बरसों बाद अपने लापता पति की सूरत देख कर सरिता धक से रह गई. अब तक बच्चों की नजर में पिता कुसूरवार बन चुके थे लेकिन वह अपने पति की मजबूरी अच्छी तरह समझ सकती थी. ऐसे में उस ने ऐसा फैसला लिया कि बच्चों को भी अपनी गलती का एहसास हो गया.