कहने को हम दुनिया की सब से तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं, कहने को जगद्गुरु हैं, कहने को यहीं ज्ञान का उदय हुआ था, कहने को यहीं संस्कार, संस्कृति, स्थिरता, सभ्यता है और कहने को यहीं दुनिया का नेतृत्व करने वाला है.