भाजपा सरकारें बारबार यह जताने में लगी हैं कि देश में उन की और ऊंची जातियों की मेहरबानी से पिछड़े (शूद्र) व दलित (अछूत) जिंदा हैं और उन्हें थोड़ीबहुत जगह समाज में दी जा रही है.