सैक्स स्टार्वेशन से खुद को बचाएं

कोरोना वायरस के चलते लोगों का जीवन उथलपुथल हो गया. इस ने न केवल लोगों के दिलोदिमाग बल्कि उन की सैक्सलाइफ में भी भारी दखल दिया है. ऐसे में कपल्स के जीवन में सैक्स स्टार्वेशन नाम की नई समस्या पैदा हो गई. आइए जानते हैं, यह है क्या?

कोरोना के कहर के बाद लगे लौकडाउन के दौरान लोगों की जिंदगी किस तरह प्रभावित हुई, इस के दीर्घकालिक नतीजे काफी दिनों बाद आएंगे क्योंकि विभिन्न एजेंसियां अभी सर्वे और स्टडी कर रहीं हैं. लेकिन, तात्कालिक नतीजों से एहसास होता है कि उन दिनों और एक हद तक इन दिनों में भी सबकुछ पहले जैसा और एकदम सामान्य नहीं है. लोग अभी भी खुद को असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि कोरोना की दहशत उन के दिलोदिमाग पर छाई हुई है. और जब तक जिंदगी उलटपुलट कर देने वाले इस वायरस की वैक्सीन नहीं आ जाएगी तब तक सबकुछ सामान्य हो जाने की उम्मीद करना मनबहलाऊ बात ही होगी.

खानपान, रहनसहन और परंपराओं सहित लोगों की सैक्सलाइफ पर भी इस दौरान असर हुआ लेकिन कैसे, यह जानना किसी दिलचस्प उपन्यास पढ़ने जैसा काम है.

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आइए कुछ सर्वे और स्टडी रिपोर्ट्स पर नजर डालें.

यूके की एक स्टडी के मुताबिक, लौकडाउन के शुरुआती दौर में कपल्स ने साथ रहते हुए भी सैक्स संबंधों से परहेज रखा. जबकि, उम्मीद यह की जा रही थी कि अकेले रह रहे कपल्स सैक्स को एंजौय करेंगे. जून के दूसरे सप्ताह में यूके की एंग्लिया यूनिवर्सिटी के प्रोफैसर्स मार्क टुली और ली स्मिथ ने बताया था कि इस वक्त लोग महामारी की चिंता के चलते अच्छे मूड में नहीं थे, इसलिए उन्होंने सैक्स से दूरी बनाए रखी. जो लोग शादीशुदा नहीं हैं वे भी अपने सैक्सुअल पार्टनर से नहीं मिल पाए.

इस स्टडी के एकदम उलट एक दिलचस्प वाकेआ दक्षिण अफ्रीका से सामने आया था जहां की एक महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करते हुए सरकार से शिकायत की थी कि लौकडाउन में उस का पति दिनरात सैक्स करता रहता है. इस से उस का जीना दूभर हो गया है. लिहाजा, सरकार लौकडाउन हटा ले. फिर देखते ही देखते सैकड़ों महिलाओं ने सरकार से मांग कर डाली कि लौकडाउन खत्म करो और पतियों को काम पर भेजो. एक पीडि़त पत्नी ने तो यह तक कह डाला था कि जैसे ही उस की नींद खुलती है, पति सैक्स के लिए तैयार खड़ा मिलता है. पहले पति को संतुष्ट करो, फिर खाना बनाओ, लेकिन खाने के बाद वह फिर सैक्स के लिए तैयार हो जाता है. क्या सरकार ने लौकडाउन सैक्स के लिए किया है.

हैरानी की बात यह है कि हमारे देश में सैक्स पर चर्चा करना भी वर्जित है, हालांकि, लौकडाउन के दौरान यहां सैक्सटौयज की बिक्री में 65 फीसदी का इजाफा हुआ. एक वैबसाइट, डेट्स पर्सनल डौट कौम, की एनालिटिकल रिपोर्ट ‘इंडिया अनकवर्ड – इनसाइटफुल एनालिसिस औफ सैक्स प्रोडक्ट्स ट्रैंड्स इन इंडिया’ में खुलासा किया गया कि भारतीय बाजार में सैक्स प्रोडक्ट्स की बिक्री के रु झानों और ग्राहकों के व्यवहार का अंदाजा लगता है. सैक्सटौयज की बिक्री में महाराष्ट्र पहले, कर्नाटक दूसरे और तमिलनाडु तीसरे नंबर पर रहे जबकि शहरों के लिहाज से देखें तो मुंबई पहले, बेंगलुरु दूसरे और नई दिल्ली तीसरे नंबर पर रहे. इस लंबेचौड़े ब्योरे में यह भी बताया गया कि सैक्सटौयज खरीदने वाले अधिकांश उम्मीदवारों की उम्र 25 से 34 साल के बीच है.

यह सैक्स स्टार्वेशन है

अलगअलग देशों के लोगों ने लौकडाउन के दौरान अलगअलग यौन व्यवहार प्रदर्शित किया, लेकिन, हमारे देश में सैक्सटौयज की बढ़ती बिक्री यह बताती है कि लोगों, खासतौर से युवाओं, ने सैक्स की अपनी भूख मिटाने के लिए कृत्रिम तरीके का सहारा ज्यादा लिया, क्योंकि उन का सैक्सपार्टनर से मिल पाना दूभर हो गया था और जो लोग सैक्स के लिए रैडलाइट इलाकों में जाया करते हैं उन्हें भी या तो इन्हीं खिलौनों का सहारा लेना पड़ा या फिर वे भी मन मसोस कर गुजर करते रहे. सैक्स स्टार्वेशन की इस से ज्यादा सटीक व्याख्या कोई हो भी नहीं सकती कि संतुष्टि उपलब्ध तो थी लेकिन पहुंच से दूर थी. खौफ कोरोना और पुलिस दोनों का था.

प्रोफैसर ली स्मिथ की बात पर गौर करें तो लोग सैक्स से डरते रहे, जबकि संतुष्टि का माध्यम यानी पार्टनर उन के पास था. निश्चितरूप से यह भी सैक्स स्टार्वेशन से बहुत ज्यादा भिन्न बात नहीं है कि थाली सामने रखी थी लेकिन लोग भूखे ही रहे. दूसरी तरफ अफ्रीका के लोग भूख न होते हुए भी भुक्खड़ों की तरह थाली पर टूटे रहे. भारत में ज्यादातर लोगों ने अलग तरीका अपनाया जिस से लगता है कि अधिकतर युवाओं की पार्टनर की कमी खिलौनों से दूर हुई. जो लोग, जिन में होस्टलर्स और पीजी में रहने वाले ज्यादा थे, जिन बदनाम इलाकों में सैक्स की भूख मिटाने जाया करते थे, वहां की सैक्सवर्कर्स भूखों मरने की कगार पर हैं. दिल्ली का जीबी रोड हो, कोलकाता का सोनागाछी हो, या फिर मुंबई का कमाठीपुरा इलाका हो, वहां की सैक्सवर्कर्स कैसेकैसे फाके कर रही हैं, यह अभी तक खबरों की सुर्खियों में रहता है.

यौन अतृप्ति से बचें

लौकडाउन के दौरान और अभी भी लोगों का सैक्स व्यवहार सामान्य नहीं है. भोपाल के वरिष्ठ मनोविज्ञानी डाक्टर विनय मिश्रा बताते हैं, ‘‘सैक्स स्टार्वेशन का एक मतलब यौन अतृप्ति भी है.’’ क्या यह लौकडाउन के दौरान ज्यादा पनपी, इस सवाल पर वे कहते हैं, ‘‘निश्चितरूप से कई मामलों में ऐसा हुआ, खासतौर से उन युवाओं के साथ जिन का पार्टनर उन के पास या साथ नहीं था या नहीं है.’’
बकौल डाक्टर विनय मिश्रा, ‘‘एक युवा कपल साल में औसतन 54 बार सैक्स करता है. लेकिन लौकडाउन में जिन का यह क्रम या सिलसिला, वजह कुछ भी हो, टूटा, उन्हें दिक्कत पेश आई. सैक्स जिंदगी के हर पहलू को प्रभावित करता है और इस का सेहत से भी गहरा संबंध है.’’ वहीं, हालिया एक सर्वे में 27 फीसदी कपल्स ने माना था कि लौकडाउन के दौरान उन के सैक्स संबंध सुधरे, लेकिन 42 फीसदी ने इसी दौरान सैक्स संबंध बिगड़ने की भी बात कही थी.

इस सर्वे में शामिल ज्यादातर लोग शादीशुदा थे. लेकिन जो युवा यहांवहां से कभीकभार अपने पार्टनर से सैक्स की जरूरत और इच्छा पूरी कर रहे थे, सही मानो में उन्हें ही सैक्स स्टार्वेशन का असल मतलब सम झ आया होगा. पर, वे कर भी कुछ नहीं सकते थे और तय है कि कोरोना वैक्सीन के आने तक उन्हें जैसेतैसे काम चलाना पड़ेगा. लेकिन डाक्टर विनय मिश्रा की मानें तो इस दौरान उन्हें सुरक्षित कृत्रिम तरीकों या हस्तमैथुन का सहारा लेने से हिचकिचाना नहीं चाहिए.

Top 10 Sex Tips : टॉप 10 सेक्स से जुड़े आर्टिकल

Top 10 Sex Tips : दिल्ली प्रैस की ‘सरस सलिल’ मगैजीन सबसे पढ़ी जानी वाली मैगजीन है. जिसमें आप कहानियों के साथ साथ कुछ ऐसे लेख भी पाएंगे. जो आपको सेक्स एजुकेशन देने का भी काम करती हैं. इस मैगजीन में सेक्स के जुड़े कई आर्टिकल है जो आपके सेक्शुअल रिलेशन बनाने में मदद करती है. तो आज हम आपको सेक्स से जुड़े कुछ खास टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें पढ़कर आप अपनी सेक्स लाइफ बेहतर बना सकते हैं. तो पढ़े TOP 10 SEX Tips.

1. कुछ ऐसी होती है उन पलों में आपकी सैक्स फैंटेसीsex tips

शारीरिक संबंधों में अनावश्यक सहना या अपनेआप समय गुजरने के साथ उन में तबदीली हो जाने की गुंजाइश मान कर चलना भ्रम है. यह इन संबंधों के सहज आनंद को कम करता है. कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें पति की आक्रामकता पसंद नहीं आती थी. लेकिन लज्जा या संकोचवश कुछ कहना अच्छा नहीं लगता था. कुछ महिलाओं का कहना है कि पति को खुद भी समझना चाहिए कि पत्नी को क्या पसंद आ रहा है, क्या नहीं. मगर इस पसंदनापसंद के निश्चित मानदंड तो हैं नहीं, जिन से कोई अपनेआप ही समझा जाए और आनंद के क्षण जल्दी और ज्यादा मिल जाएं.

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2. एकतरफा नहीं, दोनों की मंजूरी से Enjoy करें सेक्सsex tips

पार्टनर के साथ संबंध बनाना एक सुखद अनुभूति प्रदान करता है. लेकिन इसमें आनंद के लिए शारीरिक जुड़ाव के साथसाथ भावनात्मक लगाव होना भी बहुत जरुरी होता है तभी इसका जी भरकर मज़ा लिया जा सकता है. लेकिन कई बार पार्टनर को सेक्स के दौरान इतना अधिक दर्द महसूस होता है कि वे सेक्स से कतराने लगती है और यह पल उसके लिए खुशी देने के बजाए दर्द देने वाला एहसास बनकर रह जाता है. ऐसे में अगर आप इस पल का बिना किसी रूकावट आनंद लेना चाहते हैं तो अपनाएं ये टिप्स.

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3. मनगढ़ंत बातों के जाल में फंसा सैक्सsex tips

हाल में कहीं पढ़ा था कि इनसान के पूर्वज माने जाने वाले चिंपांजी जब आपस में मिलते थे, तब वे सैक्स कर के एकदूसरे का स्वागत करते थे. इस बात से समझा जा सकता है कि सैक्स किसी भी जीव के बहुत जरूरी होता है और इस से मिलने वाली खुशी और मजे को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.

यह भी दावा किया जाता है कि हफ्ते में 2 से 3 बार सैक्स करने से इनसान की बीमारी से लड़ने की ताकत बढ़ जाती है. अच्छी नींद के लिए सैक्स बहुत अच्छी दवा माना जाता है. अगर वर्तमान की बात करें तो अभी इसी पल में दुनिया के 25 फीसदी लोग सैक्स के बारे में सोच रहे होंगे.

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4. छोटे घर में कैसे करें पार्टनर से प्यार, जानें यहां

बड़े शहरों में सब से बड़ी समस्या आवास की होती है. 2 कमरों के छोटे से फ्लैट में पतिपत्नी, बच्चे और सासससुर रहते हैं. ऐसे में पतिपत्नी एकांत का नितांत अभाव महसूस करते हैं. एकांत न मिल पाने के कारण वे सैक्स संबंध नहीं बना पाते या फिर उन का भरपूर आनंद नहीं उठा पाते क्योंकि यदि संबंध बनाने का मौका मिलता है तो भी सब कुछ जल्दीजल्दी में करना पड़ता है. संबंध बनाने से पूर्व जो तैयारी यानी फोरप्ले जरूरी होता है, वे उसे नहीं कर पाते. इस स्थिति में खासकर पत्नी चरमसुख की स्थिति में नहीं पहुंच पाती है.

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5. गले पड़ने वाले आशिक से बचें ऐसेsex tips

इतना ही नहीं, वे उसे अपने साथ कहीं भी ले जा सकेंगी. इस प्रोडक्ट का नाम ‘बॉयफ्रेंड हग स्पीकर्स’ (Boyfriend Hug Speakers) है. 2 बड़ी बांहों वाले इस प्रोडक्ट की बाजुओं में ब्लूटुथ स्पीकर्स भी लगे हैं जिन को गले लगाने पर म्यूजिक बजता है. सवाल उठता है कि ऐसा नकली बौयफ्रेंड बनाने की जरूरत ही क्या है? इस का जवाब यह है कि जापान (Japan) ही नहीं, बल्कि अब हर कहीं ऐसे भावनात्मक लड़कों की कमी हो गई है जो अपनी गर्लफ्रेंड को गले लगा कर उस को राहत दे सकें. हां, गले पड़ने वाले लड़कों की कमी नहीं है.

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6. 4 टिप्स से जानें औरत की सैक्स चाह गंदी बात क्योंsex tips

समाज में स्त्रीपुरुष (Male Female) के हर क्षेत्र में समान होने का गुणगान हो रहा है, पर वैवाहिक जीवन (Married Life) में बिस्तर पर स्त्रियों की समानता शून्य है. महिलाएं जब अपनी पसंद के भोजन का मेन्यू तय नहीं कर सकतीं तो बिस्तर पर सैक्स संबंध (Sex Relation) में अपनी पसंद की बात तो बहुत दूर की है. हमारे यहां दांपत्य जीवन में सैक्स संबंध में मेन्यू क्या होगा, इस का निर्णय केवल पुरुष ही लेता है. हमारे समाज में पब्लिक प्लेस पर सैक्स, हस्तमैथुन, सैक्स में पसंद और कामोन्माद अर्थात और्गेज्म (Orgasum) आदि.

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7. सैक्स के भ्रम से निकलें युवा, नहीं तो होगा यह नुकसान sex tips

अकसर युवा सैक्स को ले कर कई तरह की भ्रांतियों से घिरे रहते हैं. अपनी गर्लफ्रैंड से सैक्स को ले कर अपने इमैच्योर फ्रैंड्स से उलटीसीधी ऐडवाइज लेते हैं और जब उस ऐडवाइज का सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ता है तो शर्मिंदगी से किसी से बताने में संकोच करते हैं. यहां युवाओं को यह बात समझनी जरूरी है कि सैक्स से सिर्फ मजा ही नहीं आता बल्कि इस से सेहत का भी बड़ा गहरा संबंध है. सैक्स (Sex) और सेहत (Health) को ले कर कम उम्र के युवकों और युवतियों में ज्यादातर नकारात्मक भ्रांतियां फैली हैं.

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8. कंडोम मुसीबत नहीं दोस्त है आपकाSex tip

फिल्म ‘डियर जिंदगी’ (Dear Zindagi) में शाहरुख खान ने दिमाग के डाक्टर का किरदार निभाया था और दिमागी बीमारी या परेशानी को ले कर एक बात समझाई गई कि लोग शरीर की बीमारी को तो नहीं छिपाते हैं, पर जैसे ही उन्हें पता चलता है कि घर में कोई दिमागी तौर पर बीमार है, तो उन्हें जैसे सांप सूंघ जाता है.फुसफुसाहट सी शुरू हो जाती है, जैसे दिमागी बीमारी होना जिंदगी की सब से बड़ी दुश्वारी है. अनपढ़ ही नहीं, बल्कि पढ़ेलिखे लोग भी दिमागी समस्याओं पर दिमाग खोल कर बात नहीं कर पाते हैं.

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9. अब बैडरूम में मूड औफ नहीं, लव औन होगा Sex tips

रागिनी पिछले 5 सालों से खुशहाल विवाहित जीवन (Married Life) जी रही हैं. रागिनी और गगन के प्यार की निशानी उत्सव 4 साल का है. आजकल वे कुछ बुझीबुझी लगती हैं. इस का कारण है उन की उदासीन बैडरूम लाइफ (Bedroom Life). दिन भर रागिनी घर के हर छोटेबड़े काम को मैनेज करने में बिजी रहती हैं. दोपहर से रात तक उत्सव की देखरेख में अलर्ट रहती हैं. उत्सव को सुलाने के बाद अपने बैड पर जाने से परहेज करती हुई वे उत्सव के कमरे में उस के साथ ही सो जाती हैं. इस का कारण पता चला कि हड़बड़ी वाली रोजाना की सैक्स लाइफ (Sex Life) जो रागिनी और गगन दोनों का मूड औफ कर तनाव का कारण बनती है.

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10. सिर्फ दम दिखाने के लिए नहीं होती सुहागरात!Sex tips

इस रात का इंतजार हर युवा को होता है. लेकिन अगर कहा जाए कि हर किशोर को भी होता है तो भी यह कुछ गलत नहीं होगा. क्योंकि मनोविद कहते हैं 15 साल की होने के बाद लड़की और 16 साल के बाद लड़के, इस सबके बारे में कल्पनाशील ढंग से सोचने लगते हैं. सोचे भी क्यों न, आखिर इस रात को ‘गोल्डेन नाइट’ जो कहते हैं.इस रात में दो अजनबी हमेशा हमेशा के लिए एक हो जाते हैं. दो जिस्म एक जान हो जाते हैं. इस एक रात में न कोई पर्दा होता है, न दीवार. बत्तियां बुझी होती हैं, सांसें उफन रही होती हैं, फिजा में जिस्मानी गंध होती है और धीमी सी मुस्कान लाती रहे. जब भी इसका जिक्र हो तो उम्र चाहे कोई भी हो चेहरे पर एक गुलाबी आभा खिल जाए.

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लुब्रिकैंट अपनाएं, सैक्स को मजेदार बनाएं

Sex News in Hindi: शादीशुदा जिंदगी को कामयाब व सुख से भरा बनाने के लिए जहां विश्वास, प्यार, समर्पण और तालेमल का अहम रोल रहता है, वहीं सैक्स (Sex) भी खास अहमियत रखता है. सैक्स संबंध पतिपत्नी को शारीरिक (Physical) ही नहीं, मानसिक (Mentally) रूप से भी एकदूसरे के करीब लाते हैं. अगर पतिपत्नी के बीच कामयाब सैक्स नहीं हो पाता है, तो शादीशुदा जिंदगी (Marriage Life) एक समय में आ कर बोझ सी बन जाती है. सैक्स को खुशनुमा बनाने में जहां एकांत, तनावरहित (Stressless) माहौल व पतिपत्नी (Husband Wife) का मूड में रहना जरूरी होता है, वहीं सैक्स को मजेदार बनाने और दूसरी परेशानियों से बचने के लिए लुब्रिकैंट (lubricant) का भी अहम रोल होता है.

आमतौर पर फोरप्ले के दौरान पतिपत्नी के अंगों में कुदरती तौर से ही लुब्रिकैंट बनना शुरू हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में बाहर के लुब्रिकैंट इस्तेमाल कर के सैक्स का मजा लेना पड़ता है.

औरतों में लुब्रिकैंट की मात्रा का लैवल इन हालात पर निर्भर करता है:

माहवारी के दौरान

माहवारी के समय एस्ट्रोजन हार्मोन औरतों के निजी अंगों के लुब्रिकेशन को गड़बड़ा देता है, जबकि ओवुलेशन के समय यह सब से ज्यादा होता है.

उम्र

रजोनिवृत्ति का समय निकल जाने के बाद औरतों को जोश में आने में काफी समय लगता है. ऐसा एस्ट्रोजन का लैवल कम हो जाने के चलते होता है.

तनाव

तनाव किसी भी संबंध को खराब करने का काम करता है. तनाव के चलते औरतों में सैक्स का जोश कम हो जाता है. इस के अलावा एकाग्रता, खून के दौरे और वेजाइना में नमी बनाए रखने में परेशानी होती है.

सैक्स के समय होने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए डाक्टर भी बाहरी लुब्रिकैंट को इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. वैसे तो बाजार में कई तरह के लुब्रिकैंट मौजूद हैं लेकिन इन का इस्तेमाल औरतों की शारीरिक जरूरत के आधार पर ही करना चाहिए.

लुब्रिकैंट के बारे में कुछ अहम जानकारी:

तेल वाले लुब्रिकैंट

बेबी औयल, पैट्रोलियम वाली क्रीम या त्वचा पर लगाने वाली क्रीम तेल वाले लुब्रिकेट होते हैं. लेकिन इन के इस्तेमाल करने से कई बार वेजाइनल संक्रमण के खतरे बढ़ जाते हैं. सैक्स के बाद जब भी वेजाइना को साफ किया जाता है तो औयल ठीक से धुल नहीं पाता है और आगे चल कर यही फंगल या बैक्टीरियल इंफैक्शन का रूप लेने लगता है, जिस से वेजाइना में खुजली, बारबार पेशाब आना और दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इस के अलावा घरों में लंबे समय तक रखने पर कई बार इन की क्वालिटी में भी खराबी आ जाती है. साथ ही, ये शुक्राणुओं की क्वालिटी में भी कमी ला सकते हैं. तेल वाले लुब्रिकैंट से कंडोम के फटने का भी खतरा होता है, जिस से अनचाहे बच्चे के ठहरने का भी डर बना रहता है.

पानी वाले लुब्रिकैंट

इस तरह के लुब्रिकैंट के लिए बाजार में कई तरह की चीजें मौजूद हैं. इन में नमक का लैवल कम होता है और औरत की प्रजनन ताकत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है. इस के अलावा ये संवेदनशील त्वचा पर भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

सिलिकौन वाले लुब्रिकैंट

ये पानी वाले लुब्रिकैंट से भी ज्यादा महफूज होते हैं. इस के साथ ही इस के इस्तेमाल से त्वचा ज्यादा नरम और मुलायम हो जाती है.

ध्यान रखने वाली बातें

लुब्रिकैंट का इस्तेमाल करने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आप इन लुब्रिकैंट का इस्तेमाल अपने शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर कर रहे हैं, इसलिए हमेशा ऐसे लुब्रिकैंट का इस्तेमाल करें जिस से आप की त्वचा को नुकसान न पहुंचे.

लुब्रिकेशन में कुछ जोड़े थूक का इस्तेमाल करते हैं. थूक में कीटाणुओं की भरमार होती?है, जो आसानी से वेजाइना में जा कर बैक्टीरियल इंफैक्शन की समस्या पैदा कर सकते हैं. इस के इस्तेमाल से जननांगों में होने वाली हरपीज और यीस्ट इंफैक्शन जैसी खतरनाक बीमारियों का भी डर बना रहता है.

फ्लेवरफ्री लुब्रिकैंट के इस्तेमाल से सैक्स सुख भले ही मिल जाए लेकिन वेजाइना में सूखेपन की समस्या हो जाती है. जब जोड़ा एकसाथ नहा रहा हो तो कंडीशनर या बौडी जैल जैसी चीजें चरम सुख पाने के लिए उस एक पल के लिए सुखद जरूर लगती हैं, पर उस के बाद वेजाइना में परेशानी हो सकती है.

कैसे करें इस्तेमाल

लुब्रिकैंट का इस्तेमाल करना या न करना केवल जोड़ों की निजी इच्छा पर निर्भर करता है. अगर लुब्रिकैंट पहली बार इस्तेमाल किया जा रहा है तो सब से पहले थोड़ी मात्रा में लुब्रिकैंट को खरीद कर इस के असर को देखें, फिर इस की बड़ी मात्रा खरीदें. लुब्रिकैंट को अपने बिस्तर के पास ही रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इस का इस्तेमाल किया जा सके. याद रखें, सैक्स का मजा बढ़ाने के लिए सब से पहले थोड़ी मात्रा में ले कर इस का इस्तेमाल करें.

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