Social Story: अंगरेजी भाषा की अब्रिवेशन बड़ी कमाल की होती हैं. कभी ये खूबसूरत होती हैं, तो कभी ये नटखट होती हैं, कभी ये चुलबुली होती हैं, तो कभी खौफनाक भी होती हैं. अब आप पूछेंगे कि अब्रिवेशन का मतलब क्या होता है?
दरअसल, जब किसी लंबे शब्द या वाक्यांश का छोटा रूप होता है और जिसे समय बचाने और जगह बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो उसे अब्रिवेशन कहा जाता है. जैसे सोशल मीडिया पर जब हम लिखते हैं ‘एलओएल’ तो इस का पूरा मतलब होता है लाफिंग आउट लाउड. ऐसे ही जब हम लिखते हैं ‘टीडीएस’ तो इस का पूरा मतलब होता है टैक्स डिडक्शन एट सोर्स. आजकल सोशल मीडिया पर
एक और अब्रिवेशन तैर रहा है ‘फोमो’ (एफओएममो), जिस का पूरा मतलब है फियर औफ मिसिंग आउट. इसे हिंदी में कहेंगे कुछ छूट जाने का डर.
आजकल यही ‘फोमो’ शब्द सोशल मीडिया के लती लोगों के जी का जंजाल बना हुआ है. कुछ मिस न हो जाए हमारी नजरों से या हम ऐसा कुछ दें सोशल मीडिया पर कि दूसरों से मिस न हो. और ऐसा ही कुछ अनोखा करने या देखने के चक्कर में नौजवान पीढ़ी पर ऐसा मानसिक तनाव सिर चढ़ कर बोल रहा है कि उन की रातों की नींद उड़ी हुई है. सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ का भूत पाने के लिए कुछ महिलाओं की कारिस्तानी देखिए. मामला पिछले साल के आखिरी महीनों का है. हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में एक महिला इंस्टाग्राम यूजर ने चरस तैयार करने की प्रोसैस दिखाती हुई रील अपने अकाउंट पर अपलोड कर दी थी. इस वीडियो के चलते पुलिस ने न केवल उस महिला, बल्कि उस के साथ नजर आ रहीं 4 और महिलाओं के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया था.
एक बड़े अंगरेजी अखबार की खबर के मुताबिक, मणिकरण थाने में तैनात असिस्टैंट सबइंस्पैक्टर नेकराम, जो बतौर एक्टिंग स्टेशन हाउस औफिसर काम कर रहे थे, सोशल मीडिया की मौनिटरिंग कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें यह रील नजर आई, जिस में 5 महिलाएं एक बरामदे में बैठ कर चरस तैयार करती दिख रही थीं, जबकि चरस तैयार करने और उसे औनलाइन प्रमोट करने का यह काम एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 28 और 29 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है.
एक और मामले पर नजर डालते हैं. पिछले साल के नवंबर महीने में ऐसा ही एक वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा था, जिस में एक लड़की अपने दोस्तों के साथ बाइक पर स्टंट करने की कोशिश करती दिखी थी. कैमरा चालू था, म्यूजिक बज रहा था और लड़की पूरे जोश में हैंडल छोड़ कर बाइक दौड़ा रही थी. पर जैसे ही लड़की ने दोबारा हैंडल पकड़ने की कोशिश की, उस का बैलेंस बिगड़ गया, जिस से बाइक डगमगाई और देखते ही देखते वह सड़क पर जा गिरी. पिछले साल दिसंबर महीने में एक लड़का शादी में लगे घूमने वाले रील कैमरे के सामने खड़ा हो कर पोज दे रहा था, इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने मजाक के तौर पर उस के कपड़ों में हलकी सी आग लगा दी.
कुछ ही सैकंड में चिनगारी बढ़ कर लपटों में बदल गई. जैसे ही उस लड़के ने पीछे मुड़ कर आग लगी हुई देखी, वह घबरा गया और खुद को बचाने के लिए इधरउधर हाथ मारने लगा. आसपास खड़े उस के दोस्तों ने शर्ट से आग बु झाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि कोशिशों के बावजूद लपटें पूरी तरह नहीं बु झ पा रही थीं. सवाल उठता है कि सोशल मीडिया हैंडल पर ‘लाइक्स’ पाने के चक्कर में लोग अपनी जान से क्यों खेल रहे हैं या ऐसे वीडियो क्यों बना रहे हैं जो बाद में आफत बन जाते हैं? इस का सीधा सा जवाब यह है कि आप सोशल मीडिया को अपना दोस्त मानते हैं जो आप की मदद करने के मकसद से बनाया गया है या ऐसा छिपा दुश्मन जो आप को एक ऐसी भरम कर देनी वाली दुनिया में ले जाता है जहां आप ‘फोमो’ का शिकार हो जाते हैं.
इस चक्कर में लोग ज्यादातर नौजवान सोशल मीडिया के इस कदर दीवाने हो जाते हैं कि बेवजह इसे ही खंगालते रहते हैं और जो लोग रील बनाने के लती हो चुके हैं वे तो रोज नया कुछ बनाने के चक्कर में ऐसी नादानियां कर बैठते हैं कि उन की तो जान जाती ही है, उन के घर वाले सारी जिंदगी
उस दर्द के साए में जीने को मजबूर हो जाते हैं. हाल ही में हरियाणा के झज्जर जिले में 2 नौजवानों की रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कट कर मौत हो गई थी. वे दोनों आपस में जीजासाले थे, जो रील बनाने के लिए दिल्ली सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर गए थे. इसी दौरान दोनों ‘बरेली ऐक्सप्रैस’ ट्रेन की चपेट में आ गए.
उन की पहचान 20 साल के राहुल और 21 साल के रोहित के रूप में हुई थी. वे दोनों चंपारण, बिहार के रहने वाले थे. राहुल नाम का लड़का रोहित के बड़े भाई का साला था. रोहित दिल्ली के टीकरी बौर्डर पर किराए के मकान में रहता था और सैलून चलाता था. कुछ दिन पहले ही राहुल की बहन की शादी हुई थी और वह 27 दिसंबर, 2025 को वह बहादुरगढ़ लौटा था. वह भी रोहित के साथ सैलून चलाता था. सोशल मीडिया का एक कड़वा सच यह भी है कि बहुत से किशोर इतने ज्यादा एडिक्ट हो गए हैं कि अगर घर वाले उन्हें टोकते हैं, तो वे घर से ही भाग जाते हैं. हापुड़, उत्तर प्रदेश की 2 छात्राओं को परिवार वालों का रील बनाने से मना करना और डांट लगाना इतना बुरा लग गया कि उन्होंने घर छोड़ दिया.
घर वालों की गलती इतनी थी कि उन छात्राओं को पढ़ने के लिए कह दिया था. वे दोनों लड़कियां 8वीं जमात की थीं. बाद में पुलिस उन्हें ढूंढ़ कर लाई. राजस्थान के अजमेर शहर में मिस्त्री महल्ला गुलाब बाड़ी के रहने वाले जय किशन की पत्नी रितु बंसीवाल फिल्मी गानों पर इंस्टाग्राम रील बना कर अपलोड करती थी. इस पर पति ने एतराज किया तो नाराज पत्नी अपने 2 साल के छोटे बेटे को ले कर अचानक बिना किसी को बताए घर से निकल गई.देखा जाए तो इस में सोशल मीडिया से ज्यादा उन लोगों की गलती है जो इसी आभासी दुनिया को अपना सम झ लेते हैं और सबकुछ छोड़छाड़ कर इस फैंसी दुनिया पर तन, मन और धन से न्योछावर हो जाते हैं.
इन्हीं लोगों को जब सोशल मीडिया पर मनचाही अटैंशन नहीं मिलती है, तो वे तनाव का शिकार हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उन से बढ़ कर कोई नहीं है और इसी के चलते बहुत से लोग खासकर लड़कियां बदनदिखाऊ कपड़े पहन कर रील बनाती हैं. बेहूदा चुटकुले सुनाती हैं और जब इस से भी बात नहीं बनती है तो वे बेपरदा तक हो जाती हैं. पर वे यह भूल जाती हैं कि यह सब कब तक उन के काम आएगा.
ऐसे लोग पढ़ाईलिखाई से कोसों दूर हो जाते हैं और जब उम्र बढ़ने लगती है तो उन्हें रोजगार का खयाल आता है, पर तब तक चिडि़या खेत चुग चुकी होती है. हाथ में रह जाता है डिप्रैशन और ‘फोमो’ का झुन झुना. जो बजता है तो डिप्रैशन का लैवल और ज्यादा बढ़ जाता है. Social Story



