वह एक ऐसी बहती नदी की तरह थी, जिस का बहाव अपने साथ बहुत कुछ बहा ले जाता है. उसे अपनी खूबसूरती का अहसास अच्छी तरह था. जब भी वह शहर की गलियों और चौराहों से गुजरती, लोगों की निगाहें उस के हसीन और गठीले बदन से चिपक जाती थीं.