ख्वाहिशों पर त्याग की लगाम और खुशियों पर पाबंदियों का विराम लगाना भले ही करुणा का मिजाज बन गया हो लेकिन विरेश को यह सब दिल में कांटे की तरह चुभता. ऐसे में एक दिन.