कौन कहता है कि पराए अपने नहीं हो सकते. नए शहर में आ कर सौम्या अकेली पड़ गई थी. लेकिन उस ने अपनेपन का ऐसा तानाबाना बुना कि रिश्ते अपनेआप बनते गए...
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