आयकर के दायरे में आने की सीमा बढ़ाना तो महज औपचारिकता है. उस से सरकार का काम घटेगा और जो थोड़ाबहुत राजस्व का नुकसान होगा वह रिटर्नों के साथ सिर न खपाने से बच जाएगा.