देश का मीडिया आजकल कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहा है. सब से बड़ी बात यह है कि पाठकों और दर्शकों की मुफ्त में बिना पैसे दिए जानकारी पाने की भूख मीडिया की जड़ों में तेजाब डाल रही है.