देशभर के टैक्सी, ट्रक, टैंपो, कमर्शियल ड्राइवर व साधारण दोपहिया चलाने वाले आधे पढ़े किसान, मजदूर आजकल नए ट्रैफिक चालानों के डर से दुबके हुए हैं.