ऐसा पहली दफा हुआ था कि आदिवासी बाहुल्य सीटों पर भाजपा ने बाजी मार ली थी. इस के बाद से हर चुनाव में आदिवासी भाजपा को जिताते रहे थे, तो इस की वजहें भी थीं.