आजकल ब्राह्मणों का स्थान प्रवचन करने वाले धर्मगुरुओं ने ले लिया है, जो जनता को तो मोह से मुक्त होने का उपदेश देते हैं लेकिन खुद दान का पैसा लूटने में लगे हैं.