ था. सहेलियों से इस को ले कर सैक्स अनुभव की बातें करती थीं और मुझे सुन कर डर सा लगता था. मैं सहेलियों से कहती थी कि मैं तो अपने शौहर से कहूंगी कि बस मेरे गले लग कर मेरे पहलू में सोए रहें. इस से आगे मैं उन्हें बढ़ने ही नहीं दूंगी. सभी सहेलियां खूब हंसती थीं. जब मेरी शादी हुई तो शौहर हालांकि बड़े समझदार हैं, मगर शारीरिक उत्तेजना की बात करें तो खुद पर संयम नहीं रख पाते हैं.’’

थोड़ा झिझकती हुई, थोड़ा शरमाती हुई तबस्सुम खानम आगे बताती हैं, ‘‘मेरे पति ने मेरे लाख समझाने पर भी सुहागरात के दिन ही मुझे अपनी मीठीमीठी बातों में बहला लिया. उन का यह सिलसिला महीनों चलता रहा, मुझे आनंद का अनुभव तो होता, मगर भय ज्यादा लगता था. मेरा भय बढ़ता गया. जब भी रात होती, मेरे पति बैडरूम में प्रवेश करते, मैं डर से कांप उठती थी. हालांकि मेरे पति के द्वारा कोई भी अमानवीय हरकत कभी नहीं होती. काफी प्यार और भावुकता से वे फोरप्ले करते हुए, आगे बढ़ते थे. मगर मेरे मन में जो डर समाया था, वह निकलता ही न था.

“3 महीनों के बाद जब मैं गर्भवती हो गई तो डाक्टर ने हम दोनों के अगले 2 महीनों तक शारीरिक संबंध बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. मुझे तो ऐसा लगा जैसे एक नया जीवन मिल गया. मेरा बेटा हुआ. इस बीच मैं ने धीरेधीरे पति को अपने डर की बात बता दी और वे भी समझ गए.

“मेरे पति ने भी परिपक्वता दिखाई और मुझ से दूर रह कर मुझे धीरेधीरे समझाने लगे. वे सैक्स संबंधों को स्वाभाविक और जीवन का एक अंश बताते. अंतत: उन्होंने मेरे मन से भय निकाल ही दिया.’’

इच्छाअनिच्छा का खयाल

डाक्टर विनोद कामलानी, जो एक प्रसिद्ध मनोचिकित्सक हैं, अपना क्लीनिक चलाते हैं, बताते हैं, ‘‘तबस्सुम के मन में बैठा हुआ सैक्स का डर था. बहुत सी लड़कियां इस भय से भयातुर हुआ करती हैं. मगर बहुत कम पति ऐसे होते हैं, जो धीरेधीरे इस भय को निकालते हैं. ऐसे कई केस मेरे पास आते हैं. पुरुषों के भी होते हैं, मगर अनचाहे सेक्स की शिकार ज्यादातर महिलाएं ही हुआ करती हैं.’’

डाक्टर विनोद कामलानी के ही एक मरीज तरुण पटवर्धन ने बताया कि उन की शादी को 3 साल हो गए हैं, मगर आज तक उन्होंने अनचाहा सैक्स संबंध ही जीया है.

तरुण के अनुसार, विवाहपूर्व उन का प्रेम अपने पड़ोस की एक लड़की से था. किसी कारणवश शादी नहीं हो पाई, मगर प्रेम अभी भी बरकरार है. उस लड़की ने तरुण की याद में आजीवन कुंआरी रहने की शपथ भी ले रखी है. यही कारण है कि जब भी तरुण अपनी पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने की पहल करते हैं, उन की प्रेमिका का चेहरा सामने आ जाता है. उन्हें एक ‘गिल्ट’ महसूस होता है और वे शांत हो कर लेट जाते हैं. वे अपनी पत्नी से यह सब कहना भी नहीं चाहते हैं वरना उस के आत्मसम्मान को चोट पहुंचेगी. चूंकि उन की पत्नी तरुण को। सैक्स प्रक्रिया बनाने में अयोग्य न समझे, उन्हें अपनी पत्नी के साथ सैक्स संबंध बनाना पड़ता है. वे सैक्स संबंध बिना मन, बिना रुचि के बनाते हैं और इस तरह वे अनचाहा सैक्स संबंध ही जी रहे हैं.

एक सर्वे के अनुसार, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम की होड़ और आगे निकलने की चाह ने इनसान को मशीन बना दिया है. पैसा कमाना ही एक मात्र ध्येय बन चुका है. ऐसी भागदौड़ में इनसान सैक्स संबंधों के प्रति इंसाफ नहीं कर पाता है और बिना मन और बिना प्रोपर फोरप्ले के बने हुए सैक्स संबंध, मन में सैक्स के प्रति अरुचि पैदा कर देते हैं. यहीं से शुरुआत होती है अनचाहे सैक्स संबंधों की. अपने पार्टनर की खुशी के लिए संबंध बनाना कभीकभी विवशता भी होती है. अंतत: यही संबंध ऊब का रूप धारण कर लेते हैं या पार्टनर बदलने की चाह मन में उठती है. यद्यपि यह अनचाहा सैक्स पश्चिमी देशों में तेजी से बढ़ रहा है, भारत भी इस से अछूता नहीं है, परंतु यहां का अनुपात अन्य देशों के मुकाबले नगण्य है.

तलाकशुदा से मेरे जिस्मानी संबंध है,अब वो शादी करने पर जोर दे रही है मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 19 साल का एक लड़का हूं और शहर में किराए पर रहता हूं. मकान मालिक की बेटी शादी के बाद तलाक ले कर घर पर बैठी है. वह मुझे अच्छी लगती है और उसे मैं.

अकेलेपन का फायदा उठाते हुए मैं ने और उस ने जिस्मानी रिश्ता भी बना लिया है. उस की उम्र 24 साल है और वह एक बच्ची की मां भी है. बच्ची उसी के पास रहती है. पिछले कुछ दिनों से वह मुझ पर शादी करने का जोर दे रही है और आनाकानी करने पर मुझे पुलिस के हवाले करने की धमकी देती है. मैं क्या करूं?

जवाब-

मुफ्त के मजे लूटे हैं तो थोड़ी परेशानी भी उठाइए. उसे और आप दोनों को सैक्स की जरूरत थी, जो पूरी हो गई. अब लड़की आप में हिफाजत और सहारा ढूंढ़ने लगी है और पुलिस की धमकी दे कर बेजा दबाव बना रही है.

अगर वह अच्छे स्वभाव की है और आप को लगता है कि उस से शादी कर जिंदगी अच्छे से कट जाएगी, तो इस तरफ भी सोचें कि तलाकशुदा होना कोई गुनाह नहीं है. संबंध बनाने से पहले आप ने यह नहीं सोचा होगा कि ऐसी भी नौबत आ सकती है, इसलिए अब आप डर रहे हैं. बेहतर होगा कि आप उसे खुल कर दिल की बात बता दें.

पुलिस की धमकी में ज्यादा दम नहीं है, लेकिन याद रखें कि वह अगर हिम्मत करते सचमुच थाने चली गई तो आप बलात्कार के आरोप में नप जाएंगे, इसलिए प्यार से उसे बहलाफुसला कर किनारा कर लेने में ही आप की भलाई है.

संबंध बनाने से पहले ऐसे जानें गर्लफ्रेंड के दिल की बात

Sex News in Hindi: अगर कोई लड़की आपको चाहती है तो इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं कि वो आपसे सेक्स (Sex) करना चाहती है. हाल में हुए एक रिसर्च (Research) में यह खुलासा हुआ है कि आखिर लड़के सहमति के साथ होने वाले सेक्स को लेकर इतने भ्रमित क्यों रहते हैं और ऐसे में उन्हें क्या करना चाहिए?आप अपनी गर्लफ्रेंड (Girlfriend) के साथ बैठे हैं और उसे किस करने लगते हैं, धीरे धीरे रोमांस (Romance) बढ़ने लगता है. आपको ऐसा लगता है कि आपकी गर्लफ्रेंड को इस समय बहुत अच्छा लग रहा है. आप पहले भी उसके साथ सेक्स कर चुके हैं इसलिए आप खुद ही मान लेते हैं कि वो इस समय भी सेक्स करना चाहती है. लेकिन जैसे ही आप पूरी तरह तैयार होते हैं वो अपना मन बदल लेती है.

वो साफ-साफ मना नहीं करती लेकिन कहती है कि “एक मिनट रुको”. आपका रोमांस चरम सीमा पर पहुंच चुका है, शायद इसीलिए आप उसके कहे शब्दों को या तो नजरअंदाज कर या फिर अनसुना कर आगे बढ़ जाते हैं.

सेक्स के लिए तैयार होना?

सेक्स करने के बाद आपको जल्दी ही यह महसूस हो जाता है कि इस दौरान वो शारीरिक रूप से तो आपके साथ थी लेकिन उसके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था. आपकी गर्लफ्रेंड की सेक्स में रूचि होने और उसका सेक्स के लिए हां कहने में बहुत ही महीन अंतर होता है जिसे समझना बहुत जरूरी है. कई बार वो सेक्स के लिए तैयार नहीं होती हैं फिर भी आप उनके साथ सेक्स करते हैं.

इस सहमति का क्या मतलब है? साधारण शब्दों में कहें तो सहमति का मतलब है जब कोई लड़की आपको ये बताये कि वो आपके साथ सेक्स करना चाहती है. वो इसे कह भी सकती है या कभी कभी इशारों में भी बता सकती है.

आप अकेले वो लड़के नहीं हैं जिसे ये समझ नहीं आता कि आपकी गर्लफ्रेंड सेक्स के लिए राजी है या नहीं. हर एक लड़के के सामने यह मुसीबत आती है जहां वे ये समझने की कोशिश में लगे रहते हैं कि कैसे पता लगाएं कि लड़की हमसे सेक्स करना चाहती है. तो वो क्या बात है कि लड़कों के लिए यह मसला इतना पेचीदगी भरा है?

अमेरिका में हाल में हुए एक शोध में रिसर्च टीम में 145 पुरुषों से इस संबंध में कई सवाल पूछे. वे ये जानना चाहते थे कि आखिर कॉलेज जाने वाले लड़कों या युवाओं को लड़कियों की सेक्स के लिए सहमति को समझने में इतनी मुश्किल क्यों होती है?

रूचि या सहमति

इस रिसर्च में लड़कों को 6 अलग अलग परिस्थितयां दी गयी थी. लड़कों को यह पता करना था कि कब लड़की की सेक्स के लिए सहमति थी, कब वो मना करना चाहती थी, या कब वो निष्क्रिय थी (और यह बात उसने शब्दों या इशारों के माध्यम से या फ़िर दोनों के माध्यम से यह कहने जताने की कोशिश भी की). हर एक परिस्थिति में लड़कों को यह पता लगाना था कि लड़की सेक्स करना चाहती है या नहीं.

जब परिणाम आये तो आश्चर्यजनक रूप से यह बात सामने आई कि पुरुषों को यह पता लगाने में बहुत मुश्किल होती है कि लड़की की सेक्स करने में सहमति है या नहीं. उन्हें लगता है कि अगर वो सेक्स नहीं करना चाहेगी तो ज़ोर से मना कर देगी.

अगर लड़की लड़के को अपने पास खींचती हुई कहती है कि “वो उसे पाना चाहती है” तो लड़के अच्छी तरह यह समझ जाते हैं कि इस समय लड़की की पूर्ण सहमति है. अगर लड़की सिर्फ़ इशारों में अपनी सहमति जता रही है तो ऐसे में लड़को को लड़कियों के दिल की बात समझने में बहुत मुश्किल होती है.

प्रतिक्रिया ना होने का मतलब है असहमति

अगर लड़की साफ साफ शब्दों में सेक्स के लिए मना कर रही है या कह रही है कि “अभी नहीं करते हैं” तो इससे लड़कों को अच्छी तरह समझ में आ जाता है कि लड़की का अभी मन नहीं है. मुश्किल तब होती है जब लड़की ना भी नहीं कहती और लड़के को कुछ करने से रोकती भी नहीं है. ऐसे में लड़कों को ये समझ में नहीं आता है कि लड़की सेक्स करना चाह रही है या नहीं.

पूछ लें!

अब सवाल यह उठता है कि अगर आप लड़के हैं और लड़कियों के साथ सेक्स करते हैं तो ऐसे में आपको क्या करना चाहिए?

जब आप पूरी तरह सहमत हो जाएं कि लड़की सेक्स के लिए राजी है तभी उसके साथ सेक्स करें अन्यथा ना करें. अगर आप उसके इशारों को नहीं समझ पा रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप उस समय सेक्स ना करें. आपके मन में जरा भी शंका हो तो अपनी गर्लफ्रेंड से साफ़ साफ़ इस बारे में पूछ लें. यह सबसे बेहतर उपाय है.

अगर आप लड़की हैं तो आपको अपनी बात कहने में ज़रा भी हिचकिचाना नहीं चाहिए. सेक्स का असली मज़ा तभी है जब दोनों पार्टनर की सहमति हो. अगर आपका सेक्स करने का बिल्कुल भी मूड नहीं है या पीरियड या सिरदर्द की वजह से आप सेक्स नहीं करना चाहती हैं तो इसमें शरमाने की कोई बात नहीं है. ऐसे मौके पर सीधे तौर पर अपने बॉयफ्रेंड से कह दें कि आपको अभी सेक्स  नहीं करना है. ध्यान रखें कि सेक्स तभी मज़ेदार होगा जब आप दिलों दिमाग से करना चाहेंगी. सिर्फ़ अपने बॉयफ्रेंड को खुश करने के लिए सेक्स कभी नहीं करें.

इन इशारों से समझें कि लड़की का सेक्स करने का मन नहीं है :

वो आपके सामने लेटी रहेगी लेकिन खुद कुछ नहीं करेगी. यहां तक कि वो आपको सेक्स करने से रोकेगी भी नहीं. ऐसे में समझ लें कि लड़की की असहमति है.

अगर आप अकेले ही सब कुछ कर रहे हैं तो समझ लें लड़की का मन नहीं है.

पूरे सेक्स के दौरान जब वो आपसे कुछ भी ना बोले.

वो आपको रोके नहीं लेकिन ‘धीमे करो’ या ‘एक मिनट रुको’ जैसा कुछ बोले तो समझ लें कि उसकी असहमति है.

मैं जिस लड़की से प्यार करता हूं उस की शादी हो गई है, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं एक 20 साल का लड़का हूं और एक लड़की से प्यार करता हूं, लेकिन कुछ कारणों से उस लड़की की हाल ही में शादी हो गई है. इस के बावजूद वह मुझ से फोन पर बहुत देर तक बात करती है.

हालांकि वह पहले की तरह मुझ से प्यार भरी बातें तो नहीं करती है, लेकिन कहती है कि आप जब तक चाहे बात करेंगे, तब तक मैं भी बात करूंगी. मुझे समझ नहीं आ रहा है कि उस से फोन पर बात करूं या नहीं. मुझे क्या करना चाहिए?

जवाब-

अब उस लड़की से फोन पर बात करने से कोई फायदा नहीं. वह शायद इस बात से डरी हुई है कि कभी आप उस के पति पर प्यार की बात उजागर न कर दें. इस से वह कहीं की नहीं रह जाएगी.

मुमकिन है कि वह आप का दिल रखने के लिए ही फोन पर बात करती हो, पर इस से आप को और उसे कुछ हासिल नहीं होने वाला, क्योंकि अगर उस के पति को यह बात पता चल गई तो तूफान उस की जिंदगी में आएगा, इसलिए उस से बात करना कम और फिर बंद कर दें.

अपने कैरियर पर ध्यान दें और वक्त रहते किसी अच्छी लड़की से शादी कर लें, धीरेधीरे सब ठीक हो जाएगा.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz
 
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अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी है सेक्स

Sex News in Hindi: हमारे प्राचीन साहित्य (Ancient Literature) में सेक्स को ले कर खुल कर चर्चा हुई है और महर्षि वात्स्यायन ने सेक्स को ले कर कामसूत्र (Kamasutra) जैसे ग्रंथ की रचना की है. यह विडंबना की बात है कि हमारे यहां आज भी सेक्स (Sex) पर खुल कर बात करना वर्जित माना जाता है और सेक्स को एक टैबू (Taboo) माना जाता है. घरेलू महिला (Domestic Women) सुनीता एवं मैरिज काउंसलर दीप्ति के अनुसार, ‘‘सेक्स जरूरी है, जीवन का अभिन्न अंग है, यह आनंद देता ही है. आनंद देने के साथसाथ सेक्स सृष्टि के चलते रहने के लिए संतान की उत्पत्ति का एकमात्र साधन भी है.’’

यौन रोग विशेषज्ञ प्रकाश कोठारी के अनुसार सेक्स शारीरिक प्रक्रियाओं और हारमोंस के संचालन को नियमित रखता है. इस से शरीर के इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरोधात्मक क्षमता को बढ़ावा मिलता है. सप्ताह में 2 बार सेक्स करने वालों की अपेक्षा जो कभीकभी सेक्स कर पाते हैं उन में इम्यूग्लोबिन ‘ए’ का स्तर कम पाया जाता है और रोग प्रतिरोधात्मक क्षमता काफी कम होती है. ऐसे लोग अकसर बीमार रहते हैं. इसलिए विवाहितों की अपेक्षा अविवाहितों की मृत्युदर अधिक पाई गई है.

सेक्स से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि

कैंसर रोग के खतरे से बचाव होता है, क्योंकि पिछले 35 सालों में जो व्यक्ति जितना अधिक स्खलित होता है उस की अपेक्षा कम स्खलित होने वाले पुरुषों की तुलना में 33% कम प्रोस्टेट कैंसर पाया गया, जबकि पुरुषों में उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा अधिक रहता है.

प्रौढ़ावस्था संभालने में सहयोगी

प्रौढ़ावस्था एक ऐसी सीढ़ी है, जिस पर कदम रखते ही स्त्रीपुरुष दोनों ही कुंठाग्रस्त होने लगते हैं, खासकर पुरुष. ऐसे में सेक्स ही कुंठानाशक होता है. यह स्त्रीपुरुष दोनों को एहसास कराता है कि युवावस्था के बाद भी आप का जीवन पूर्ववत चल रहा है, आने वाले जीवन में विशेष प्रभाव नहीं पड़ता है.

सेक्स सौंदर्य बढ़ाता है

1999 में प्रकाशित ‘सुपर यंग’ के लेखक डाक्टर डेविड ने इस संबंध में अनेक शोध कार्य किए. शोध ने प्रमाणित किया कि जो पतिपत्नी सप्ताह में 4 बार औसतन सहवास क्रिया को अंजाम देते हैं वे अपनी वास्तविक उम्र से कम से कम 10 साल छोटे दिखते हैं.

सेक्स उम्र बढ़ाने में मददगार

डा. चार्नतेस्की एवं डा. प्रकाश कोठारी के अनुसार, ‘‘संतुलित सेक्स का आनंद लेने वाले स्त्रीपुरुष, जो करीब 10 सालों में अधिकतम चरमसुख प्राप्त करते हैं, वे कम चरमसुख महसूस करने वाले स्त्रीपुरुषों की अपेक्षा अधिक उम्र तक जीवित रहते हैं.

सेक्स सही ऐक्सरसाइज

पत्रकार मधु सेक्स को सही ऐक्सरसाइज मानती हैं, सेक्स एक अच्छाखासा व्यायाम है. आप रात या सुबहसुबह खुल कर सेक्स करती हैं तो यह आप को चुस्तदुरुस्त रखता है. सेक्स खून के दौरे को नियंत्रित करने में सहायक ही नहीं होता, बल्कि नियमित सेक्स कोलैस्ट्रौल को कम करता है और अतिरिक्त कैलोरी को नष्ट करने में भी सहायक होता है.

सेक्स वजन घटाता है

स्त्रीपुरुष यदि हफ्ते में कम से कम 5 बार सेक्स सुख लेते हैं तो यकीनन उन का बढ़ा हुआ वजन घटाने में सेक्स मददगार होगा, क्योंकि सहवास के दौरान प्रति मिनट में 4-5 कैलोरी और 1 घंटे में 300 कैलोरी कम हो जाती है.

बीमारी से बचाव

सेक्स करने की सलाह देते हुए डा. प्रकाश कोठारी और डा. अशोक जैन का कहना है कि हर स्वस्थ स्त्रीपुरुष के लिए सेक्स जरूरी है. खासकर महिलाओं को होने वाली बीमारियों से सेक्स बचाता है. महिलाओं को विवाह करने की सलाह भी इसलिए दी जाती है ताकि उन की शारीरिक क्रिया संतुलित रहे वरना हिस्टीरिया जैसी बीमारियां जकड़ लेती हैं. बच्चे के जन्म के बाद स्त्री के गर्भाशय की सफाई हो जाती है. स्त्री के शरीर को यदि संतुलित एवं सिस्टम में रखना है तो सेक्स निहायत जरूरी है.

डिप्रैशन कम करने में सहायक

डिप्रैशन में सेक्स रामबाण का काम करता है. दिलीप और मंजू पतिपत्नी दोनों कई बार अवसाद से घिर जाते हैं. जब उन्हें लगता है कि घरेलू समस्याएं उन्हें अवसाद की ओर ले जा रही हैं तो दोनों आपस में खुल कर सेक्स का लुत्फ उठाते हैं.

क्रिएटिव सोच

सेक्स से स्त्रीपुरुष दोनों की सोच में परिवर्तन होते हैं. परिवर्तन से दिमाग में नई क्रिएटिव प्रक्रिया को अंजाम देने की सोच ही पैदा नहीं होती, बल्कि क्रिएटिव कामों को अंजाम भी दिया जाता है. सेक्स एक मैडिसिन है. इस का सब से बड़ा फायदा है कि यह केवल स्वस्थ ही नहीं रखता बल्कि जिंदगी को खुशनुमा भी बनाता है.

अपनाएं उमंगभरा सेक्स

उमंगभरे सेक्स के लिए हफ्ते में 5-6 दिन कुछ कार्डियो (हृदय संबंधी) व्यायाम करें. इस से सेक्स क्षमता बढ़ेगी, कैलोरी बर्न होगी और ब्लड शुगर नियंत्रण में रहेगा. स्त्रीपुरुष दोनों ही स्वस्थ रहने के साथसाथ खुश भी रहेंगे.

भावनात्मक संबंध मजबूत करता है

जब तक स्त्रीपुरुष के भावनात्मक संबंध आपस में प्रगाढ़ नहीं होंगे तब तक सेक्स आप के लिए जरूरी नहीं होगा. मानसिक लगाव के बिना सेक्स अधूरा है. इस के अभाव में केवल खानापूर्ति ही होती है. सेक्स के बिना जिंदगी बेरौनक है. दांपत्य जीवन को तरोताजा रखने के लिए सेक्स को जीवन का अहम हिस्सा मान कर चलें.

 

आखिर क्यों जरूरी है सेक्स का कारोबार, क्या झूठ की है भरमार

Sex News in Hindi: पहले गिनीचुनी कंपनियां सेक्स की ताकत (Sex Power) बढ़ाने वाली गोलियां, टौनिक(Sex Tonic) और स्प्रे (Sex Spray) बनाती थीं, पर बहुत लुकेछिपे ढंग से इस का प्रचार होता था. कुछ खास छोटी गुमनाम दुकानों पर ही यह सामान मिलता था. अब डिपार्टमैंटल दुकानों और दवा बेचने वालों के पास इस तरह की दवाओं के तमाम ब्रांड मिल जाते हैं. सेक्स (Sex) की दवाओं के इस कारोबार पर बहुत बड़ा हिस्सा उन लोगों के कब्जे में है जो दवाएं बेच रहे हैं. वे अपना नामपता तक गुप्त रखते हैं, पर बहुत से लोग जड़ीबूटी बता कर पता नहीं क्याक्या बेच रहे हैं. अपने प्रचार में ये लोग नामर्दी (Impotency) और बच्चा पैदा करने के लिए शुक्राणुओं की तादाद बढ़ाने के लिए इलाज का दावा करते हैं. पर हकीकत में इस तरह का इलाज इन झोलाछाप डाक्टरों के पास नहीं होता है. ये केवल भ्रामक प्रचार के जरीए ही लोगों को फंसाते हैं.

भ्रामक से मतलब है दवा के नाम पर डर को बेचना. अगर नामर्दी से जुड़ी कोई समस्या है तो किसी माहिर डाक्टर से ही अपना इलाज कराएं. उस डाक्टर द्वारा दी गई दवाओं का ही सेवन करें जो आसपास की कैमिस्ट की दुकान से आसानी से मिल जाती हैं.

मर्दाना ताकत बढ़ाने वाले स्प्रे या गोलियां कितनी कारगर होती हैं, इसे भी डाक्टर बता देते हैं और उन को इस्तेमाल करने की हिदायत भी दे देते हैं.

साल 1986 में एक स्प्रे पहली बार बाजार में आया था. तब यह कहींकहीं ही दिखता था. हालात ये हो गए थे कि इस को बनाने वाली कंपनी ने इस स्प्रे को बनाना बंद कर दिया था.

1990 में नामर्दी को ठीक करने का कारोबार जब बढ़ने लगा तो 1995 में इस स्प्रे को फिर से बाजार में उतारा गया. इस के बाद तो कंपनी ने इसी नाम से गोलियां भी बनानी शुरू कर दीं. यही नहीं, मुख मैथुन में मदद के लिए फलों के कई स्वादों वाला स्प्रे भी बाजार में आने लगा.

‘पुरुषों में चरम शक्ति बढ़ाने’ के नाम पर तमाम तरह की दवाओं का प्रचार किया जाता है. इन में हर्बल दवाओं का नाम भी दिया जाता है.

जब एलोपैथिक दवा वियाग्रा को बाजार में उतारा गया तो उस ने अपनी कामयाबी के झंडे गाड़ दिए. 500 रुपए की यह गोली हर आदमी की जेब को सूट नहीं कर रही थी, इस वजह से वियाग्रा का देशी संस्करण भी बाजार में आ गया.

नामर्दी के इस कारोबार ने जब अपना जलवा दिखाया तो टैलीविजन भी इस के जाल में फंस गया. टैलीविजन के जरीए इन दवाओं का प्रचार बैडरूम तक पहुंचने लगा.

नामर्दी को दूर करने का कारोबार करने के लिए पत्रपत्रिकाओं और टैलीविजन पर इश्तिहार दिए जाते हैं. इस के अलावा दूरदराज की जगहों पर वाल राइटिंग कराई जाती है. दवा की दुकानों पर पोस्टर लगवाए जाते हैं. कई तरीके से पंपलैट बांटे जाते हैं. एलोपैथिक दवाओं को बनाने वाले डाक्टरों के जरीए भी प्रचार किया जाता है.

इस धंधे में होने वाले मुनाफे का अंदाजा प्रचार में खर्च की जाने वाली रकम से लगाया जा सकता है. सब से पहले नामर्दी का शिकार सेक्स का इलाज करने वाले झोलाछाप डाक्टरों के पास जाता है. अपने इलाज पर जब वह कई हजार रुपए खर्च कर लेता है तब उस को डाक्टरों का खयाल आता है.

एक सर्वे के मुताबिक, भारत में 10 में से 2 आदमी को सेक्स की परेशानी होती है. यह परेशानी अंग में तनाव न आने की होती है. ज्यादातर लोग लुकछिप कर ही अपना इलाज कराने की कोशिश करते हैं. इसी में वे ठगे जाते हैं.

सेक्स रोगों के जानकार और सर्जन, लखनऊ के डाक्टर गिरीश मक्कड़ कहते हैं, ‘‘नामर्दी 2 तरह की होती है. एक, विवाह की शुरुआत में ही सामने आ जाती है. दूसरी, एक निश्चित उम्र के बाद आती है. इस में अंग में तनाव नहीं आता है. इस के शारीरिक और मानसिक 2 कारण होते हैं. कारण का पता लगा कर ही सही ढंग से उस का उपचार किया जा सकता है.’’

ज्यादा उम्र हो जाने पर किसी बीमारी के चलते या फिर मधुमेह, तनाव, एलर्जी या दिल की बीमारी के चलते यह परेशानी आ सकती है. शुरुआती समय में अगर इस का सही ढंग से इलाज हो जाए तो परेशानी से बचा जा सकता है.

अच्छी नौकरियां कर रहे लोग तनाव में फंस कर रह जाते हैं, जिस के चलते अंग में तनाव की कमी आ जाती है. वे इस को दूर करने के लिए महंगी से महंगी दवाओं को लेने लग जाते हैं.

एक मैडिकल स्टोर चलाने वाले दीपक कुमार कहते हैं कि नामर्दी दूर करने की दवाओं को खरीदने वाले हर उम्र के लोग होते हैं. ज्यादातर 20 से 30 साल और इस के बाद 40 से 45 साल की उम्र के लोग होते हैं.

अब महिलाएं भी इस तरह के मामलों में अपनी राय देने लगी हैं. कभीकभी वे खुद पहल कर के पतियों को डाक्टरों के पास लाती हैं. जरूरत इस बात की है कि नामर्दी का इलाज सही ढंग से माहिर डाक्टरों से कराया जाए. बहुत सारे मामलों में इस तरह की दवाओं का फायदा मनोवैज्ञानिक असर के चलते ही दिखता है. झोलाछाप डाक्टर इसी बात का फायदा उठा कर अपना कारोबार चलाते रहते हैं.

नामर्दी का कारोबार ज्यादातर गलतफहमी पर टिका हुआ है. अगर सही ढंग से इलाज कराया जाए तो नामर्दी का यह इलाज सस्ता भी है और इस में किसी तरह की कोई परेशानी भी नहीं होती है.

सभी तरह की नामर्दी का इलाज हो सकता है और इस में कामयाबी की गारंटी 80 से 100 फीसदी तक होती है. इस तरह के मामलों में पत्नी और अनुभवी डाक्टरों का इलाज में खास रोल होता है.

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