सच्चे प्रेम से खिलवाड़ करना किसी बड़े अपराध से कम नहीं है. प्रेम मनुष्य को अपने अस्तित्व का वास्तविक बोध करवाता है. प्रेम की शक्ति इंसान में उत्साह पैदा करती है. प्रेमरस में डूबी प्रार्थना ही मनुष्य को मानवता के निकट लाती है.

मुहब्बत के अस्तित्व पर सेक्स का कब्जा

आज प्रेम के मानदंड तेजी से बदल रहे हैं. त्याग, बलिदान, निश्छलता और आदर्श में खुलेआम सेक्स शामिल हो गया है. प्रेम की आड़ में धोखा दिए जाने वाले उदाहरणों की शृंखला छोटी नहीं है और शायद इसी की जिम्मेदारी बदलते सामाजिक मूल्यों और देरी से विवाह, सच को स्वीकारने पर डाली जा सकती है. प्रेम को यथार्थ पर आंका जा रहा है. शायद इसी कारण प्रेम का कोरा भावपक्ष अस्त हो रहा है यानी प्रेम की नदी सूख रही है और सेक्स की चाहत से जलराशि बढ़ रही है.

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • अनगिनत लव स्टोरीज
  • मनोहर कहानियां की दिलचस्प क्राइम स्टोरीज
  • पुरुषों की हेल्थ और लाइफ स्टाइल से जुड़े नए टिप्स
  • सेक्सुअल लाइफ से जुड़ी हर प्रॉब्लम का सोल्यूशन
  • सरस सलिल मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की चटपटी गॉसिप्स
  • समाज और देश से जुड़ी हर नई खबर
Tags:
COMMENT