जिन आरोपियों की तलाश में पुलिस इधर-उधर भटकती रही और यहां तक की थाना प्रभारी की पिटाई तक हो गई . उस हत्या के पार्श्व मे कोई और चेहरा, विलेन  नहीं बल्कि उसी की पत्नी का कारनामा उजागर हुआ है.

पत्नी मंजू बघेल ने अपने प्रेमी  और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने ही  पति कामता बघेल की गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था. छत्तीसगढ़ में घटित इस सनसनीखेज वारदात राष्ट्रीय स्तर पर हुई थी बलौदा बाजार भाटापारा शांत जिला कहलाता है जहां भाटापारा थाना के एक खेत में सुबह-सुबह एक शख्स को गोली मार दी जाती है पुलिस इस मामले पर सतर्क होती है और या हत्याकांड चर्चा का बयास बन जाता है इस एक तरह से अबूझ हत्याकांड की सच्चाई आपको सोचने पर विवश कर देगी कि समाज में आज क्या क्या घटित हो जाता है और उसके दुष्परिणाम परिवार को भोगना पड़ता  है.

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पति लगने लगा, जब प्रेम में रोड़ा

बलौदा बाजार भाटापारा जिला की पुलिस कप्तान नीथू कमल ने मामले का खुलासा करते हुए संवाददाता को बताया कि गोलीकांड में मृतक पति कामता बघेल की पत्नी आरोपी मंजू बघेल, आशिक यदु कुमार नवरंगे और साथी रामू यादव व राजा बाबू को गिरफ्तार किया गया है. इन चारों ने ही मिलकर हत्या  कांड को अंजाम दिया था.

पुलिस द्वारा हत्या में इस्तेमाल पिस्टल को बरामद कर लिया गया है. पाठकों को बताते चलें कि कामता बघेल की हत्या भाटापारा के ग्राम सुरखी शराब भट्ठी के पास 5 अक्टूबर  2019 को की गई  थी.मृतक की पत्नी मंजू बघेल पूर्व में सब्जी मंडी भाटापारा में मजदूरी का काम करती थी.

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यही  उसका आलू प्याज,टमाटर बेचने वाले बिटकुली  के निवासी यदू  नवरंगे से प्यार हो गया था. इसकी जानकारी पति को 6 महीने पहले लगी थी. जिसके बाद पति ने पत्नी को समझाया और ताड़ना भी की.  जब समझाने का बाद भी बात नहीं बनी तो परिवार  मे  विवाद बढ़ने  लगा, कामता बघेल का जीवन दूभर हो गया.

प्रेमी के साथ किया षड्यंत्र

कामता की पत्नी मंजू  पति को छोड़कर एक दिन  अपने मायके चली गई . कामता परेशान  रहने  लगा . जनता कोशिश करता रहा कि मंजू बघेल को सद्बुद्धि आ जाए मगर प्रेम के भंवर में फंस कर वह मानो सब कुछ भूल चुकी थी. यही कारण है कि पति को रास्ते से हटाने के लिए उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा और 1 दिन गोली मारकर कामता बघेल की हत्या कर दी गई.

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पुलिस इस मामले में लगातार कांच तेज करती चली गई परिणाम स्वरूप सूचना मिलने पर आरोपी यदू कुमार नवरंगे को पूछताछ की गयी. पूछताछ में पता चला कि  कामता की पत्नी का यदू कुमार नवरंगे से लगातार संपर्क था और दोनों के बीच प्रगाढ़ प्रेम संबंध भी था.

पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होता चला गया कि मृतक के कारण दोनों का मिल पाना संभव नहीं हो पा रहा था जिस पर मृतक की पत्नी ने यदू नवरंगे के साथ मिलकर चन्द्रकात बघेल उर्फ कामता को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया.  पति को रास्ते से हटाने के बाद एक साथ आंध्र प्रदेश या अन्य किसी प्रांत भाग जाने योजना भी उन्होंने बना रखी थी.

मृतक कामता की पत्नी मंजू के खातिर षड्यंत्र कारी यदू कुमार नवरंगे अपने पत्नी एवं बच्चों को भी छोड़ने के लिए तैयार हो चुका था. सहयोगी आरोपी रामू यादव के पास पिस्तौल थी. जिससे कामता बघेल को मारने  स्वीकृति दे दी. यदू कुमार नवरंगे द्वारा अपने अन्य दो दोस्त रामू यादव और राजा बाबू के साथ मिलकर कामता को मिलने के लिए बुलाया.

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शराब भट्टी सुरखी रोड के पास रामू यादव एवं यदू कुमार नवरंगे ने कामता की गोली मारकर हत्या कर दी और रामू यादव ने उपयोग किए गए पिस्तौल को सुरखी पुल के पास छुपा कर रख दिया था. पुलिस ने अब चारों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. घटना में इस्तेमाल बाइक एवं पिस्तौल को आरोपियों के कब्जे से मेमोरेंडम के आधार पर बरामद कर लिया गया है.

कहानी सौजन्य-मनोहर कहानियां

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