जीवन उतना सरल नहीं है जितना आज के किशोरों को लगता है. एक समय था जब किशोरों को अपने घरों में ही भाईबहनों व रिश्तेदारों के साथ प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता था. हां, उन दिनों घर आज की तरह सूने नहीं होते थे. फिर भी सत्य यह है कि किशोर आज ज्यादा पा रहे हैं और यह हमेशा मिलता रहेगा, सुरक्षा रहेगी, सोचना गलत है. बड़े पेड़ के वे दिन सब से खतरनाक होते हैं जब उस का तना एक लाठी या डंडे के लायक हो जाए. तभी उस को उखाड़े जाने के अवसर ज्यादा होते हैं. इसी तरह गरमियों में भी उगते सूरज की रोशनी भाती है पर वह ज्यादा देर तक लुभावनी नहीं रहती. किशोरावस्था में वह मजबूती नहीं होती जो परिपक्वता आने पर मिलती है.

साथ ही मिलेगी ये खास सौगात

  • अनगिनत लव स्टोरीज
  • मनोहर कहानियां की दिलचस्प क्राइम स्टोरीज
  • पुरुषों की हेल्थ और लाइफ स्टाइल से जुड़े नए टिप्स
  • सेक्सुअल लाइफ से जुड़ी हर प्रॉब्लम का सोल्यूशन
  • सरस सलिल मैगजीन के सभी नए आर्टिकल
  • भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की चटपटी गॉसिप्स
  • समाज और देश से जुड़ी हर नई खबर
COMMENT