सरस सलिल विशेष

किसी भी मुद्दे पर अपनी बेबाकी से राय रखने वाली कंगना रनौत एक बार फिर से सुर्खियों में है, कंगना रनौत ने इसबार महिलाओं के बारें में अपनी राय रखी हैं. कंगना खुद को रील और रियल लाइफ की आदर्श व खास श्रेणी की अभिनेत्री नहीं मानती हैं. वह अपना जीवन अपनी पसंद के मुताबिक जीती हैं, लेकिन उनका मानना है कि 21वीं सदी में भी महिलाओं को अपनी आवाज उठाने में मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं, अगर कोई महिला महत्वकांक्षी होती है, खुद पैसा कमाना चाहती हैं या किसी पर निर्भर नहीं होना चाहती हैं, तो उसे खलनायिका के रूप में देखा जाता है.

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उन्होंने आगे कहा, “जो महिलाएं अपनी पसंद से चलती हैं और जो अपने अधिकारों के लिए लड़ती हैं, उन्हें हमेशा विद्रोहियों के रूप में देखा जाता है.

कंगना ने कहा कि मैं बाकि लड़कियों कि तरह नहीं हूं. मैं हमेशा सबसे पहले खुद के बारें में सोचती हूं और खुद को ही प्राथमिकता देती हूं. मेरा जीवन मेरा है और मैं इसे अपने लिए जीना चाहती हूं. मैं उस सिद्धांत पर बिल्कुल भी नहीं चलती, जिसमें कहा जाता है कि लड़कियों को अपने बारे में नहीं सोचना चाहिए और लड़कियां बलिदान देने के लिए बनी हैं.

उन्होंने आगे कहा कि मैं उन महानतम नायिकाओं की श्रेणी में शामिल नहीं हूं जो सबसे महान भारतीय महिला हैं और हर किसी को खुद से पहले रखती हैं और सबसे आखिर में खुद के बारे में सोचती हैं. मैं अपनी क्षमता का उपयोग करना चाहती हूं और खुद को जानना चाहती हूं.

उन्होनें कहा कि अगर समाज में निर्भय होकर और स्वयं के अनुसार जीना है तो महिलाओं को अब सबसे पहले खुद के बारें में सोचना होगा. क्योंकि उनके अच्छे जीवन और सफलता का रास्ता वो खुद ही बना सकती हैं कोई ओर उनके लिए आगे नहीं आने वाला.