शक वह कीड़ा है जो दांपत्य जीवन की दीवारों को खोखला कर देता है. ऐसा ही शक का कीड़ा सविता के दिमाग में कुलबुलाने लगा था. पति की बेवफाई से दुखी सविता तो कुछ समझने को तैयार नहीं थी.