हरियाणा,छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों की सरकारों ने कहा है कि उन्हें नए इंजीनियरिंग कालेजों की जरूरत नहीं है.