शेरसिंह व प्रीति अपनी शादी के मजे ठीक से लूट पाते उससे पहले ही शमसेर सिंह दिल्ली उनके घर पर आ धमकते हैं. प्रीति को देखकर उनका दिमाग गर्म हो जाता है. फिर शुरू होता है झूठ पर झूठ बोलने का सिलसिला.