असल में भारत की विदेश नीति अब ढुलमुल हो गई है. यह बिलकुल हिंदू राजाओं की पौराणिक परंपरा पर चलती नजर आ रही है जिस में राजा हर रोज पाला बदलते थे और कोई भी दूरगामी परिणाम की नहीं सोचता था.