पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए आभा उम्र की उस दहलीज पर पहुंच गई थी जहां उसे प्रौढ़ा कहा जा सकता था. लेकिन ऐसा कैसे हो गया? अभी तो उस ने अपनी उम्र जी ही नहीं थी. इस प्रश्न का जवाब उसे खुद ही ढूंढ़ना था.