जो लोग सदियों से इन दोनों जमातों को अछूत, पराया, गरीब, बेसहारा, बेचारा और ध्यान न देने लायक मानते रहे हैं, इन के वोट पाने के लिए दड़बेनुमा, बदबूदार महल्लों में भी गए.