Funny Story in Hindi : शादी का पहाड़ा जो कोई बांचे

Funny Story in Hindi. वे काफी देर तक ऐसे बैठे रहे, जैसे रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए हों. उन्हें झकझोरा गया, तब बड़े अफसोस के साथ उन्होंने आहिस्ता से अपना सिर हिलाया.

गहरे कुएं से आती हुई आवाज में वे बोले, ‘‘अच्छे दिनों के हल्ले में कैसे बुरे दिन आ गए हैं कि अभी एक दुलहन ने विवाह मंडप में शादी करने से इसलिए इनकार कर दिया, क्योंकि दूल्हा 15 का पहाड़ा नहीं बोल पाया. लाख मिन्नतों के बावजूद दूल्हे को बैरंग लौटना पड़ा.’’

‘‘यह कहो न कि सेर को सवा सेर मिलने की टीस है. इसे ही अच्छे दिन कहते हैं कि आज की लड़कियां होने वाले पति के हिसाबकिताब करने की ताकत को चैक कर रही हैं, वरना अभी तक तो मर्द ही औरत के हुनर का इम्तिहान लेता आया है,’’ मैं ने इतना कहा, तो उन्होंने मुझे यों घूरा, जैसे वह ठुकराया हुआ दूल्हा मैं ही होऊं.

वे मुझे नीचे से ऊपर तक घूरते हुए बोले, ‘‘चलो, एकबारगी बोल भी देता तो क्या, सारे पहाड़े तो वैसे भी शादी के बाद भूल जाने थे.’’

‘‘लगता है कि एक दुलहन द्वारा ठुकराए जाने पर तुम्हारे जैसे मर्दों की मर्दानगी को ठेस पहुंची है.’’

‘‘देखो, तुम मुझे गलत समझ रहे हो. दरअसल, बात यह है कि…’’

बात को बीच में ही काटते हुए मैं ने टोका, ‘‘तो तुम क्या समझाना चाहते हो? हम जब कोई सामान खरीदते हैं, तो पहले अच्छी तरह ठोंकबजा कर देखते हैं कि नहीं? वैसे भी यह तो होना ही था. बैरंग लौटने वालों की फेहरिस्त अब बढ़ती ही जा रही है.

‘‘अभी पिछले दिनों एक दूल्हे ने वरमाला डालते समय गरदन नहीं झुकाई, तो दुलहन ने उसे चलता कर दिया. एक दूल्हे के मुंह से शराब की गंद आई, तो फेरे उलटे पड़ गए.

‘‘इस से भी आगे बढ़ते हुए एक दूल्हे ने दुलहन की सहेलियों पर थोड़ा बेहूदा कमैंट कर दिया, बस फिर क्या था. दूल्हे को कमैंट करना ही भुला दिया गया, इसलिए यह वक्त चोट खाए जख्मों को सहलाने का नहीं, बल्कि सोचनेविचारने का है.’’ वे रोंआसे हो गए और अफसोस में सिर हिलाते हुए बोले, ‘‘काश, किसी ने मुझ से भी शादी के वक्त पहाड़ा बुलवाया होता.’’

‘‘अगर बुलवाया होता, तो आप तो फर्राटे से पहाड़ों के पहाड़ पर चढ़ जाते. शादी का लड्डू जो खाने को बेताब थे,’’ मैं ने मजाकिया लहजे में कहा.

मेरे दोस्त खिसियानी हंसी हंसते हुए कहने लगे, ‘‘बात तो तुम्हारी सच है, लेकिन क्या है कि हम गणित में बचपन से ही कमजोर थे. किसी तरह बोर्ड का वाघा बौर्डर पार कर पाए थे. हमारी किस्मत ही खराब थी, जो किसी ने मंडप में हम से पहाड़ा नहीं बुलवाया, वरना हम तो वहीं फेल हो जाते. फिर ताउम्र जिम्मेदारियों के पहाड़े रटने से छुटकारा पा जाते और इस तरह अच्छीखासी जिंदगी पहाड़ा नहीं होती.’’

उन के दर्द का समंदर जैसे बह निकला था. वे कहते गए, ‘‘सारी उम्र रिश्तों के फौर्मूले सुलझाने में गुजार दी, मगर जोड़ हमेशा गलत ही बैठा. किसी ने सही कहा है कि शादी चार दिन की चांदनी है, फिर अंधेरी रात है. चमकता जुगनू है, जिस की कुछ पलों की चमक अच्छी लगती है.’’

‘‘दोस्त, नर हो न निराश करो मन को… धीरज धरो. वैसे, तुम क्या समझ कर शादी के झाड़ पर चढ़े थे?’’

‘‘काहे के नर, बस वानर समझो, जिन के हिस्से में उछलकूद है. किसी शायर ने सही कहा है, ‘शादी आग का दरिया है और डूब के जाना है’. कई लोग यह कह कर उकसाते पाए जाते हैं कि ‘जो डूबा सो पार गया’, लेकिन यहां जो डूबा, फिर क्या खाक उबरा.

‘‘शादीशुदा जिंदगी नदी के दो किनारों की तरह है, जो जिंदगीभर मिलने की कोशिश करते हैं, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी मिल नहीं पाते हैं. शादी धरती व आसमान का वह किनारा है, जिस में सिर्फ मिलने का भरम है. पास जाओ, तो सबकुछ साफ है.’’

‘‘दुखी आत्मा, जिसे तुम आग का दरिया कह रहे हो, वह शादी नहीं इश्क है. दो किनारों की खूबसूरती इसी में है कि वे तमाम उम्र चाहत, जुनून और जोश के साथ मिलने की कोशिश में लगे रहें. इस से उन का आपसी खिंचाव बना रहता है.’’

‘‘यह शादी का दार्शनिक पक्ष है जनाब, हकीकत इस के उलट है. यह ऐसा लड्डू है, जिसे देशी घी के भरम में बड़े चाव से मुंह में डालते हैं और वैजीटेबल घी से ठग लिए जाते हैं. वैसे, इश्क हो तो आग का दरिया क्या, तलवार की धार पर भी दौड़ जाएं. मेरा तो इतना कहना है कि शादी सुख का विलोम है,’’ वे बोले.

‘‘यदि यह विलोम है, तो अनुलोम का अभ्यास कर के इसे एक लय देनी चाहिए. वैसे, अनुलोमविलोम से एक लयकारी, संतुलनकारी रिद्म बनती है. शादी एक अनुशासन पर्व है, सुव्यवस्थित जीवनशैली का नाम है. लेकिन मर्दों के लंपट मन को अनुशासन में बांधना शेरों को ब्रश कराने से कम नहीं है. कोई कोशिश कर ले, तो तिलमिला जाते हैं. सबकुछ छूट रहा है, मगर हेकड़ी नहीं जाती. यही तो मर्दवादी नजरिया है.’’

वे हमारी बातें चुपचाप सुनते रहे, अफसोस में घोड़े की तरह हिनहिनाते रहे, लेकिन मानने को तैयार नहीं दिखे. जिन्हें मनाता समय है, उन्हें तो यही कह सकते हैं कि अबे, मान भी जाओ मर्द, वरना बहुत पछताओगे. Funny Story in Hindi

Special Story : प्यार किया तो कमाना जरूरी

Special Story. लव मैरिज करने वालों को एक लाइन बहुत पसंद आती है कि ‘प्यार किया तो डरना क्या’. बात सही है, पर जब यह प्यार शादी में बदलता है तो यही लाइन कुछ इस तरह बदल जाती है कि प्यार किया है तो कमाना है.

होता यह है कि बहुत से जोड़े जब प्यार में होते हैं, तो अपने परिवार वालों से अलग, किसी अलग जगह पर रहने की ठान कर शादी कर लेते हैं, पर जब पेट भरने की बात आती है, तो उन के पास प्लान नाम की कोई चीज नहीं होती है.

समस्तीपुर के मनोज और प्रिया ने भी लवमैरिज की थी. मनोज की उम्र 23 साल थी और प्रिया की 21. चूंकि दोनों के घर वाले इस शादी के खिलाफ थे, तो उन्होंने दिल्ली आ कर अपनी जिंदगी की शुरुआत की.

शादी के पहले 6 महीने तो मनोज और प्रिया ने दिल्ली के उत्तम नगर में वन बैडरूम फ्लैट में जैसेतैसे गुजार दिए, फिर मनोज को अक्ल आई कि वह प्रिया को अपने भरोसे दिल्ली लाया था, तो अब उस के लिए ऐसी कमाई भी तो होनी चाहिए, जिस में महीने के महीने पैसा आता रहे, पर एक कड़वा सच यह भी था कि समाज की तरह प्रिया भी मनोज से ‘सैटल्ड’ होने की उम्मीद करने लगी थी.

वैसे भी हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 24 कहती है कि पति को पत्नी और बच्चों का भरणपोषण करना है. कमाई नहीं है तो कोर्ट भी तुम से ही सवाल करेगा.

पर जब पत्नी ही पति को उस की आमदनी के लिए कठघरे में खड़ा करने लगे, तो हालात और बुरे हो जाते हैं. ऐसा ही मनोज के साथ हुआ. प्रिया ने घर संभालने की बात कह कर रोजगार से पल्ला झाड़ लिया.

अब मनोज को अपने पिता का ताना याद आया, ‘‘बेटा, शादी तो कर रहा है, पर प्रिया को खिलाएगा क्या?’’

मनीज के पिता की बात में दम था कि किराया, राशन, मैडिकल… यह खर्च है पल्ले? इस का सीधा सा मतलब है कि ऐसे जोड़े के पास कुछ महीने का खर्च जेब में जरूर होना चाहिए.

यहां सवाल उठता है कि कितनी कमाई ठीक है? दिल्ली में 2 लोगों का बेसिक खर्च 20,000 से 25,000 रुपए महीना हो सकता है, ताकि छत और दो वक्त का खाना अफोर्ड हो सके.

मनोज इस मामले में थोड़ा सही रहा, क्योंकि वह मेहनती था और पढ़ालिखा भी था. वह घटाजोड़ में माहिर था तो जल्दी ही उस की एक अकाउंटैंट के यहां असिस्टैंट की नौकरी लग गई. तनख्वाह थी 18,000 रुपए महीना.

प्रिया को भी अक्ल आई

पहले तो प्रिया किसी भी तरह की नौकरी या दूसरे रोजगार से बचती रही, पर जब उन दोनों की बचत जीरो रहने लगी, तो उस ने भी अपनी गली के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया. बच्चे काफी आने लगे तो कमाई भी अच्छी होने लगी.

पत्नी जरूर करे कमाई

लव मैरिज हो या अरेंज मैरिज, लड़की के लिए कमाई कितनी जरूरी है? यह सवाल अब बहुत माने रखता है, क्योंकि पहले लड़कियों से उन के रोजगार के बारे लोग नहीं पूछते थे, पर अब पतिपत्नी का रिश्ता, कमाई के लिहाज से बराबरी का माना जाता है.

इस में लड़की के मन में ‘अपनी कमाई है’ तो ‘एहसान’ वाली फीलिंग नहीं आती है और वह घर से जुड़े फैसले लेने में भी अपनी राय देती है.

लड़की के रोजगार होने पर, मान लो कल को लड़के की जौब चली जाए या वह आंखें दिखाए, तो आप के पास पास औप्शन है. माली तौर पर कमजोर लड़की सब से ज्यादा दुख झेलती है. साथ ही वह अपने घर वालों को जवाब दे सकती है कि ‘वह कमा तो रही है, अपने पैरों पर खड़ी है’. यह सुन कर मांबाप का गुस्सा थोड़ा कम होता है.

साथ ही डबल इनकम होने से लवमैरिज की राह आसान हो जाती है. जब दोनों कमाते हैं, तो 5 साल का काम 2 साल में हो सकता है.

लव मैरिज करने से पहले के टिप्स

बहुत बार ऐसा होता कि शादी करने के समय लड़का और लड़की दोनों बेरोजगार होते हैं. तो क्या वे लवमैरिज न करें. जरूर करें, पर इस से पहले 6 महीने दोनों कोई अच्छा सा रोजगार ढूंढ़ें, फिर शादी करें. याद रखिए कि आप का प्यार 6 महीने इंतजार कर लेगा, पर उस की भूख नहीं करेगी.

अगर दोनों में से कोई एक कमाता है तो जो नहीं कमाता है वह घर संभाले, लेकिन साथ ही यह टारगेट सैट करो कि एक साल में दूसरा भी कमाने लगे.

कर्ज के जाल से बचें

बहुत बार लड़के अपने दोस्तों से उधार मांगते हैं या फिर लड़की अपने मायके वालों की शक्ल देखती है, पर कब तक उधार की जिंदगी जिएंगे. सब से बुरा दौर वह होता है जब किसी साहूकार से बहुत ज्यादा ब्याज पर पैसा लेना पड़ता है. इस से आपसी रिश्ते में खटास पैदा हो सकती है.

यहां से ब्लेम गेम शुरू हो जाता है कि ‘तेरे चक्कर में घर छोड़ा’, ‘तू ने कहा था संभाल लूंगा’. यहीं से भूखे पेट प्रेमी से पति बना बंदा भी विलेन लगता है.

Marriage Humor : विवाह के बाद, ईश्वर का साथ

Marriage Humor. ‘ईश्वर की विशेष कृपा से विवाह के 20 साल सफलतापूर्वक गुजर गए,’ उन्होंने बतौर इन्फौर्मेशन, धांसू अचीवमैंट, फांसू फोटो शृंखला के साथ फेसबुक पर गुरिल्ला स्टाइल में घोषणा की, ‘थैंक्स टू ईश्वर.’ यों आप चाहें तो इसे महज सूचना भी मान सकते हैं, धमकी भी और चैलेंज भी. आगे उन्होंने याचना सी करते हुए लिखा, ‘इस मौके पर आप की शुभकामनाओं की दरकार है.’ सूचना दे कर वे लाइक व कमैंट रूप में शुभेच्छाओं का इंतजार करने लगे. शुभेच्छाओं से बल मिलता है. विशेषकर विवाह जैसे मसलों में शुभेच्छाएं शिलाजीत से भी ज्यादा बलवर्द्धक होती हैं.

गौर करने वाली बात यह थी कि उन्होंने 20 साल सफलतापूर्वक कहा. इसे आप व्यंजना में शांतिपूर्वक समझ सकते हैं. गोया एक पिक्चर है, जो 20 वर्षों से चल रही है और पिक्चर अभी बाकी है, मेरे दोस्त. कई दोस्तों ने हैरत जताई. वौव, 20 साल, इतना लंबा पीरियड. रश्क तो होता है. कुछ हतप्रभ हुए, तो कुछ स्मृतियों में खो गए कि उन के अपने कैसे गुजर रहे हैं. कुछ ने ‘कैसे कटे ये दिन, कैसे कटीं ये रातें…’ गुनगुनाते हुए ठंडी आह भरी. दिन हैं कि गुजरने का नाम नहीं लेते. इस से पता चलता है कि विवाह में ईश्वर की विशेष कृपा की कितनी अहमियत है. थैंक्स टू ईश्वर.

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ईश्वर अपनी विशेष कृपादृष्टि बनाए रखे, तो 20 क्या, बंदा सात जन्मों तक का रिस्क उठा लेता है. बिन ईश्वर कृपा, 7 मिनट ही सात जन्मों के समान लगते हैं. ऐसे में 20 साल गुजरना अपनेआप में बड़ी परिघटना है. बिग अचीवमैंट है. स्तुत्य है. प्रशंसनीय है. ओलिंपिकनुमा कारनामा है. इस से तो गठबंधन की सरकार चलाना कहीं आसान है, सिर्फ तुष्टीकरण से चल जाती है. शादीशुदा जिंदगी सतत संतुष्टिकरण तक से सफलतापूर्वक नहीं चलती. इसलिए ऐसे मसलों में आदमी स्वयं पर कतई भरोसा नहीं करता. अपने बूते चला ले जाने का कोई मुगालता नहीं पालता.

हालांकि, विवाहपूर्व बड़ा जोश रहता है, दौड़ा ले जाने का. फिर धीरेधीरे दिन गुजरते हैं, विश्वास के आईने पर जमी धूल छंटती है, सबकुछ ईश्वर पर छूटता जाता है. मैं ने इधरउधर खूब खंगाला. मुझे एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं मिला जिसे खुद पर भरोसा हो, जिस ने कहा हो कि हमारे प्यार, सहयोग, समर्पण के बल पर विवाह के 20 साल गुजर गए. इस के पीछे कारण शायद यह हो कि ईश्वर पर छोड़ देने से किसी पक्ष को एतराज नहीं होता. वरना एक के श्रेय ले लेने पर दूसरा पक्ष चैलेंज कर सकता है, समर्थनवापसी का ऐलान कर सकता है. चलती सरकार को अल्पमत में ला कर पटखनी दे सकता है.

एक मित्र हैं, जिन्होंने परसों फेसबुक पर लिखा- ‘पता ही नहीं चला, विवाह के 25 साल कैसे गुजर गए.’ इस में ऐसा ध्वनित हो रहा था कि उन्हें ये साल गुजरने की कतई उम्मीद नहीं थी और अब वे खुद यह कल्पना कर हैरान हो रहे हैं कि हा, हू, हाय, उफ, अहा, हुर्रे. आखिर गुजर कैसे गए. एक मित्र तो हर साल मैरिज एनिवर्सरी पर लिखते हैं- ‘जैसे कल ही की बात हो.’ उन का समझ आता है. हादसों को कौन भूल सकता है, भला. कल के से ही लगते हैं. वह तारीख, वह दिन, वह घटना उन के दिमाग में इस कदर फ्रीज हो गई है कि उस के बाद का उन्हें याद ही नहीं. उन्हें रहरह कर लगता रहता है जैसे कल की ही बात है.

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कुछकुछ लोगों के दिमाग के पट पर उन की शादी होने की घटना घंटे की तरह टकराती रहती है. अनुगूंज आती रहती है-जैसे कल की ही बात है. सही भी है, जिस से आज प्रभावित हो रहा हो, उस कल को कौन भूल सकता है. पिछले हफ्ते एक मित्र ने मैरिज एनिवर्सरी पर रात 12 बजते ही तूफानी अंदाज में फेसबुक पर दनादन कई तसवीरें अपलोड कर डालीं. या तो उत्साह का अतिरेक था, या फिर एक और साल गुजर जाने की बेतहाशा खुशी कि उन्हें सुबह तक का भी इंतजार नहीं हुआ. मुमकिन है, इस के पीछे शायद यह धारणा भी हो कि विवाह के बाद वह सुबह कभी आती ही नहीं, जिस का इंतजार रहता है, इसलिए जब मानो, तभी सवेरा. आधी रात को सुबह मानने की उलटबांसी वैवाहिक जीवन में ही संभव है. खैर, सिलसिलेवार डाली गई तसवीरों का कुल सार यह था कि शादी के बाद इस बंदे से सुखी व्यक्ति संसार में दूसरा कोई नहीं.

मैं ने चकित होते हुए शुभकामना देने के लिए फोन किया. उन की कौलर ट्यून ‘सुन रहा है तू, रो रहा हूं मैं…’ सुन कर चौंक गया. फोन उठाते ही मैं ने कहा, भई, सुन तो रहा हूं मैं, लेकिन तुम्हें रोते हुए कभी देखा नहीं. वह एकदम रोंआसा सा हो गया, जैसे दुखती नस पर मैं ने हाथ रख दिया हो, वह बोला, आप जैसे मित्रों से ही उम्मीद रहती है कि कम से कम वे तो सुन ही लेंगे. वैसे भी, विवाह लोकल एनेस्थेसिया की तरह होता है, सुन्न में गुजर जाता है. होश आया और जोश गया.

मैं ने दिलासा देने के अंदाज में कहा, ‘सही कह रहे हो, भाई. खुशफहमी में साल गुजर जाते हैं. इसीलिए समझदार कहते हैं, खुशफहमी सफल वैवाहिक जीवन का आधार है.’ वह ‘हूंहूं’ करता रहा.

उन्हें एक बार फिर सांत्वनात्मक बधाई देने के बाद फोन काट कर मैं खुशफहमी पालने लगा, ताकि मेरे अपने आधार को मजबूती मिल सके.

Sex Tips In Hindi: पार्टनर हो कामुक

Sex Tips In Hindi: किसी भी रिलेशनशिप में रजामंदी से फिजिकल होने में कोई बुराई नहीं है और हैल्दी सैक्स रिश्ते को और ज्यादा मजबूत करता है. पर अगर आप का पार्टनर कुछ ज्यादा ही कामुक है यानी उसे हर समय सैक्स की ही सूझती है, तो फिर कभीकभार यह समस्या भी बन जाती है.

काफी समय पहले टैलीविजन पर एक क्राइम शो आया था, जहां एक नौजवान अपनी कामुकता पर कंट्रोल नहीं कर पाता है. वह देह धंधे वालियों के भी पसीने छुड़ा देता है. अपनी कामुकता के चलते वह क्राइम करता है और एक देह धंधे वाली जब पुलिस को बताती है कि एक नौजवान उस के पास आ कर बड़ी देर तक बड़ी बेरहमी से सैक्स करता है, तो पुलिस को सूत्र मिलता है कि हो न हो जो क्राइम हुआ है, वह इसी नौजवान की करतूत है. होता भी यही है.

यह तो एक अपराधी की कामुकता का नमूना है. पर कभीकभार पतिपत्नी और प्रेमीप्रेमिका भी इसी कामुकता के भुक्तभोगी हो जाते हैं. राखी को शादी से पहले नहीं पता था कि उस में कामुकता कूटकूट कर भरी है. सुहागरात पर उस का पति मनोहर भी हैरान रह गया कि किस तरह इस बौराई औरत को संतुष्ट करे.

हालांकि, वह मन ही मन खुश भी हो रहा था कि उसे ऐसी बीवी मिली है, जो बिस्तर पर सिर्फ बिछती नहीं है, बल्कि पूरा मजा लेती है और एक तरह से उस की मर्दानगी को चैलेंज कर के सैक्स लाइफ का लैवल बढ़ा देती है.

पर अगर कोई पार्टनर अपनी कामुकता के चलते हिंसक हो जाता है, तो सैक्स का मजा बिगड़ जाता है.
दिवाकर जब अपनी गलफ्रैंड सीमा के साथ बिस्तर पर होता है, तो अपनी कामुकता को कंट्रोल नहीं कर पाता है.

सीमा को एक ही शिकायत रहती है कि दिवाकर उसे प्यार करने की जगह रौंदने पर उतारू हो जाता है. उसे यहांवहां काटता है, उस के नाजुक अंग को बेहरमी से मसलता है और सैक्स को बड़ा ही पीड़ादायक बना देता है, जबकि दिवाकर के लिए सैक्स का मतलब ही यही है.

तो फिर इस कामुकता पर कंट्रोल कैसे पाया जाए कि दोनों पार्टनर सैक्स सुख को अच्छे से भोग सकें? इन कुछ खास टिप्स को जरूर ध्यान में रखें :

* सब से पहले अपने पार्टनर से खुल कर इस बारे में बात करें. अगर आप के पार्टनर को पता होगा कि आप अपनी कामुकता को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, तो वह कई तरह से इस पर काबू पाने में आप की मदद कर सकती है या कर सकता है.

* अपने कामुक विचारों पर काबू करने की कोशिश करें. अपना ध्यान किसी दूसरी जगह लगाएं और हर समय सैक्स के बारे में सोचने से बचें.

* खुद को खाली न रहने दें. अपने दिनभर के काम को पहले से प्लान कर के रखें. अगर दोनों पार्टनर वर्क फ्रौम होम कर रहे हैं, साथ रहने से कामुकता भड़क सकती है, लिहाजा, औफिस के काम पर ज्यादा फोकस करें. टाइमपास के दूसरे तरीके अपनाएं, जैसे साथ बैठ कर कोई फिल्म देख लें या कोई किताब पढ़ कर उस पर चर्चा करें.

* कामुकता बढ़ाने वाली चीजों से दूर रहें. पोर्न फिल्म न देखें. इस के उलट आप अपनी कसरत पर ध्यान दें. अगर घर पर जिम के उपकरण हैं, तो आप वर्कआउट कर सकते हैं.

* कभीकभार कामुकता इस कदर भारी पड़ जाती है कि बिना प्रोटैक्शन के किया गया सैक्स पार्टनर को प्रैग्नैंट कर सकता है. पर क्या आप परिवार को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं? अगर नहीं, तो ऐसी कामुकता को खुद पर बिलकुल न हावी होने दें.

याद रखिए, रोमांस और प्यार का मतलब सिर्फ सैक्स करना ही नहीं होता है. पार्टनर को और भी बहुत से तरीकों से रि झाया जा सकता है, उस का दिल जीता जा सकता है, तो एकदूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और कामुकता को दूर भगाएं. Sex Tips In Hindi

Relationship Issues: खेल के माहिर खिलाड़ी शादी में निकले अनाड़ी

Relationship Issues: दिव्या काकरान ‘अर्जुन’ अवार्ड विजेता पहलवान हैं. वे देश के लिए एशियाई खेलों के अलावा राष्ट्रमंडल खेलों में भी मैडल जीत चुकी हैं. वे 8 बार ‘भारत केसरी’ का खिताब हासिल कर चुकी हैं.

पर फिलहाल दिव्या काकरान अपने खेल के लिए नहीं, बल्कि निजी जिंदगी में मची हलचल के लिए सुर्खियों में हैं. उन्होंने ढाई साल के भीतर अपने पति सचिन प्रताप सिंह से तलाक ले लिया है. दिव्या और सचिन की शादी 21 फरवरी, 2023 को हुई थी. शादी से एक साल पहले यानी साल 2022 से वे दोनों रिलेशनशिप में थे. सचिन एक जिम ट्रेनर हैं और बौडी बिल्डिंग खेल से जुड़े हैं.

इसी तरह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने भी सोशल मीडिया पर अपने पति और बैडमिंटन खिलाड़ी पी. कश्यप से अलग होने की जानकारी दी.

साइना नेहवाल ने 14 दिसंबर, 2018 को पी. कश्यप के साथ लव मैरिज की थी. दोनों साल 2007 से रिलेशनशिप में थे.

हालांकि, दिव्या काकरान और साइना नेहवाल ने सोशल मीडिया पर बड़ा भावुक सा संदेश लिख कर अपने जीवनसाथी से अलगाव की जानकारी दी, पर क्या वाकई तलाक लेना इतना आसान है कि आपसी रजामंदी हुई और अलग हो गए पतिपत्नी?

शायद नहीं. अगर खिलाडि़यों की बात करें तो उन की जिंदगी बड़ी नियम से बंधी और तेज रफ्तार होती है. इस में जुनून होता है और हर हाल में जीतने की जिद. जो खिलाड़ी 1-1 पौइंट के लिए सामने वाले खिलाड़ी से भिड़ जाते हैं,

वे अपनी जिंदगी के फैसले लेने में किसी का भी दखल बरदाश्त नहीं कर पाते हैं.

दिव्या काकरान ने एक अखबार को बताया भी था, ‘हम दोनों के बीच 4-5 महीने से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा था. हम सोचते रहे कि ठीक हो जाएगा, लेकिन अब हम ने अलग होने का हार्ड डिसीजन लिया है.’

यह सबकुछ ठीक होना क्या है? क्या दिव्या और सचिन अपनी शादी से खुश नहीं थे? क्या खेल के चलते उन दोनों में दूरियां बढ़ रही थीं? क्या ढाई साल के बाद भी उन का मांबाप न बनने का फैसला इस शादी को बोझिल बना रहा था? क्या साथी की बेवफाई इस तलाक की वजह है?

इसे एक और खिलाड़ी की निजी जिंदगी से सम?ाते हैं. भारतीय मुक्केबाज स्वीटी बूरा ने कबड्डी खिलाड़ी दीपक हुड्डा से शादी की थी. दीपक हुड्डा फिलहाल भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, पर इन दोनों की आपसी लड़ाई इतनी ज्यादा जगजाहिर हुई है कि खेल जगत में हलचल मच गई.

इस साल की शुरुआत में स्वीटी और दीपक की शादीशुदा जिंदगी इतने खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई कि दोनों ने तलाक की कार्यवाही के दौरान अपने परिवार वालों के सामने थाने में ही मारपिटाई कर दी.

स्वीटी ने दीपक को ‘राक्षस’ तक कहा और यह भी दावा किया कि दीपक कपड़े उतार कर उन के साथ पूरी रात मारपीट करता था. घर से बाहर नहीं निकलने देता था. उस ने स्वीटी की गाड़ी भी कब्जाई हुई थी.

घंटों तक कमरे में बंद रखता था. कब किस से फोन पर बात करनी है, यह भी वही तय करता था. स्वीटी ने यह भी दावा किया है कि दीपक के लड़कों के साथ रिलेशन हैं. शादी के एक महीने के बाद उन्होंने वीडियो देखी तो पता चला.

इन सब आरोपों के जवाब में दीपक हुड्डा के वकील सागर पंघाल ने कहा कि स्वीटी व दीपक साल 2015 से एकदूसरे को डेट कर रहे थे. लिवइन रिलेशनशिप में भी रहे थे, लेकिन स्वीटी ने उस समय यह बात क्यों नहीं कही, जबकि आज ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं?

उधर, दीपक हुड्डा ने भी स्वीटी बूरा पर रोहतक में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी, जिस में आरोप लगाया कि दीपक ने हिसार में एक प्लाट लिया था. इस की सारी पेमेंट उन्होंने की, मगर प्लाट सिर्फ उन के नाम के बजाय उन के और स्वीटी के नाम पर रजिस्टर करा दिया गया.

दीपक ने आरोप भी यह लगाया कि स्वीटी के पिता महेंद्र बूरा ने ब्याज पर देने के बहाने उन से लाखों रुपए ठगे. स्वीटी के भाई ने दीपक के घर पर रखे 12 लाख रुपए भी ले लिए. स्वीटी की बहन ने भी चैंपियनशिप के बहाने तकरीबन 9 लाख रुपए ट्रांसफर करा कर ठग लिए, जबकि वह ऐसे किसी कंपीटिशन में गई ही नहीं.

दीपक के मुताबिक, एक बार छोटी बहस होने पर स्वीटी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया. इस से उन्हें टांके लगे. एक बार उस ने सोते हुए हमला कर दिया. इस में उन का सिर फट गया.

इस सब में एक बात और सामने आती है कि चूंकि दिव्या काकरान, साइना नेहवाल और स्वीटी बूरा तीनों ही खिलाड़ी हैं, तो इन में किसी से न हारने की सोच हावी दिखाई देती है. कुश्ती का मैट हो या बैडमिंटन का कोर्ट या फिर मुक्केबाजी का रिंग, ये खेल की तरह जिंदगी को भी जीतने की इच्छा रखती हैं और इस के लिए किसी तरह का समझौता करना अपनी तौहीन समझती हैं.

चूंकि ज्यादातर खिलाड़ी कम उम्र में ही अपने घर वालों से दूर रहते हैं, इधर से उधर सफर करते हैं, तो उन के लिए शादी से पहले संबंध बनाना उतना मुश्किल नहीं होता है. महिला खिलाड़ी शादी के कई साल तक बच्चा पैदा करने से बचती हैं और उन के हार्मोन इतने ज्यादा मजबूत होते हैं कि तन और मन से उन्हें संभाल पाना हर किसी के बस का नहीं होता है.

इस के अलावा खेल के चलते पतिपत्नी के बीच दूरी होना, उन का सामाजिक माहौल जुदा होना, खेल में बने रहने का तनाव, बेवफाई, आपसी तनातनी, समाजिक दबाव भी खिलाडि़यों के तलाक की अहम वजह बनते हैं. Relationship Issues

सैक्स को गंभीरता से लेना है बेहद जरूरी

कालेज में पढ़ने वाले युवाओं को सैक्स संबंध बनाना हो या फिर लिव इन रिलेशनशिप में रहना हो, उन्हें इस बारे में अधिक सोचविचार की आवश्यकता नहीं होती. एक समय था जब विवाहपूर्व सैक्स के बारे में सोचना गलत माना जाता था, लेकिन आज तमाम सर्वे पर नजर डालें तो न सिर्फ युवा बल्कि किशोरकिशोरियों को भी सैक्स से कोई परहेज नहीं है. यह बात सही हो सकती है, लेकिन बिना सोचेसमझे सैक्स और इसे गंभीरता से लिए बिना कोई कदम उठाना सही नहीं है. इस से खुद को ही नुकसान हो सकता है. इसलिए सैक्स को मजाक न समझें, बल्कि गंभीरता से लें.

यह मजाक नहीं है

कई बार युवा अपने दोस्तों की देखादेखी या फिर दोस्तों में लगी शर्त को पूरा करने के चक्कर में सैक्स संबंध स्थापित करते हैं, ताकि वे अपने दोस्तों के बीच दबदबा बना सकें. लेकिन उन्हें इस बात का पता ही नहीं रहता कि कुछ पलों के हंसीमजाक के चलते उन्होंने अपनी जिंदगी का कितना अहम कदम बिना सोचेसमझे उठा लिया है. इसलिए सैक्स को गंभीरता से लें.

शादी के बाद होगी मुश्किल

शादी के बाद पति को भी इस का पता चल सकता है. यदि अपनी किशोरावस्था में आप ने सैक्स को गंभीरता से नहीं लिया और अपने फ्रैंड से कई बार सैक्स संबंध बनाए तो हो सकता है शादी के बाद पति को इस बात की किसी तरह भनक लग जाए और अगर ऐसा हुआ तो आप की खुशहाल जिंदगी क्या करवट लेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता.

यौन संबंधी बीमारियों का डर

आमतौर पर विवाहपूर्व सैक्स संबंध शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर सुरक्षित नहीं माने जाते. असुरक्षित सैक्स से कई यौन रोग भी गले पड़ सकते हैं, जो जानलेवा होते हैं. यदि कम उम्र में ऐसे संबंध स्थापित किए जाते हैं तो इस का असर शारीरिक विकास पर पड़ता है. इस के साथ ही सामाजिक संबंधों पर भी इस का गहरा असर पड़ता है.

साथी के साथ ही करें सैक्स

सैक्स हमेशा उसी के साथ करें जिसे आप ने जीवनसाथी बनाना है. कोशिश करें कि शादी से पहले अपने बौयफ्रैंड से सैक्स संबंध न बनाएं, क्योंकि उस के मन में यह विचार आ सकता है कि जो लड़की मेरे साथ सैक्स कर सकती है उस ने औरों के साथ भी संबंध बनाए होंगे. किसी अजनबी के साथ सैक्स संबंध बनाना न तो ठीक है और न ही सुरक्षित. सैक्स संबंधों में जल्दबाजी न करें बल्कि जिस के साथ सैक्स करना है उस के बारे में अच्छी तरह जान कर व सोचसमझ कर ही आगे बढ़ें. यह भी ध्यान रहे कि वह संबंध बनाने की बात दूसरों को न बता दे.

जगह का चुनाव करें

सैक्स कहां कर रहे हैं, यह भी काफी माने रखता है. वह जगह सेफ न हुई या किसी ने होटल के कमरे में वीडियो क्लिपिंग बना ली तो क्या होगा, इसलिए जहां मन हुआ सैक्स कर लिया ऐसा नहीं होना चाहिए. सैक्स करने से पहले गंभीरता से सोचें कि इसे कहां किया जाए.

ब्लैकमेलिंग से बचें

बौयफ्रैंड के पास आप के कुछ पर्सनल फोटो हो सकते हैं, जिन से आगे चल कर वह आप को ब्लैकमेल भी कर सकता है, इस बात का भी ध्यान रखें, फिर चाहे वह बौयफ्रैंड हो या कोई और. सैक्स  से पहले यह बात जरूर सोच लें कि इस वजह से कहीं आप ब्लैकमेलिंग का शिकार न हो जाएं, इसलिए इन बातों का विशेष खयाल रखें.

प्रैग्नैंसी का खतरा

इस बात पर भी विचार करना जरूरी है कि अगर आप ने बिना सोचेविचारे जल्दबाजी में सैक्स संबंध बनाने का फैसला किया और उस दौरान कोई सावधानी नहीं बरती तो गर्भ ठहरने का खतरा भी बना रहता है. यदि ऐसा होता है तो आप मानसिक तनाव से घिर जाएंगी, क्योंकि इस का दुष्प्रभाव आप की पूरी जिंदगी पर पड़ेगा.

डिप्रैशन न हो जाए

जब कई बार इन संबंधों में दरार पड़ती है तो दोनों पक्षों को ही गहरा मानसिक आघात पहुंचता है. ऐसे में सामाजिक और नैतिक बंधनों के चलते विवाहपूर्व सैक्स संबंध बनाने की शर्म, ग्लानि, अविश्वास, तनाव तथा एकदूसरे के प्रति सम्मान की कमी जैसे कारक मुख्य भूमिका निभाते हैं.

डेटिंग को डेटिंग ही रहने दें

कई बार डेटिंग के दौरान भी सैक्स संबंध बन जाते हैं. जहां डेटिंग का मकसद एकदूसरे को भलीभांति जानना होता है वहीं वे उस मकसद को भूल सैक्स संबंध स्थापित कर लेते हैं. सैक्स के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है, लेकिन अभी समय एकदूसरे को जाननेसमझने का है. यह वक्त दोबारा नहीं आएगा, इसलिए पहले दोनों एकदूसरे को भलीभांति समझ लें और अपने रिश्ते को कुछ समय दें. उस के बाद इस पायदान पर आएं.

अच्छा नहीं उतावलापन

सैक्स के लिए उतावलापन अच्छा नहीं है इसलिए आप को प्रोफैशनल या बाजारू महिला या पुरुष के साथ सैक्स संबंध बनाने से बचना चाहिए. यह पूरी तरह गलत है. इस से आप गलत लोगों के चंगुल में भी फंस सकते हैं.

जबरदस्ती सैक्स न करें

सैक्स जबरन नहीं करना चाहिए. आप को किसी के दबाव या किसी अन्य कारण से सैक्स करने से बचना चाहिए. साथ ही किसी डर की वजह से भी सैक्स नहीं करना चाहिए. मन के सारे भ्रम और आशंकाएं निकालने के बाद ही सैक्स संबंध बनाएं.

सही कदम

–       हर चीज समय पर ही अच्छी लगती है और सही भी रहती है. माना कि दिल किशोरावस्था में प्रेम की पींगें बढ़ाने को बेताब रहता है. प्रेम करना गलत नहीं है अवश्य करें, लेकिन सैक्स के लिए सही वक्त का इंतजार भी जरूरी है. तभी उस का असली मजा और आनंद ले पाएंगे वरना वह कुछ पलों का आनंद तो देगा लेकिन बाद में मन का सुकून भी छीन लेगा.

–       अगर फिर भी आप ने सैक्स का मन बना ही लिया है तो समय और स्थान का ऐसा चुनाव करें जो आप के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो और बाद में किसी मुसीबत में फंसाने वाला न हो, इसलिए किसी भी कमजोर पल में सैक्स करने का फैसला न लें बल्कि यदि सैक्स करना भी है तो सोचीसमझी योजना के तहत करें.

–       सैक्स के बाद यदि प्रैग्नैंसी आदि का वहम हो रहा है तो बिना डाक्टर को दिखाए खुद ही किसी नतीजे पर न पहुंचें, बल्कि सब से पहले इस बारे में अपने घर पर बड़ी बहन, मां आदि को बताएं. यह सच है कि आप को बताने में हिचकिचाहट होगी, डर भी लगेगा और शायद शर्मिंदगी भी होगी, लेकिन यह शर्मिंदगी उस मुसीबत से कम होगी जो न बताने पर आप को झेलनी पड़ सकती है. वह आप के घर वाले हैं, इस बात को सुन कर चाहे लाख नाराज हों, आप को डांटें, लेकिन इस मुसीबत से निकालने की जिम्मेदारी लेने में उन्हें देर नहीं लगेगी. उस समय वह वही करेंगे जो आप के लिए उचित होगा. इसलिए उन पर विश्वास कर हिम्मत कर के एक बार उन से सच कह डालिए, फिर देखिए कैसे आप की परेशानी हल होती है.

–       अगर आप का कोई बौयफ्रैंड है जिस पर आप बहुत विश्वास करती हैं तो भी उसे अपना कोई वीडियो आदि न बनाने दें चाहे कुछ भी हो जाए. वह रिश्ता तोड़ने की धमकी देता है तो न डरें, क्योंकि जो युवक आप से ऐसी बात कह रहा है वह किसी भी तरह का रिश्ता रखने के लायक नहीं है.

–       अगर सैक्स करना भी है तो इस बात का खयाल रखें कि उस की वजह से आप की पढ़ाई में कोई बाधा न आए. यह समय आप के भविष्य बनाने का है. इस में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए. सैक्स कर के कहीं हर वक्त उसी में खोए रह कर पढ़ाई करना न भूलें.

सैक्स के ये चार राज बड़े काम के हैं

वे आपके इशारों को नहीं समझ रहे हैं और आपने तय कर रखा है कि आप भी उन्हें नहीं बताने वालीं कि आप क्या चाहती हैं. पर कुछ तरीके ऐसे भी हैं जिनके सहारे सैक्स के दौरान आप बिन कुछ कहे अपनी इच्छाओं को पूरा करवा सकती हैं.

मादकता हमेशा सैक्सी लौन्जरीज, सेंशुअल परफ्यूम या स्मोकी आंखों में ही नहीं छिपी होती. सच है कि ये चीजें निजी पलों में उत्साह का संचार करती हैं, लेकिन कभी-कभी मन की बात मनवाने के लिए छल और चालाकी से भी गुरेज करें.

अक्सर पुरुषों को हल्का-सा इशारा समझ में नहीं आता और आपका शर्मीलापन लंबे इंतजार का कारण बन सकता है, जबकि र्स्माट चालें इस खेल में आपको मनचाहा नतीजा दे सकती हैं.

1. अपने भीतर की युवती को बाहर निकालें

वे मूड में नहीं हैं और आप हैं. हो सकता है कि वे सचमुच थके हुए हों या फिर केवल उन्हें थोड़ा उकसाने की जरूरत हो. ऐसे में समय की कसौटी पर खरे उतरे हथियार इस्तेमाल करें. ‘‘जब मैं सैक्स चाहती हूं और वे बहानेबाजी कर रहे होते हैं तो मैं सैक्स के झटपट सेशन का सुझाव देती हूं,’’ कहती हैं रोहिणी. वहीं नित्या कहती हैं, ‘‘मैं लौन्जरी उतारकर स्नग टी-शर्ट पहन लेती हूं. लेकिन ये नहीं दिखती कि मैं इसकी मांग कर रही हूं. फिर यदि वे किताब पढ़ रहे हैं तो मैं उनका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए फिजूल के सवाल पूछने लगती हूं.’’

2. इंतजार करवाएं

अपने साथी के साथ सेक्स के दौरान हम जानते हैं कि आगे क्या होनेवाला है. सेक्शुअल गतिविधियों का क्रम जैसे पूरी तरह पता होता है-गर्दन पर चुंबन, होंठों पर गहन चुंबन, नाभि पर चुंबन… इस एकरसता से उबरना चाहती हैं? तो इसे चुहलबाजी के साथ करें. खेलें और उन्हें आनंद से वंचित रखें. जहां बात खुद को बेहतर समझने का खेल खेलने की हो तो पुरुष इसे किसी महिला के साथ खेलने से कभी बोर नहीं होते.

3. हिम्मत करें

आप उम्मीद करती हैं कि वे घिसी-पिटी सेक्शुअल गतिविधियों के बजाय आपके शरीर के दाएं हिस्से पर ज्यादा समय बिताएं? तो उन्हें चुनौती देने की कोशिश करें. प्रत्येक पुरुष को चुनौती पसंद होती है. वो पूरी बेशर्मी से उसका सामना करेंगे. उनसे कहें कि आपको नहीं लगता कि आप ‘फलां’ चीज में अच्छे हैं और वे तुरंत आपको गलत साबित करने में जुट जाएंगे. यहां तरकीब ये है कि यह बात उन्हें चुनौती देने की तरह कहिए, व्यंग्य या ताने की तरह नहीं.

4. बाद का प्यार जरूर पाएं

संतुष्टिदायक पलों के बाद उनकी बेरुखी हमेशा ही झगड़े का करण बनता है. इस उन्माद के बाद उन्हें अकेला छोड़ दें, क्योंकि इजेकुलेशन के बाद उनके हार्मोन्स का स्तर उन्हें शिथिल कर देता है और वे आराम करना चाहते हैं. लेकिन कौन-सा पुरुष ये नहीं सुनना चाहता कि निजी पलों के दौरान उसका प्रदर्शन कितना बेहतरीन था? ‘‘जब मैं अपने बौयफ्रेंड को बताती हूं कि कहां-कहां उनका स्पर्श और चुंबन मुझे रोमांचित कर गया और जब उन्होंने कमान संभाली तो मैंने कितनी गर्माहट महसूस की तो वो मुझे अपनी ओर खींचकर आलिंगन में ले लेते हैं. मुझे लगता है जब कोई आपको प्यार करता है और इसका एहसास करता है तो आपको भी उसे ऐसा ही महसूस कराना चाहिए,’’ ये कहना है रानी का.

पलंगतोड़ सैक्स की चाहत को कैसे करें पूरा

यौन उत्तेजना या कहें सैक्स पावर. देसी भाषा में मर्दाना कमजोरी. उसे बढ़ाने की ललक को भुनाने वाला कारोबार सदियों से चला आ रहा है. इन दिनों नएनए तरीके और दवाओं का बाजार गर्म है. उस संबंध में कुछ सही तो कुछ गलत धारणाओं से भी लोग भ्रमित हो जाते हैं. और वे न केवल ठगे जाते हैं, बल्कि अपने शरीर का भी नुकसान कर बैठते हैं. इस के बावजूद भी सैक्स पावर के पीछे न केवल उम्रदराज मर्द बल्कि युवा भी इस तरह भाग रहे हैं कि…   कानपुर का रहने वाला  बिजनैसमैन सुंदर लखोटिया मर्दाना कमजोरी को ले कर चिंता में डूबा रहता था. हाल में ही उस की शादी हुई थी. उम्र 32 साल और पत्नी की उम्र 26-27 साल. वह अपनी पत्नी से यौन संबंध बनाने में खुद को कमजोर समझता था. इस की शिकायत पत्नी की तरफ से थी या नहीं, यह तो पता नहीं लेकिन फिर भी उसे लगता था कि उस की सैक्स लाइफ मजेदार नहीं है. जिस आनंद के बारे में उस ने दोस्तों से सुन रखा था, वैसा उसे कुछ भी अनुभव नहीं हो पा रहा था. पत्नी के साथ देर तक नहीं टिक पाता था. सैक्स की कुछ पोजीशनों के बाद ही स्खलित हो जाता था. एक रोज उस की नजर फेसबुक के जरिए एक विज्ञापन पर गई. वह एक कालसेंटर का विज्ञापन था, जिस में सैक्स समस्याओं के संबंध में सलाह देने की बात कही गई थी. उस ने तुरंत दिए गए नंबर पर काल कर दी.

कुछ समय में ही एक मैसेज आ गया. उस के साथ एक लिंक भी था. सुंदर ने झट लिंक को क्लिक कर दिया. उस पर सैक्स पावर बढ़ाने वाली कई जानकारियां थीं. उन में सैक्स पोजीशन, आहारविचार और लाइफस्टाइल से ले कर सैक्स की क्षमता बढ़ाने वाली गोलियां, स्प्रे और आयल की जानकारी भी थी. नीचे दिए रोहिणी, दिल्ली के पते से उसे कुरियर के जरिए मंगवाया जा सकता था. सुंदर ने बिना समय गंवाए और किसी से सलाहमशविरा किए बिना तुरंत 1800 रुपए का और्डर बुक कर दिया. महीनों बीतने के बावजूद और्डर का कोई कुरियर नहीं आया, उल्टे उसे पैसा कमाने के साथसाथ सैक्स के अनुभवों के बारे में प्रैक्टिकल जानकारियां लेने का एक औफर मिला.

वह औफर जिगोलो यानी ठेठ में कहें कि पुरुष वेश्या बन 30 की उम्र पार कर चुकी महिलाओं के साथ सैक्स करने का था. इस के बदले में रजिस्ट्रैशन फीस मांगी गई थी.  सुंदर के सामने एक ओर दूसरी औरतों के सैक्स की ललक थी और पैसा बनाने का मौका भी था. उस ने दिए गए नंबर पर काल की, वह कालसेंटर का नंबर था. टेलीकालर महिला ने उसे मीठीमीठी लुभावनी आवाज में समझा दिया कि इस से उस की सैक्स पावर बढ़ाने में मदद मिलेगी. इस के लिए निश्चित रजिस्ट्रैशन फीस चुकानी होगी. आश्वासन भी मिला कि उस के यहां से दवा और्डर बुक किया जा चुका है.

कुछ दिन बाद ही एक खबर पढ़ कर वह चौंक गया. खबर के अनुसार, राजधानी दिल्ली में रोहिणी इलाके की साइबर सेल ने एक ऐसे रैकेट का भंडाफोड़ किया था, जिस में 8 युवतियां भी शामिल थीं. सभी फरजी कालसेंटर में काम करने वाली टेलीकालर थीं.  उस का मुख्य आरोपी टेलीकालर लड़कियों के माध्यम से जिगोलो का काम दिलाने का झांसा दे कर ठगी करता था. पुलिस ने फरजीवाड़े के गैंग सरगना अमन विहार निवासी मेहताब को गिरफ्तार कर लिया.

खबर पढ़ कर सुंदर को समझते देर नहीं लगी कि वह एक फरजी कंपनी की ठगी का शिकार हो चुका है. असल में वह कंपनी सैक्स पावर बढ़ाने वाली ‘शक्तिवर्द्धक गोली’ और ‘पावर स्प्रे’ बेचने का काम करती थी. पुलिस द्वारा की गई शुरुआती जांच में देश भर के 50 से अधिक लोगों से ठगी की बात सामने आई. उस का सरगना मेहताब दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक था, उस ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर के दौरान अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी और यूपीएससी की तैयारी करने लगा था. उसी दौरान उस ने कुछ कालसेंटरों में काम भी किया था. साइबर सेल को समयपुर बादली निवासी सुमित ने 2 जून को घोखाधड़ी की शिकायत की थी. उस ने बताया था कि उसे कालसेंटर से एक लड़की का फोन आया था. उस ने जिगोलो का काम दिलवाने और सैक्स पावर की गोलियां देने का झांसा दिया था. उस से 70 हजार रुपए ठग लिए. आरोपी ने रजिस्ट्रैशन, बुकिंग और एडवांस के नाम पर उस से ठगी की थी.

उस शिकायत पर ही जिला पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र सिंह ने छापेमारी के आदेश दिए थे. कालसेंटर से 12 मोबाइल फोन, पेटीएम एप्लिकेशन चलाने के लिए इस्तेमाल एक एंड्राइड फोन, लेनदेन का विवरण रखने वाले 16 नोटबुक, कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर और ‘कार्य सुख पावर’ नाम की गोलियों की 5 बोतलें समेत स्प्रे की 5 बोतलें बरामद की गई थीं. कालसेंटर में काम करने वाली टेली कालर किसी भी नंबर पर फोन करती थीं. फोन पर बात करने वाले लोगों को यौनशक्ति बढ़ाने की दवा लेने के लिए प्रेरित करती थीं.

यदि कोई दावा करता था कि उस की यौनशक्ति ठीक है और उसे किसी भी दवा की जरूरत नहीं है, तब लड़कियां उन्हें जिगोलो सेवा में शामिल होने के लिए अच्छा पारिश्रमिक देने की बात कहती थीं. यौनशक्ति में कमी की शिकायत वालों को भी सैक्स करने के तरीके सिखाने की बातें करती थीं. उल्लेखनीय है कि सैक्स से जुड़ी परेशानियों के शिकार अमूमन नवविवाहित युवा हैं. वैसे हर मर्द सैक्स का आनंद नए अंदाज में लेना चाहता है. इसी का फायदा सैक्स पावर बढ़ाने वाला बाजार उठाता है.

सैक्स पावर को बढ़ाने के लिए मार्केट  में कई तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं, जिन में आयुर्वेदिक से ले कर एलोपैथिक दवा वियाग्रा तक है. लोगों का मानना है कि नपुंसकता दूर करने वाली वियाग्रा एक महंगी और पूरी दुनिया में सैक्स पावर को तेजी से बढ़ाने वाली गोली मानी जाती है. इस तरह की दवाइयों से मर्दाना कमजोरी को दूर करने के दावे किए जाते हैं. लेकिन इस के खतरे भी कम नहीं हैं. अगर शादी से पहले इन की आदत लग जाए या फिर छिपे हुए रोग ग्रसित होने की स्थिति में इस का सेवन खतरनाक हो सकता है. कई बार ऐसी दवाओं की लत लग जाती है. इस का एहसास 28 साल के अमित को शादी के बाद हुआ.

प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के रहने वाले अमित ने शादी से पहले सैक्स के अनेक अनुभवों के ख्वाब देखे थे. पोर्न फिल्मों से ले कर सैक्स पावर बढ़ाने वाली दवाइयों के बारे में जानकारी जुटा ली थी.  उस के साथ जो हुआ, वह सुख में सेंध जैसी बात ही कही जाएगी. शादी की पहली रात तो जैसेतैसे निकल गई. असल में वह नई पत्नी संग रोमांस सुख से अधिक पलंगतोड़ सैक्स सुख की उम्मीद लगाए हुए था. लेकिन उस की समस्या उस का बारबार स्खलित होना था. तब उस ने अगले रोज वियाग्रा की डबल खुराक ले ली.  पलंगतोड़ यौनाचार की ख्वाहिश प्रबल थी. दिमाग की नसों में सैक्स का रक्त तेजी से बहने लगा था. उस ने लिंग की उत्तेजना तो हासिल कर ली, लेकिन पत्नी की मनोदशा को नहीं समझ पाया. यह कहें कि दिमाग में सैक्स की सुखानुभूति असंतुलित हो गई. शरीर के दूसरे अंगों के साथ तालमेल नहीं बन पाया.

नतीजा वह वियाग्रा के साइड इफेक्ट का शिकार हो गया. डाक्टरी सलाह के बिना उस ने वियाग्रा की लगातार 4 गुना गोलियां खा लीं. सैक्स सुख में उस का आनंद कितना बढ़ा इस का तो पता नहीं, लेकिन वह अलग तरह के मनोवैज्ञनिक दबाव में जरूर आ गया था. उस असर को छिपा लिया. सोचा कुछ दिनों में अपने आप सही हो जाएगा. हालांकि जिसे वह सामान्य शारीरिक थकान और सिरदर्द समझ रहा था. दरअसल, वह उस के शरीर के लिए एक खतरे की घंटी थी. अचानक उस की तबीयत बिगड़ गई. काफी कमजोरी महसूस करने लगा. 5 जून, 2022 को उसे अस्पताल में भरती होने की नौबत आ गई. प्रयागराज के सब से बड़े सरकारी अस्पताल मोतीलाल नेहरू मैडिकल कालेज में उस का इलाज करने वाले डाक्टर भी उस की हालत देख कर हैरान थे.

डाक्टर के लिए यह अलग तरह का मामला था. डाक्टरी जांच में पाया गया कि उस  के लिंग में तनाव कम नहीं हो रहा है. साथ ही उस के शरीर के दूसरे हिस्से की नसें भी उभर गई थीं. डाक्टर इतना तो समझ गए थे कि मामला सैक्स से जुड़ा है. अमित से हमदर्दी जताते हुए पूछताछ की गई. उस ने बगैर कुछ छिपाए हुए वियाग्रा की डोज के बारे में बताया. डाक्टर के लिए चुनौती यह थी कि किस तरह से उस दवा के असर को खत्म किया जाए.

यूरोलौजी विभाग के हेड डा. दिलीप चौरसिया ने केस अपने हाथ में लिया. इलाज शुरू किया गया. प्राइवेट पार्ट की नसों के तनाव को कम करने के लिए दूसरी दवाओं का सहारा लिया गया, लेकिन इस का भी ध्यान रखा गया कि उन दवाओं के असर से दिल की धड़कनें प्रभावित न हों और दिमाग की नसों पर भी कोई असर न पड़े. डाक्टरों की टीम ने मुंबई के एक डा. रुपिन शाह के फार्मूले को अपनाया और पेनाइथल प्रोस्थेसिस के एक महीने के अंतर से 2 औपरेशन कर अमित को ठीक तो कर दिया लेकिन उस के लिंग का तनाव फिर भी कम नहीं हुआ. इस हालत में अमित को परिवार और समाज के सामने रहना असहज महसूस होने लगा. इस का डाक्टरों ने एक ही उपाय बताया कि वह मोटा कपड़ा पहने या लंगोट बांधे.

लिंग में हर समय उत्तेजना बने रहने का अमित को खामियाजा भी भुगतना पड़ा. पति की सैक्स पावर से परेशान हो कर उस की नवविवाहिता मायके चली गई. अमित के साथ घटित इस घटना से वैसे युवाओं को सैक्स पावर की दवाओं के सेवन के प्रति सतर्क कर दिया है. अधिकतर युवक लुभावने विज्ञापनों को देख कर यह कदम उठा लेते हैं. इस की खुराक का पता नहीं करते. नीमहकीमों के चक्कर में पड़ कर अपनी जिंदगी तबाह कर लेते हैं.

सैक्स पावर बढ़ाने की ललक में वह अपनी सैक्स पावर को और कम कर लेते हैं या फिर नपुंसकता के शिकार हो जाते हैं. कुछ नहीं तो प्रजनन क्षमता में कमी आ ही जाती है.  सैक्स रोग विशेषज्ञों ने सैक्स पावर बढ़ाने वाली गोलियों के सेवन और उस के दुष्प्रभाव के बारे में कई सुझाव दिए हैं. उस का सब से बुरा दुष्प्रभाव स्खलन दोष से संबंधित होता है. लंबे समय तक सैक्स के लिए उत्तेजना तो आ जाती है, लेकिन उस का टिकाऊपन उस का स्वस्थ शरीर और दूसरे मनोविज्ञान पर भी निर्भर करता है.

मैडिकल साइंस में इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक सैक्स संबंधी समस्या है, जिसे नपुंसकता के रूप में भी जाना जाता है. इरेक्शन अर्थात सैक्स के लिए उत्तेजना प्राप्त करने या बनाए रखने में असमर्थ होने पर यह समस्या पैदा होती है. मर्दों में यौन उत्तेजना एक जटिल समस्या है, जिस में हार्मोंस, मस्तिष्क, भावनाएं, मांसपेशियां, तंत्रिकाएं और रक्त वाहिकाएं शामिल हैं. इन में से किसी भी हिस्से की समस्या होने की स्थिति में इरेक्टाइल डिसफंक्शन आ सकती है.  हालांकि पुरुषों के एक बड़े वर्ग में यह खराब हृदय स्वास्थ्य के कारण होता है. यही कारण है कि दिल के मरीजों को इस समस्या के निपटारे के लिए सैक्स पावर की गोलियां खाने से बचने की सलाह दी जाती है. वियाग्रा के अधिक सेवन से होने वाली मौतों का कारण हार्ट अटैक ही पाया गया है.

सामान्य स्वास्थ्य बीमारियां, जैसे हृदय रोग, उच्च कोलेस्ट्राल, उच्च रक्तचाप और मधुमेह सभी एक पुरुष की यौन उत्तेजना हासिल करने या बनाए रखने की क्षमता को प्रभावित करते हैं. यौन उत्तेजना में कमी का उपचार शारीरिक रोगों को ध्यान में रख कर किया जाता है. वैसे इस के लिए कई दवाएं उपलब्ध हैं. उन में वियाग्रा (सिल्डेनाफिल), सियालिस (तडालाफिल), वर्डेनाफिल (लेवित्रा) और अवानाफिल (स्टेंद्र) प्रचलन में हैं. इन का सेवन डाक्टरी सलाह के बगैर करना काफी खतरनाक हो सकता है.

ये दवाएं रक्त में नाइट्रिक आक्साइड के स्तर को बढ़ा कर अपना काम करती हैं. नाइट्रिक आक्साइड रक्त वाहिकाओं को चौड़ा कर देता है. इस संबंध में किए गए अध्ययनों से पता चला है कि इस से लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है. ऐसा होने पर पुरुषों के लिए यौन उत्तेजना प्राप्त करने और बनाए रखने में सहूलियत होती है. यौन उत्तेजना वाली दवा के दुष्प्रभाव के बारे में पुरुषों को सचेत रहने की जरूरत है. दुष्प्रभावों में सिरदर्द, चक्कर आना, नाक और छाती में अधिक खून का जमाव, शरीर में ऐंठन, पाचन संबंधी समस्या, नजर दोष और त्वचा के रंग में बदलाव होते हैं.

कई पुरुषों में ऐसी दवा लेते समय छाती और नाक में रक्त जमाव का अनुभव होता है या फिर नाक बहने जैसी समस्या आ जाती है. ये दुष्प्रभाव भी नाइट्रिक आक्साइड के बढ़े हुए स्तर के कारण होते हैं. इस का स्तर बढ़ने पर नाक बंद हो जाती है और छाती में जमाव हो जाता है. सीने में दर्द होने लगता है. यही हृदय गति में तेजी आने का कारण बन जाता है.

सैक्सवर्धक दवा न केवल पाचन को प्रभावित कर देती है, बल्कि पूरे शरीर की मांसपेशियों में दर्द की समस्या को भी बढ़ा देती है. पीठ के निचले हिस्से में दर्द होने लगता है. इन दवाओं को लेने से दस्त और अपच का खतरा भी बढ़ जाता है. सैक्सवर्धक दवाओं का इंसान पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है, इस से दवा बनाने वाली कंपनियों को कोई खास मतलब नहीं. उन की नजर तो धंधे के मुनाफे पर है. वे करोड़ों की कमाई कर रही हैं.

नीमहकीमों की तो बात ही अलग है. वे तो अच्छेभले इंसान में भी कई तरह की कमियां निकाल कर उन का संबंध सैक्स से जोड़ देते हैं. इस के बाद वे जिस तरह जेब ढीली करते हैं, उस का अहसास बाद में होता है. कुल मिला कर स्वस्थ और सुखद यौन संबंध के लिए जीवनशैली को सहज सरल बना कर ही यौन आनंद की अनुभूति की जा सकती है, जो हमारे दैनिक संतुलित आहार से संभव है. सैक्स के लिए किए जाने वाले प्रयोग जोखिम से भरे होते हैं

उन खास पलो में ऐसे दोगुना होगा मजा

जया और रमिका लंच कर रही थीं. 8 घंटे की औफिस ड्यूटी के बीच यही समय मिलता है दोनों को अपना सुखदुख बांटने का. दोनों की हाल ही में शादी हुई है. पिछले 5 सालों से दोनों एक ही कंपनी में काम कर रही हैं.

खाना खाने के बाद वे एकदूसरे से बैडरूम की बातें करने लगीं. बातें गरमागरम थीं इसलिए वे दोनों औफिस से नजदीक ही एक पार्क में चहलकदमी करने लगीं.

जया ने बताया कि उस की सैक्स लाइफ काफी रोचक है. पतिपत्नी सैक्स में कई तरह के प्रयोग करते हैं. कभी उभार चूमना और उंगलियां फेरना एकसाथ करते हैं, तो कभी कंडोम पहनने के बाद उभार को उठा कर उसे चूमते हैं. इस मस्ती भरी छुअन के बाद वे सैक्स का मजा लेते हैं.

जया की इस बात पर रमिका मुसकराई. जया के पूछने पर रमिका ने बताया कि उस के पति उसे संतुष्ट नहीं करते. यह सुन कर जया चौंक गई.

इस पर रमिका ने कहा, ‘‘मेरा वह मतलब नहीं था. मेरे पति के लिए सैक्स का मतलब है न्यूड हो कर मेरे ऊपर आओ. शादी के 1-2 महीने बाद तक मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता था, लेकिन अब नहीं.

‘‘जया बताओ न, मैं क्या करूं? मुझे सैक्स को बोरिंग नहीं बनाना है.’’

जया ने रमिका को सैक्स बटन के बारे में बताया जिन को इस्तेमाल में ला कर आज रमिका खुश दिखती है.

क्या आप जानते हैं सैक्स बटन की एबीसी?

दरअसल, औरतों में सिर से ले कर पैर तक सारे अंग कामुक होते हैं. अगर आप जानते हैं कि उन्हें सही तरीके से कैसे छूना है तो उन के शरीर का हर अंग मजा दिला सकता है.

1. होंठ

होंठ चूमना किसी औरत के लिए एक बड़ा टर्निंग पौइंट होता है. जब रिलेशन बन रहे होते हैं तो चूमना ऐसी पहली चीज होती है जो पहले मना की जाती है, लेकिन इस में देरी न करें.

होंठ उत्तेजक नसों से लबालब भरे होते हैं. लिहाजा, इन्हें तुरंत जीभ में नहीं डुबाना चाहिए. सब से पहले औरत के निचले होंठ पर अपनी जीभ फेरें, फिर उसे अपने होंठों के बीच फंसा कर चूसें. साथ ही, उसे भी ऐसा करने दें.

जब आप उसे चूम रहे हों तो अपने हाथ उस की गरदन पर रखें या फिर उस की कमर या कूल्हों पर या फिर इस दौरान इन सभी जगहों पर हाथ फेर सकते हैं.

2. बैकबोन

इस हिस्से के बारे में बहुत से लोग अनजान हैं, लेकिन यह औरतों को सब से ज्यादा जोश में लाने वाली जगह होती है. आप उन की स्पाइन पर अपनी उंगलियों को आराम से फिराएं. इस से आप अपने पार्टनर को बहुत जल्द कामुक कर सकते हैं.

3. उंगली

जीभ के बाद उंगलियों को शरीर का सब से सैंसिटिव हिस्सा माना जाता है. आप अपने पार्टनर की उंगलियों के ऊपरी हिस्से को चूम सकते हैं या हलके से दांत भी चुभा सकते हैं. दबाने से औरतों में जोश बढ़ता है. साथ ही, जैसेजैसे जोश बढ़ता जाता है आप को उस की उंगलियों को अपने होंठों के बीच ले जाना चाहिए, फिर होंठों से सहलाते हुए धीरेधीरे चूसना चाहिए. इस से वह नशे की सी हालत में आ जाएगी.

4. गरदन

औरतों की गरदन को भी काफी सैंसिटिव माना जाता है. गरदन की स्किन काफी पतली होती है, इसलिए यहां छूने पर काफी अच्छा महसूस होता है.

अगर आप अपनी उंगलियां सही जगह रख कर कौलरबोन सहलाएं तो पार्टनर को बहुत अच्छा महसूस होगा.

5. कान

जोश में लाने वाले बौडी पार्ट्स में कान बहुत काम के होते हैं. अपने पार्टनर के कानों को अपने होंठों से छुएं, चूमें या हलका सा काट लें और फिर देखिए उन का मूड.

6. पैर

बिस्तर पर जाने से पहले आप अपने पार्टनर से पैर धोने की गुजारिश करें, क्योंकि पैर सैक्सी होते हैं और इन्हें भी प्यार की जरूरत है.

पार्टनर के तलवों को चूम कर आप उसे जोश में ला सकते हैं. शुरुआत छोटी उंगली से करें. पैरों को सहलाते हुए रगड़ना एक औरत के लिए यह जबरदस्त अनुभव होता है. इस से उस के शरीर के दूसरे अंग भी उत्तेजित होने लगते हैं. इस की वजह यह है कि पैरों को सहलाने पर दिमाग का एक बड़ा हिस्सा जोश का अनुभव करता है इसलिए सैक्स से इस काम को नजरअंदाज न करें.

7. स्तन

स्तन महिला के सैक्सुअल अंगों में खास जगह रखते हैं. पर इस के लिए सीधे छलांग न लगाएं. स्तनों को तब तक न छुएं जब तक कि आप को यह न पता चल जाए कि वह चाह रही है कि आप उस के स्तनों को छुएं.

इस के लिए शुरुआत किनारे से करें, फिर गोल घेरे में अपनी उंगलियां स्तनों के चारों ओर घुमाएं. ऐसा तब तक करें जब तक स्तनों के निप्पल के चारों ओर के गुलाबी या भूरे रंग के गोल घेरे तक न पहुंच जाएं. यहां कुछ देर तक उंगलियां फिराने के बाद निप्पल तक पहुंचना चाहिए.

अब आप निप्पल को सहलाते हुए थपथपाएं, खींचें, दबाएं, चूमें और चूसें. इस दौरान आप चाहें तो हलके से दांतों से काट सकते हैं.

जब आप का मुंह एक स्तन पर है तो इस दौरान आप का हाथ दूसरे स्तन पर होना चाहिए तभी वह सबकुछ सौंपने को तैयार होगी. इस के बाद स्तन बदल कर यही दोहराएं. फिर दोनों हाथों से स्तनों को जम कर दबाना चाहिए. साथ ही, बीच में अपने पार्टनर से पूछें कि उसे स्तनों में कौन सी छुअन मजा देती.

कभी भी पार्टनर की इच्छाओं को नजरअंदाज न करें. स्तनों के बीच का हिस्सा कई बार नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यह भी कामुक जगह  है.

8. भग

भग क्षेत्र में छलांग लगाना काफी आसान होता है लेकिन उस के पहले उस गूदेदार क्षेत्र को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो रोमों से घिरा होता है. इसे थपथपाना और रगड़ना पार्टनर को सिसकने पर मजबूर कर देगा.

योनि वह दूसरा क्षेत्र है जहां कई आदमी स्तनों को उत्तेजित करने के बाद सीधे पहुंच जाते हैं. जैसे ही औरतें उत्तेजित होती हैं उन का गर्भद्वार ऊपर की ओर खिसक जाता है, जिस से योनि की गहराई बढ़ जाती है और आप को गहरे तक जाने का मजा मिलता है.

इसलिए यह आप की पसंद का मामला है कि आप उसे कितना गीला कर सकते हैं. जितना समय यहां दिया जाएगा उतना ही मजा आप को प्रवेश पर मिलेगा.

मेरा बौयफ्रेंड घर वालों की मरजी से शादी कर रहा है लेकिन मैं उसके बिना नहीं रह सकती, क्या करूं?

सवाल
मैं 22 वर्षीय  युवती हूं. मुझे फेसबुक पर एक युवक की फ्रैंड रिक्वैस्ट आई वह काफी हैंडसम युवक था, सो मैं ने उस से दोस्ती कर ली. फिर हमारी रोज बातचीत होने लगी. बातोंबातों में सैक्स की बातें भी होने लगीं, हम दोनों मिलने भी लगे और शारीरिक संबंध भी बने, लेकिन अब जबकि उस लड़के ने मुझ से शादी का वादा किया था वह घर वालों की मरजी से शादी कर रहा है. मैं उस के बिना नहीं रह सकती. मैं क्या करूं?

जवाब
फेसबुक पर अकसर दोस्ती होती है औैर ऐसे संबंधों के बाद धोखा मिलता है. यह आजकल आम बात है, यह जानते हुए भी आप ने जो कदम बढ़ाया वह जिंदगी भर का जोखिम लिया है. आगे भी भविष्य में आप के लिए ऐसा प्रेमी दुखदायी रहेगा. अपनी भावनाओं पर काबू रखें और उस से बिलकुल नाता तोड़ लें.

अपने आप को अन्य कामों में बिजी रखेंगी तो उसे भूल पाएंगी. फिर सोचसमझ कर अपनी जिंदगी को जीएं. ऐसे जालसाजों से सदा बच कर रहें. उस से उस की शादी के बाद भी मिलने की कोशिश न करें, वह आप का दोहन ही करेगा, आप की भावनाओं का फायदा ही उठाएगा. इस समय आप की थोड़ी सी समझदारी आप को जिंदगी भर का सुकून प्रदान करेगी.

कालेज में पढ़ने वाले युवाओं को सैक्स संबंध बनाना हो या फिर लिव इन रिलेशनशिप में रहना हो, उन्हें इस बारे में अधिक सोचविचार की आवश्यकता नहीं होती. एक समय था जब विवाहपूर्व सैक्स के बारे में सोचना गलत माना जाता था, लेकिन आज तमाम सर्वे पर नजर डालें तो न सिर्फ युवा बल्कि किशोरकिशोरियों को भी सैक्स से कोई परहेज नहीं है. यह बात सही हो सकती है, लेकिन बिना सोचेसमझे सैक्स और इसे गंभीरता से लिए बिना कोई कदम उठाना सही नहीं है. इस से खुद को ही नुकसान हो सकता है. इसलिए सैक्स को मजाक न समझें, बल्कि गंभीरता से लें.

यह मजाक नहीं है

कई बार युवा अपने दोस्तों की देखादेखी या फिर दोस्तों में लगी शर्त को पूरा करने के चक्कर में सैक्स संबंध स्थापित करते हैं, ताकि वे अपने दोस्तों के बीच दबदबा बना सकें. लेकिन उन्हें इस बात का पता ही नहीं रहता कि कुछ पलों के हंसीमजाक के चलते उन्होंने अपनी जिंदगी का कितना अहम कदम बिना सोचेसमझे उठा लिया है. इसलिए सैक्स को गंभीरता से लें.

शादी के बाद होगी मुश्किल

शादी के बाद पति को भी इस का पता चल सकता है. यदि अपनी किशोरावस्था में आप ने सैक्स को गंभीरता से नहीं लिया और अपने फ्रैंड से कई बार सैक्स संबंध बनाए तो हो सकता है शादी के बाद पति को इस बात की किसी तरह भनक लग जाए और अगर ऐसा हुआ तो आप की खुशहाल जिंदगी क्या करवट लेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता.

यौन संबंधी बीमारियों का डर

आमतौर पर विवाहपूर्व सैक्स संबंध शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर सुरक्षित नहीं माने जाते. असुरक्षित सैक्स से कई यौन रोग भी गले पड़ सकते हैं, जो जानलेवा होते हैं. यदि कम उम्र में ऐसे संबंध स्थापित किए जाते हैं तो इस का असर शारीरिक विकास पर पड़ता है. इस के साथ ही सामाजिक संबंधों पर भी इस का गहरा असर पड़ता है.

साथी के साथ ही करें सैक्स

सैक्स हमेशा उसी के साथ करें जिसे आप ने जीवनसाथी बनाना है. कोशिश करें कि शादी से पहले अपने बौयफ्रैंड से सैक्स संबंध न बनाएं, क्योंकि उस के मन में यह विचार आ सकता है कि जो लड़की मेरे साथ सैक्स कर सकती है उस ने औरों के साथ भी संबंध बनाए होंगे. किसी अजनबी के साथ सैक्स संबंध बनाना न तो ठीक है और न ही सुरक्षित. सैक्स संबंधों में जल्दबाजी न करें बल्कि जिस के साथ सैक्स करना है उस के बारे में अच्छी तरह जान कर व सोचसमझ कर ही आगे बढ़ें. यह भी ध्यान रहे कि वह संबंध बनाने की बात दूसरों को न बता दे.

जगह का चुनाव करें

सैक्स कहां कर रहे हैं, यह भी काफी माने रखता है. वह जगह सेफ न हुई या किसी ने होटल के कमरे में वीडियो क्लिपिंग बना ली तो क्या होगा, इसलिए जहां मन हुआ सैक्स कर लिया ऐसा नहीं होना चाहिए. सैक्स करने से पहले गंभीरता से सोचें कि इसे कहां किया जाए.

ब्लैकमेलिंग से बचें

बौयफ्रैंड के पास आप के कुछ पर्सनल फोटो हो सकते हैं, जिन से आगे चल कर वह आप को ब्लैकमेल भी कर सकता है, इस बात का भी ध्यान रखें, फिर चाहे वह बौयफ्रैंड हो या कोई और. सैक्स  से पहले यह बात जरूर सोच लें कि इस वजह से कहीं आप ब्लैकमेलिंग का शिकार न हो जाएं, इसलिए इन बातों का विशेष खयाल रखें.

प्रैग्नैंसी का खतरा

इस बात पर भी विचार करना जरूरी है कि अगर आप ने बिना सोचेविचारे जल्दबाजी में सैक्स संबंध बनाने का फैसला किया और उस दौरान कोई सावधानी नहीं बरती तो गर्भ ठहरने का खतरा भी बना रहता है. यदि ऐसा होता है तो आप मानसिक तनाव से घिर जाएंगी, क्योंकि इस का दुष्प्रभाव आप की पूरी जिंदगी पर पड़ेगा.

डिप्रैशन न हो जाए

जब कई बार इन संबंधों में दरार पड़ती है तो दोनों पक्षों को ही गहरा मानसिक आघात पहुंचता है. ऐसे में सामाजिक और नैतिक बंधनों के चलते विवाहपूर्व सैक्स संबंध बनाने की शर्म, ग्लानि, अविश्वास, तनाव तथा एकदूसरे के प्रति सम्मान की कमी जैसे कारक मुख्य भूमिका निभाते हैं.

डेटिंग को डेटिंग ही रहने दें

कई बार डेटिंग के दौरान भी सैक्स संबंध बन जाते हैं. जहां डेटिंग का मकसद एकदूसरे को भलीभांति जानना होता है वहीं वे उस मकसद को भूल सैक्स संबंध स्थापित कर लेते हैं. सैक्स के लिए तो पूरी जिंदगी पड़ी है, लेकिन अभी समय एकदूसरे को जाननेसमझने का है. यह वक्त दोबारा नहीं आएगा, इसलिए पहले दोनों एकदूसरे को भलीभांति समझ लें और अपने रिश्ते को कुछ समय दें. उस के बाद इस पायदान पर आएं.

अच्छा नहीं उतावलापन

सैक्स के लिए उतावलापन अच्छा नहीं है इसलिए आप को प्रोफैशनल या बाजारू महिला या पुरुष के साथ सैक्स संबंध बनाने से बचना चाहिए. यह पूरी तरह गलत है. इस से आप गलत लोगों के चंगुल में भी फंस सकते हैं.

जबरदस्ती सैक्स न करें

सैक्स जबरन नहीं करना चाहिए. आप को किसी के दबाव या किसी अन्य कारण से सैक्स करने से बचना चाहिए. साथ ही किसी डर की वजह से भी सैक्स नहीं करना चाहिए. मन के सारे भ्रम और आशंकाएं निकालने के बाद ही सैक्स संबंध बनाएं.

सही कदम

–       हर चीज समय पर ही अच्छी लगती है और सही भी रहती है. माना कि दिल किशोरावस्था में प्रेम की पींगें बढ़ाने को बेताब रहता है. प्रेम करना गलत नहीं है अवश्य करें, लेकिन सैक्स के लिए सही वक्त का इंतजार भी जरूरी है. तभी उस का असली मजा और आनंद ले पाएंगे वरना वह कुछ पलों का आनंद तो देगा लेकिन बाद में मन का सुकून भी छीन लेगा.

–       अगर फिर भी आप ने सैक्स का मन बना ही लिया है तो समय और स्थान का ऐसा चुनाव करें जो आप के लिए पूरी तरह सुरक्षित हो और बाद में किसी मुसीबत में फंसाने वाला न हो, इसलिए किसी भी कमजोर पल में सैक्स करने का फैसला न लें बल्कि यदि सैक्स करना भी है तो सोचीसमझी योजना के तहत करें.

–       सैक्स के बाद यदि प्रैग्नैंसी आदि का वहम हो रहा है तो बिना डाक्टर को दिखाए खुद ही किसी नतीजे पर न पहुंचें, बल्कि सब से पहले इस बारे में अपने घर पर बड़ी बहन, मां आदि को बताएं. यह सच है कि आप को बताने में हिचकिचाहट होगी, डर भी लगेगा और शायद शर्मिंदगी भी होगी, लेकिन यह शर्मिंदगी उस मुसीबत से कम होगी जो न बताने पर आप को झेलनी पड़ सकती है. वह आप के घर वाले हैं, इस बात को सुन कर चाहे लाख नाराज हों, आप को डांटें, लेकिन इस मुसीबत से निकालने की जिम्मेदारी लेने में उन्हें देर नहीं लगेगी. उस समय वह वही करेंगे जो आप के लिए उचित होगा. इसलिए उन पर विश्वास कर हिम्मत कर के एक बार उन से सच कह डालिए, फिर देखिए कैसे आप की परेशानी हल होती है.

–       अगर आप का कोई बौयफ्रैंड है जिस पर आप बहुत विश्वास करती हैं तो भी उसे अपना कोई वीडियो आदि न बनाने दें चाहे कुछ भी हो जाए. वह रिश्ता तोड़ने की धमकी देता है तो न डरें, क्योंकि जो युवक आप से ऐसी बात कह रहा है वह किसी भी तरह का रिश्ता रखने के लायक नहीं है.

–       अगर सैक्स करना भी है तो इस बात का खयाल रखें कि उस की वजह से आप की पढ़ाई में कोई बाधा न आए. यह समय आप के भविष्य बनाने का है. इस में किसी भी तरह का कोई व्यवधान नहीं आना चाहिए. सैक्स कर के कहीं हर वक्त उसी में खोए रह कर पढ़ाई करना न भूलें.

 

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