इस भागदौड़ भरी जिंदगी सेहत से जुड़ी समस्या का होना एक आम बात है. सर्दी जुखाम एक ऐसी समस्या है जो मौसम के बदलने पर सभी को हो ही जाती है और इसे एक हफ्ता या उससे भी ज्यादा समय लग जाता है  खत्म होने में. कई बार तो हम इन छोटी-छोटी समस्या के लिए डाक्टर की सलाह भी नही लेते. आयुर्वेद ने हम ऐसी कई औषधी से मिलाया है जिसके इस्तेमाल से एक दो नहीं बल्कि कई बीमारियों में फायदेमंद शाबित हो सकती है. जी हां हम बात कर रहे है स्वाद में मीठी मुलेठी की. आमतौर पर मुलेठी का इस्‍तेमाल पान में किया जाता हैं. मुलेठी सर्दी-जुखाम जैसी छोटी बीमारियों के साथ-साथ आपकी कई अन्‍य बड़ी बीमारियों में भी वरदान साबित हो सकती है. तो चलिए जानते है मुलठि के फायदें…

बच्चे को स्‍तनपान के संबंध में

अधिकतर महिलाओं में गर्भावस्‍था के बाद दूध का उत्‍पादन र्प्‍याप्‍त नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में आप मुलेठी का सेवन कर सकते हैं. इसके लिए आप 2 चम्‍मच मुलेठी पाउडर, 3 चम्‍मच शतावरी पाउडर और 2 ग्राम मिश्री को एक गिलास उबले दूध में मिलाकर पिएं. इससे महिला के दूध उत्‍पादन में वृद्धि होती है और बच्‍चे के लिए र्प्‍याप्‍त मां का दूध मिल पाता है.

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अल्‍सर और कमजोरी के लिए रामबाण

अगर आप हमेशा थका हुआ महसूस करते हैं, तो आप 2 ग्राम मुलेठी चूर्ण के साथ 1 चम्‍मच घी और 1 चम्‍मच शहद को गर्म दूध के साथ मिलाकर पिएं. इससे आपकी थकान व कमजोरी दूर होगी. इसके अलावा पेट में अल्‍सर की समस्‍या होने पर आप 1 गिलास दूध के साथ 1 चम्‍मच मुलेठी चूर्ण मिलाकर दिन में 2 या 3 बार मिलाकर पी सकते हैं.

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दिल की समस्या के लिए असरकारक

अगर आप दिल की बीमारी से परेशान है तो इसके लिए आप 2 ग्राम मुलेठी और 2 ग्राम कुटकी का चूर्ण,  ग्राम मिश्री लें और इसे एक गिलास पानी में घोल लें. इसे आप प्रतिदिन दो बार से अधिक न पिएं. अगर आपको दिल की बीमारियों के अलावा भी कोई रोग या समस्या है, तो उसमें भी आपको इससे फायदा मिलेगा.

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