बसंत का मौसम रंगीन फूलों और खिली धूप का होता है और जब शरीर पर बसंती रंग चढ़ता है तो फिर वही आभा खिलती है जो प्रकृति में खिलती है. बसंती बदन पर हजारों कवियों ने वैसा ही लिखा है जैसा बसंती प्रकृति पर लिखा है.