कोलकाता के अलगअलग इलाकों में रहने वाला एक समुदाय  ‘बेटी बचाओ’ पर तो पूरा ध्यान देता है, लेकिन ‘बेटी पढ़ाओ’ से बिलकुल इत्तिफाक नहीं रखता है.