निशा और मयंक जिंदगी के एक मोड़ से जुदा हो, बरसों बाद आज फिर एकदूसरे के सामने खड़े थे. लेकिन अब फासला इतना बढ़ गया था कि चाह कर भी करीब नहीं आ सकते थे.